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वीरभद्र, प्रतिभा सहित सभी आरोपियों को मनी लांड्रिंग केस में मिली जमानत

अदालत ने वीरभद्र सिंह और अन्य लोगों को पचास हजार के जमानती बांड देने का निर्देश दिया है।

Danik Bhaskar | Mar 23, 2018, 06:52 AM IST

शिमला. मनी लांड्रिंग केस में हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह सहित अन्य पांच लोगों को सीबीआई की विशेष अदालत ने वीरवार को जमानत दे दी है। अदालत ने वीरभद्र सिंह और अन्य लोगों को पचास हजार के जमानती बांड देने का निर्देश दिया है।


विशेष सीबीआई कोर्ट ने जारी किया था समन

पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी समेत पांच लोगों के खिलाफ मनी लांड्रिंग केस में विशेष सीबीआई कोर्ट ने बतौर आरोपी समन जारी किया था। कोर्ट के आदेश पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पहली फरवरी को इन सभी के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल किया था।

22 मार्च को अगली सुनवाई

पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई जज संतोष स्नेही मान ने आरोपियों को मामले की अगली सुनवाई 22 मार्च को कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया है। ईडी ने बीमा एजेंट आनंद सिंह चौहान के खिलाफ सितंबर 2016 में चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट ने इसके मद्देनजर ईडी को पूरक आरोप पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया था। आनंद चौहान को 8 जुलाई 2016 को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसी ने वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी के अलावा यूनिवर्सल ऐपल एसोसिएट के मालिक चुन्नी लाल चौहान, प्रेम राज व लवण कुमार रोच को पूरक आरोप पत्र में नामजद किया था।

ये है मामला

पूर्व मुख्यमंत्री पर केंद्र में मंत्री रहते हुए आय से ज्यादा संपत्ति कमाने के मामले में सीबीआई ने आैर मनी लांड्रिंग के केस में ईडी ने मामला दर्ज किया है। वीरभद्र सिंह ने कारोबारी वक्कामुल्ला चंद्र शेखर से लोन लिया है, छह करोड़ के ऋण सीएम के परिवार ने उस व्यक्ति से लिया है, जिसने हिमाचल में ही बिजली प्रोजेक्ट लगाया है। यह ऋण लेकर बीमा किया है।