--Advertisement--

वायरल हो रही बाइक चलाती लड़की, जंगल के बीच से गुजरते करती है ये काम

सोशल मीडिया पर एक सूट पहनी महिला की बाइक से वेक्सिनेशन किट लेकर जाते हुए तेजी से वायरल हो रही है।

Dainik Bhaskar

Jan 27, 2018, 07:00 PM IST
Calendar girl from himachal pradesh photos viral with bike

मंडी. सोशल मीडिया पर एक सूट पहनी महिला की बाइक से वेक्सिनेशन किट लेकर जाते हुए तेजी से वायरल हो रही है। इस फोटो को वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के कैलेंडर 2018 के फर्स्ट पेज पर भी रखा गया है। यह फोटो हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में रहने वाली गीता वर्मा की है। गीता एक हेल्थ वर्कर हैं और मुश्किल हालात में भी अपनी ड्यूटी बखूबी निभा रही हैं। DainikBhaskar.com ने उनसे बात कर उनका संघर्ष जानने की कोशिश की।

1 साल की थीं गीता, जब अलग हो गए थे मम्मी-पापा

- गीता वर्मा मंडी जिले के शिकारी देवी के आसपास के घने जंगलों में खुंखार जंगली जानवरों की परवाह किए बगैर टेढ़े-मेढ़े कच्चे रास्ते पर बाइक से पहुंचकर बच्चों का टीकाकरण करती हैं।
- 30 साल की गीता बताती हैं, "मैं मंडी जिले के महुनाग इलाके की रहनेवाली हूं। मेरा जन्म 16 अप्रैल 1988 को हुआ। अकसर बच्चे कपल्स के बिखरते रिश्ते को जोड़ देते हैं, लेकिन मेरे केस में ऐसा नहीं था।"
- "खतरों से लड़ना मैंने बचपन में ही सीख लिया था। मैं महज एक साल की थी जब मेरे मम्मी-पापा का डिवोर्स हो गया। मेरी मां नाना-नानी के पास रहती थीं। वहीं मेरी परवरिश हुई। मेरे नाना का एप्पल का बगीचा था। वही बेचकर हमारा घर का खर्च चलता था। सिंगल मदर होने के बावजूद मेरी मां ने मुझे कभी किसी चीज की कमी नहीं होने दी।"
- बता दें कि बच्चों की हेल्थ के लिए गीता वर्मा का जज्बा देखते हुए WHO ने भी उनकी सराहना की है।
- हाल ही में स्टेट के सीएम जयराम ठाकुर ने उन्हें सम्मानित किया।

Calendar girl from himachal pradesh photos viral with bike

5 साल की उम्र में 15 कि.मी. पैदल जाती थी स्कूल

 

- गीता बताती हैं, "मेरा गांव का काफी इंटीरियर इलाके में था। वहां की सड़कें बहुत ही खराब थी। मेरे गांव में स्कूल नहीं था। सड़के खराब होने के कारण मेरे गांव में स्कूल बस भी नहीं आ पाती थी।"
- "मैं 5 साल की थी, लेकिन पढ़ाई के लिए पैदल स्कूल जाना ही पड़ता था। कोई और साधन था ही नहीं। स्कूल घर से लगभग 7.5 किमी दूर था। डेली 15 किमी आना-जाना पड़ता था।"
- "एक-दो साल तो मां मुझे स्कूल तक छोड़ने आती-जाती थी, लेकिन दूसरी क्लास में आने के बाद मैं गांव की बच्चियों के साथ आने-जाने लगी। मां पर घर की भी जिम्मेदारी थी।"
- गीता ने जालंधर के गुरुनानक इंस्टीटयूट से 2008 में एनएनम किया है। 2011 में इन्होंने ग्रैजुएशन कंप्लीट किया। 

Calendar girl from himachal pradesh photos viral with bike

ऐसे आया था बाइक चलाने का आइडिया

 

- गीता बताती हैं, "मेरा ग्रैजुएशन कंप्लीट होते ही मां ने मेरी शादी करवा दी थी। मेरे हसबैंड केसी वर्मा सीआईडी की शिमला ब्रांच में हेड कॉन्स्टेबल हैं।"
- "शादी के तीन-चार महीने बाद मैंने हेल्थ डिपार्टमेंट में जॉब के लिए अप्लाई किया था। बचपन से ही मुझे एडवेंचर पसंद था। मैंने हसबैंड से कहा कि मैं पब्लिक टैक्सी-ऑटो की जगह खुद गाड़ी चलाकर जॉब पर जाना चाहती हूं। उन्हें मेरा आइडिया अच्छा लगा। उन्होंने अपनी पुरानी बाइक मुझे दे दी।"
- "हसबैंड ने मुझे बाइक के साथ ही फोर व्हीलर ड्राइव करना भी सिखाया। आज मैं मुश्किल से मुश्किल रास्तों पर भी खुद बाइक राइड कर ड्यूटी के लिए जाती हूं।"

Calendar girl from himachal pradesh photos viral with bike

बच्चे और ड्यूटी को ऐसे करती हैं मैनेज

 

- गीता बताती हैं, "हमारा एक 5 साल का बेटा है। जब वो 1 साल का था, तब मैं उसे दूसरे के हवाले करके ड्यूटी करने जाती थी। अब वो बड़ा हो गया है। मैं डेली उसे अपने साथ स्कूल छोड़ने के लिए जाती हूं। उसके बाद स्कूल से छुट्टी होने पर शाम को उसे घर लेकर आती हूं।"

- इनके हसबैंड की पोस्टिंग शिमला है और ये बेटे और सास-ससुर के साथ अकेली मंडी में रहती हैं। गीता बताती हैं, "वे छुट्टियों में ही घर आ पाते हैं।"

X
Calendar girl from himachal pradesh photos viral with bike
Calendar girl from himachal pradesh photos viral with bike
Calendar girl from himachal pradesh photos viral with bike
Calendar girl from himachal pradesh photos viral with bike
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..