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गोल्ड कारोबारियों को दी 14 करोड़ की छूट की जांच, नियमों के खिलाफ पहुंचाया फायदा

कांग्रेस सरकार ने तर्क दिया था कि पड़ोसी राज्यों में इस तरह का टैक्स नहीं था।

Bhaskar News | Last Modified - Mar 23, 2018, 06:42 AM IST

  • गोल्ड कारोबारियों को दी 14 करोड़ की छूट की जांच, नियमों के खिलाफ पहुंचाया फायदा

    शिमला.वीरभद्र सरकार के समय में गोल्ड कारोबारियों पर दिखाई गई मेहरबानी की जांच अब स्टेट विजिलेंस करेगी। 2017 में राज्य के दो गोल्ड कारोबारियों को तत्कालीन सरकार ने 14 करोड़ की टैक्स छूट दी थी। कैबिनेट की बैठक में आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों से लेकर वित्त विभाग ने इसके लिए इनकार किया था, इसके बावजूद कारोबारियों को यह फायदा दिया गया था। जयराम सरकार ने पिछले महीने हुई कैबिनेट की बैठक में इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच करवाने का फैसला लिया था।

    उद्योग विभाग आैर आबकारी एवं कराधान विभाग ने इस मामले में जांच से संबंधित रिकाॅर्ड अब विजिलेंस को सौंप दिया है। पूर्व वीरभद्र सरकार के समय में हमीरपुर आैर परवाणू मे गोल्ड रिफाइनरी चला रहे कारोबारियों को यह टैक्स छूट दी गई थी। इसमें हमीरपुर के कारोबारी को 5.70 आैर परवाणू के कारोबारी को 8.25 करोड़ की छूट दी थी। उद्योग विभाग ने इसका पूरा रिकॉर्ड विजिलेंस को सौंपा है। दोनों कारोबारी प्रदेश में रॉ गोल्ड लाकर उसे रिफाइन करते हैं। इस पर राज्य सरकार ने सबसे पहले 1% एंट्री टैक्स लगाया था। इनके आग्रह पर ही राज्य सरकार ने इसे आधा फीसदी कर दिया। इसके बाद इसे बढ़ाकर 0.75% कर दिया। तीन बार एंट्री टैक्स की दर बदलवाने के बाद कारोबारियों ने सरकार से इसे माफ करवा लिया था।

    पूर्व कांग्रेस सरकार ने यह दिया था तर्क

    कांग्रेस सरकार ने तर्क दिया था कि पड़ोसी राज्यों में इस तरह का टैक्स नहीं था। इसलिए हिमाचल के कारोबारियों को प्रतिस्पर्धा में परेशानी हो रही थी। इनकी मांग को देखते हुए ही टैक्स में छूट फैसला लिया था। टैक्स माफ करने के प्रस्ताव पर राज्य के विधि विभाग आैर वित्त विभाग ने भी आॅब्जेक्शन जताई थी। इसमें तर्क दिया था कि पाॅलिसी के तहत किसी को छूट दी जा सकती है, लेकिन सीधे तौर पर वित्तीय राहत देने से सरकारी खजाने पर भार पड़ेगा।

    तत्कालीन मंत्री तक पहुंच सकती है जांच की आंच

    मामले में जांच की आंच तत्कालीन सरकार के मंत्री तक भी पहुंच सकती है। मामला भले ही उद्योग विभाग की आेर से गया था, लेकिन आबकारी एवं कराधान विभाग ने भी इसमें काफी रुचि दिखाई थी। राज्य के प्रधान सचिव उद्योग एवं कार्मिक आरडी धीमान ने माना कि कैबिनेट के फैसले के बाद गोल्ड रिफाइनरी मामले में पूरा रिकाॅर्ड विजिलेंस को भेज दिया है।

    वीरभद्र सरकार के समय में गोल्ड कारोबारियों पर दिखाई गई मेहरबानी की जांच अब स्टेट विजिलेंस करेगी। 2017 में राज्य के दो गोल्ड कारोबारियों को तत्कालीन सरकार ने 14 करोड़ की टैक्स छूट दी थी। कैबिनेट की बैठक में आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों से लेकर वित्त विभाग ने इसके लिए इनकार किया था, इसके बावजूद कारोबारियों को यह फायदा दिया गया था। जयराम सरकार ने पिछले महीने हुई कैबिनेट की बैठक में इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच करवाने का फैसला लिया था। उद्योग विभाग आैर आबकारी एवं कराधान विभाग ने इस मामले में जांच से संबंधित रिकाॅर्ड अब विजिलेंस को सौंप दिया है।

    पूर्व वीरभद्र सरकार के समय में हमीरपुर आैर परवाणू मे गोल्ड रिफाइनरी चला रहे कारोबारियों को यह टैक्स छूट दी गई थी। इसमें हमीरपुर के कारोबारी को 5.70 आैर परवाणू के कारोबारी को 8.25 करोड़ की छूट दी थी। उद्योग विभाग ने इसका पूरा रिकॉर्ड विजिलेंस को सौंपा है। दोनों कारोबारी प्रदेश में रॉ गोल्ड लाकर उसे रिफाइन करते हैं। इस पर राज्य सरकार ने सबसे पहले 1% एंट्री टैक्स लगाया था। इनके आग्रह पर ही राज्य सरकार ने इसे आधा फीसदी कर दिया। इसके बाद इसे बढ़ाकर 0.75% कर दिया। तीन बार एंट्री टैक्स की दर बदलवाने के बाद कारोबारियों ने सरकार से इसे माफ करवा लिया था।

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