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सीबीआई गुनहगारों को लेकर कोर्ट को करती रही बस गुमराह, लोगों ने लगाए आरोप

सुराग देने वालों को 10 लाख देने की घोषणा के बाद रोष चुनाव के बाद अब सीबीआई पर फुटेगा जनता का आक्रोश।

Dainik Bhaskar

Dec 21, 2017, 08:18 AM IST
CBI misuses mischief on court, accused people

शिमला. गुड़िया गैंगरेप और मर्डर केस में सीबीआई की ओर से जांच के लिए तीन माह का और अतिरिक्त समय मांगने पर हाईकोर्ट ने फिर सख्त नाराजगी दिखाई। हाईकोर्ट ने कहा है कि जांच एजेंसी की ओर से और वक्त मांगे जाने को लेकर दिए आवेदन पत्र को देखकर काफी दुख हुआ।

- हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या कोई ऐसी एजेंसी नहीं है जो इस केस को सॉल्व करे। हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी भी की कि सीबीआई कहे कि यह केस ब्लाइंड है और कुछ भी पता नहीं चल रहा है।

- ऐसे में जांच के लिए चाहे एक साल का समय मांग लें, लेकिन स्टेटस रिपोर्ट पेश समय हर बार यह कहें कि उसके पास लीड है। क्योंकि अगर लीड होती तो केस अब तक सुलझ गया होता। पांच महीने पहले गुड़िया की हत्या और रेप की जांच एजेंसी सीबीआई छह महीने जांच करने के बाद भी किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पाई।

- हाइकोर्ट ने सीबीआई द्वारा तीन महीने का समय मांगे जाने पर बुधवार काे ये टिप्पणी की है। हाइकोर्ट ने इस केस में अब सीबीआई डायरेक्टर निजी शपथपत्र यानी एफिडेविट देकर स्टेटस रिपोर्ट दे।

- गुड़िया गैंगरेप और मर्डर मामले में हाईकोर्ट ने सीबीआई के डायरेक्टर को निजी शपथ पत्र के माध्यम से स्टेटस रिपोर्ट दायर के आदेश दिए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किए। सीबीआई ने बुधवार को हाईकोर्ट में गुड़िया मामले में सातवीं बार स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की।

- सुनवाई के दौरान सीबीआई ने बंद लिफाफे में रिपोर्ट पेश की। स्टेटस रिपोर्ट के अवलोकन के बाद कोर्ट ने पाया कि सीबीआई इस केस को सुलझाने में जरूरत से ज्यादा ही समय मांग रही है। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि मामले की जांच अधिकांश वैज्ञानिक विश्लेषण पर निर्भर है।

- सीबीआई ने हाईकोर्ट को बताया कि हाल ही जांच में उनके हाथ कुछ नई लीड लगी है अतः यह कहना उपयुक्त नहीं होगा कि मामला नहीं सुलझ सकता। सीबीआई के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि जांच टीम की मॉनीटरिंग डीआईजी लेवल के अधिकारी ही नहीं बल्कि डायरेक्टर खुद भी कर रहे हैं। मामले में अगली सुनवाई 10 जनवरी को रखी गई है।

सीबीआई कर रही है मामले में लीपापोती : तनुजा
- सिमिट्री के मदद सेवा ट्रस्ट की अध्यक्ष तनुजा थापटा ने कहा कि सीबीआई मामले में लीपापोती कर रही है। सीबीआई से लाखों लोगों की उम्मीद जुड़ी है कि वह गुनहगारों को पकड़े, मगर अभी तक की जांच से नहीं लग रहा है कि अधिकारियों ने गंभीरता दिखाई हो। उन्होंने कोर्ट से गुहार लगाई कि गुड़िया के गुनहगारों को पकड़ने के लिए सीबीआई को कड़े निर्देश दिए जाएं। ताकि मामला जल्द सुलझ जाए।

- तनुजा ने यह बातें कोर्ट में कही। मामले की सुनवाई के बाद तनुजा ने गुड़िया मामले में कुछ बातें कहने के लिए कोर्ट से समय मांगा था। कोर्ट ने उन्हें बोलने का मौका दिया। कोर्ट ने उन्हें आश्वास्त भी किया कि इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया गया है, इसलिए सीबीआई से बार-बार स्टेटस रिपोर्ट मांगी जाती है

नया बहाना... सीएफएसएल से नहीं मिल रहा सहयोग
सीबीआईने कोर्ट को बताया कि जांच साइंटिफिक एविडेंस पर निर्भर है। यहां से डीएनए जांच के लिए जो सैंपल सीएफएसएल दिल्ली भेजे जाते हैं, उनकी रिपोर्ट समय पर नहीं मिल रही है। इस कारण भी देरी हो रही है। सीबीआई ने बताया कि यह लैब उनके अधीन भी नहीं है, इसलिए दवाब भी नहीं डाला जा सकता है। लैब गृह मंत्रालय के अंडर है। गृह मंत्रालय के आदेशों पर ही डीएनए जांच के लिए भेजे सैंपलों की जल्द जांच हो सकती है। सीबीआई ने डीएनए जांच के लिए 173 लोगों के सैंपल भेजे हैं, इनमें से अभी तक 57 की ही रिपोर्ट आई है।
मीडिया ही दे दे सीबीआई को सुराग
हाईकोर्टने मीडिया कर्मियों समेत आम लोगों से भी अपील की है कि गुड़िया मामले को सुलझाने में सीबीआई को सुराग देकर मदद करें। कोर्ट ने कहा कि जिस पर संदेह है उसके बारे में लिखित तौर पर सीबीआई को दें ताकि वह मामले को जल्द सुलझा सके।

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