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पांच दिन के रिजल्ट को लग रहे हैं 5 माह, SSC में चयन प्रक्रिया में किया जाए बदलाव

महत्वपूर्ण कड़ी में पूर्व सरकार द्वारा की गई व्यवस्था अभ्यार्थियों के लिए परेशानी का सबब तो बनी ही है।

Danik Bhaskar | Feb 20, 2018, 05:18 AM IST

हमीरपुर. यहां स्थित स्टाफ सिलेक्शन कमीशन में 11 डॉक्यूमेंट और 15 अंक, अब कमीशन के गले की फांस बने हुए हैं। पांच दिन के रिजल्ट को 5 माह तक का इंतजार करना पड़ रहा है। इंटरव्यू प्रोसेस खत्म होने के बावजूद भी चयन प्रक्रिया से जुड़ी इस महत्वपूर्ण कड़ी में पूर्व सरकार द्वारा की गई व्यवस्था अभ्यार्थियों के लिए परेशानी का सबब तो बनी ही है।

आयोग के लोगों को भी इस रिजल्ट की तकनीकी खामियां मुसीबत बनती जा रही हैं। यह रिजल्ट परेशानी का सबब बन रहा है और इस में जहां इस प्रोसेस को और लंबा करके बेवजह ही क्लेरीफिकेशन के चक्कर में देरी हो रही, उसमें सुधार बेहद लाजिमी है। इस तकनीकी पेचीदगी की वजह से कमीशन के कई रिजल्ट नहीं निकल पा रहे हैं, इनका आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। यह प्रोसेस लेटलतीफी का शिकार हो रहा है। बताया जा रहा है कि जिन 15 अंकों की व्यवस्था डॉक्यूमेंटिशन के सिस्टम में परोस दी गई है, उसमें 11 डॉक्यूमेंट के 15 अंक तैयार करने के लिए कई पेचीदगियां हैं।

क्लास 3 और 4 के लिए इंटरव्यू प्रोसेस हो खत्म
दरअसल में केंद्र सरकार ने जब राज्यों से यह आग्रह किया था कि वह सभी तरह की चयन प्रक्रिया में क्लास 3 और 4 के लिए इंटरव्यू प्रोसेस खत्म करें, तो कई राज्यों में केवल छंटनी परीक्षा को ही आधार बना कर मेरिट के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन प्रोसेस शुरू किया गया है। लेकिन हमीरपुर स्थित इस स्टाफ सिलेक्शन कमीशन में 15 अंकों का डॉक्यूमेंटेशन जोड़कर उस प्रोसेस को घुमाने का प्रयास किया गया। औचित्य कोई नहीं है, क्योंकि कई ऐसे सर्टिफिकेट तैयार करने पड़ रहे हैं, जिससे अभ्यर्थी उन अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, जिन पर बाद में विवाद पैदा हो रहा है। वह चाहे बीपीएल का हो या

विधवा सर्टिफिकेट, भूमिहीन सर्टिफिकेट हो या जमीन के स्टेटस से जुड़ा हुआ।

इंटरव्यू खत्म होने से चार पद का नहीं महत्व
कई तरह की ऐसी तकनीक की समस्याएं हैं, जिनके नंबर जोड़ कर सरकार ने पल्लू झाड़ा था, मगर अब कमीशन का कोई भी कर्ताधर्ता इस पर सीधे रूप से नहीं बोल रहा। कमीशन के लोग चाहते हैं कि इस बेवजह के प्रोसेस को बंद करके लिखित परीक्षा के 85 अंकों को 100 अंकों का बना कर 15 डॉक्यूमेंटेशन के अंक निकाल दिए जाएं तो व्यवस्था ठीक होगी। अब नई सरकार बनी है, यह मामला कौन उठाएगा, क्योंकि इंटरव्यू प्रोसेस खत्म होने के बाद सदस्यों के जो चार पद यहां मौजूद हैं। उनका कोई मतलब नहीं है इंटरव्यू प्रोसेस खत्म हो चुका है, ऐसे में यह सदस्य बेवजह ही बने हुए हैं। अब डॉक्यूमेंटेशन के 15 अंकों को खत्म करने की मांग जोर पकड़ रही है, कई अभ्यर्थियों ने स्टाफ सलेक्शन कमीशन को पत्र लिखकर व्यवस्था को हटाने की मांग भी की है।

सरकार ही ले सकती है कोई फैसला
कमीशन के नए चेयरमैन ब्रिगेडियर सतीश कुमार शर्मा का कहना है कि यह मामला उनके प्रोसेस में नहीं हो सकता, सरकार ही इस पर कोई फैसला ले सकती है। कमीशन तो सरकार की गाइडलाइन और आदेशों को फॉलो करता है, लेकिन इस मामले में जो भी उचित कार्रवाई होगी सरकार के ध्यान में लाई जाएगी।