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मंडी में खाता भी नहीं खोल पाई कांग्रेस, 10 में से 9 पर भाजपा, एक पर आजाद

मंडी में कमल का कमाल- मंडी में कांग्रेस के कौल सिंह व बेटी के साथ भाजपा के गुलाब की हार ने चौंकाया।

Dainik Bhaskar

Dec 19, 2017, 07:20 AM IST
जीत पर जश्न मनाते कार्यकर्ता। जीत पर जश्न मनाते कार्यकर्ता।

मंडी. मंडी में भाजपा ने भारी जीत दर्ज दर्ज की है। यहां 10 सीटों में से 9 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज कर एक नया रिकाॅर्ड बनाया। इससे पहले मंडी को कांग्रेस का गढ़ माना जाता रहा है, इस बार भाजपा के आगे कांग्रेस एक जीत भी दर्ज नहीं कर पाई। वहीं, एक निर्दलीय प्रत्याशी ने यहां अपनी जीत दर्ज की है। कांग्रेस के दो कद्दावर कैबिनेट मंत्रियों के साथ दोनों सीपीएस को करारी हार का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस के नए चेहरे भी कोई कमाल नहीं दिखा पाए। सभी को हार का मुंह देखना पड़ा।

साऊदी अरब के कारोबारी आजाद प्रत्याशी प्ररकाश राणा ने राजनीति में धमाकेदार एंट्री ने सभी को चौंका दिया है। जोगेंद्रनगर से चुनावी दंगल में उतरने वाले प्रकाश राणा ने पहले राजनीतिक दलों से टिकट लेने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें जब सफलता नहीं मिली, तो उन्होंने बतौर आजाद प्रत्याशी चुनाव में उतरने का ऐलान किया। चुनाव मैदान में उतरने के साथ ही वह जनता के समर्थन से मंडी के दिग्गजों को कड़ी चुनौती पेश कर रहे थे। चुनाव से पहले ही जोगेंद्रनगर में मुकाबला भाजपा व निर्दलीय प्रत्याशी के मध्य हो गया था। भाजपा ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर प्रेम कुमार धूमल को भी चुनाव प्रचार के लिए उतारा, लेकिन वह प्रकाश राणा के प्रभाव को कम नहीं कर सके। भाजपा की ब्लाॅकबस्टर जीत में निर्दलीय प्रत्याशी की भूमिका खत्म होने के साथ ही प्रकाश राणा के लिए राजनीतिक राहें आसान नहीं होगी।


पूरे मंडी जिला में भाजपा का जलवा देखने को मिला। वहीं, जोगेंद्रनगर से भाजपा की बड़ी हार ने सभी को चौंका दिया है। जोगेंद्रनगर से भाजपा के दिग्गज नेता व पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के समधी गुलाब सिंह ठाकुर को आजाद प्रत्याशी प्रकाश राणा ने बड़े अंतर से पराजित किया । गुलाब सिंह ठाकुर 1977 से चुनावी राजनीतिक में डटे हुए थे। ग्यारह चुनावों में सात बार वे जीतने में कामयाब हुए थे, लेकिन इस बार उनका अंतिम चुनाव उनके लिए बुरे सपने की तरह साबित हुआ है। उन्हें कड़ी हार का सामना करना पड़ा। सबसे अहम बात यह है कि यहां से कांग्रेस के प्रत्याशी जीवन ठाकुर अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए।

साउदी अरब के व्यापारी ने जीता जोगेंद्रनगर का दिल

साऊदी अरब के कारोबारी आजाद प्रत्याशी प्ररकाश राणा ने राजनीति में धमाकेदार एंट्री ने सभी को चौंका दिया है। जोगेंद्रनगर से चुनावी दंगल में उतरने वाले प्रकाश राणा ने पहले राजनीतिक दलों से टिकट लेने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें जब सफलता नहीं मिली, तो उन्होंने बतौर आजाद प्रत्याशी चुनाव में उतरने का ऐलान किया। चुनाव मैदान में उतरने के साथ ही वह जनता के समर्थन से मंडी के दिग्गजों को कड़ी चुनौती पेश कर रहे थे। चुनाव से पहले ही जोगेंद्रनगर में मुकाबला भाजपा व निर्दलीय प्रत्याशी के मध्य हो गया था। भाजपा ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर प्रेम कुमार धूमल को भी चुनाव प्रचार के लिए उतारा, लेकिन वह प्रकाश राणा के प्रभाव को कम नहीं कर सके। भाजपा की ब्लाॅकबस्टर जीत में निर्दलीय प्रत्याशी की भूमिका खत्म होने के साथ ही प्रकाश राणा के लिए राजनीतिक राहें आसान नहीं होगी।

सुखराम का जलवा रहा बरकरार

मंडी में पंडित सुखराम ने एक बार फिर से अपना राजनीतिक प्रभाव दिखाते हुए भाजपा की जीत में अहम भूमिका निभाई है। अनिल शर्मा की जीत के बाद सदर में दो दशक के बाद कमल का फूल फिर खिला । अनिल शर्मा के भाजपा में शामिल होने के बाद भाजपा ने पंडित सुखराम के राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए उन्हें कई विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार के लिए भेजा था, जिसके असर से पहली बार मंडी में भाजपा को बड़ी जीत हासिल हुई है। इससे पहले भी हिविकां बनाकर पंडित सुखराम मंडी जिला से पांच सीटें जीतकर मंडी जिला में अपने राजनीतिक प्रभाव का रंग दिखा चुके है।

भाजपा में तीन पहली बार बने विधायक

भाजपा के तीन चेहरे पहली बार विधानसभा पहुंचने में कामयाब हुए है। बल्ह से इंद्र सिंह गांधी व सुंदरनगर से राकेश जमवाल का यह दूसरा चुनाव था। उन्हें दूसरी बार जनता ने जीत दिलाकर विधायक बनने का मौका दिया है। द्रंग से स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर को चौथी बार चुनौती देने उतरे भाजपा के जवाहर ठाकुर को इस बार जनता का साथ मिला है। उन्होंने कांग्रेस की ओर से उतरे दिग्गज कौल सिंह को हराने में सफलता हासिल की। बल्ह से इंद्र सिंह गांधी ने कैबिनेट मंत्री प्रकाश चौधरी को पराजित किया। वहीं, सुंदरनगर से राकेश जमवाल ने सीपीएस सोहन लाल ठाकुर को हराया।

कांग्रेस के नए चेहरे हुए धराशायी

कांग्रेस की ओर से पहली बार चुनावी मैदान में उतरे चारों प्रत्याशियों को इस बार हार का मुंह देखना पड़ा है। कांग्रेस ने इस बार नए चेहरे के रूप में सदर से चंपा ठाकुर, जोगेंद्रनगर से जीवन ठाकुर, नाचन से लाल सिंह कौशल व सरकाघाट से पवन ठाकुर को चुनाव मैदान में उतारा था, लेकिन इन सभी प्रत्याशियों को मतदाताओं का समर्थन नहीं पाया। भाजपा की लहर में इनका विधायक बनने का सपना अधूरा रह गया। वहीं, जोगेंद्रनगर से कांग्रेस के प्रत्याशी में चुनाव लड़े जीवन ठाकुर तो अपनी जमानत भी नहीं बचा सके।

कौल का प्रभाव खत्म, बेटी भी हारी

मंडी जिला में इस बार सबसे अधिक नुकसान कांग्रेस के कौल सिंह ठाकुर को उठाना पड़ा है। वह न केवल द्रंग हलके से चुनाव हारे है, बल्कि सदर से उनकी बेटी चंपा ठाकुर की हार के साथ-साथ उनके सभी समर्थकों को हार का मुंह देखना पड़ा है। कांग्रेस की ओर से पवन ठाकुर, जीवन ठाकुर व लाल सिंह कौशल और सोहन लाल ठाकुर को कौल सिंह ठाकुर के करीबी माना जाता है। इस बार के चुनाव में कौल सिंह के सभी समर्थकों को हार का मुंह देखना पड़ा है। इन चुनावों में मंडी जिला से कौल सिंह का वर्चस्व खत्म होता नजर आ रहा है।

जिला मंडी के चुनाव परिणाम जिला मंडी के चुनाव परिणाम
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जीत पर जश्न मनाते कार्यकर्ता।जीत पर जश्न मनाते कार्यकर्ता।
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