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डीसी के पास नहीं जाएगी धारा 118 की फाइल, सरकार खुद करेगी पास

बाहरी निवेशकों को हिमाचल में उद्योग लगाने के लिए डीसी आॅफिस या किसी राजस्व अधिकारी के आॅफिस में चक्कर नहीं काटने होंगे।

Danik Bhaskar | Feb 16, 2018, 08:09 AM IST

शिमला. बाहरी निवेशकों को हिमाचल में उद्योग लगाने के लिए डीसी आॅफिस या किसी राजस्व अधिकारी के आॅफिस में चक्कर नहीं काटने होंगे। उद्योग को सिंगल विंडो की मंजूरी मिलते ही यह मामला राजस्व विभाग के पास भेजा जाएगा। इसे राज्य सरकार सैद्धांतिक तौर पर धारा 118 की मंजूरी दे देगी।

इससे पहले राज्य सरकार की सैद्धांतिक मंजूरी तभी मिलती थी, जब जिला उपायुक्त कार्यालय इसे मंजूर कर देता था। सरकार से इसे जिला उपायुक्त कार्यालय भेजा जाता था। वहां पर तहसील के माध्यम से संबंधित क्षेत्र के पटवारी से रिपोर्ट लेने के बाद ही धारा 118 की मंजूरी मिलती थी। इस प्रक्रिया के काफी लंबे होने आैर निवेशकों को डीसी आॅफिस से लेकर तहसीलदार या पटवारी तक के चक्कर लगाने पड़ते थे। इस जटिल प्रक्रिया से बचने के लिए राज्य में निवेशक आने से भी गुरेज करते थे।


क्यों जरूरी है हिमाचल में धारा 118 की मंजूरी
राज्य में धारा 118 की मंजूरी गैर कृषकों के लिए अनिवार्य है। राज्य में गैर कृषकों को भूमि खरीदने का अधिकार नहीं है। वह राज्य में भूमि खरीदने के लिए सरकार के पास धारा 118 के तहत आवेदन करते हैं। इसकी मंजूरी के बाद ही वह उद्योग, शिक्षण संस्थान या घर बनाने के लिए जमीन खरीद सकते हैं।