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इंडस्ट्री को 5 प्रति यूनिट बिजली देने पर फैसला 20 को, दो मंत्रियों की ड्यूटी लगाई

मीटिंग- बिजली मंत्री और वित्त मंत्री आज इंडस्ट्रियलिस्ट्स से करेंगे मुलाकात

bhaskar news| Last Modified - Dec 19, 2017, 08:07 AM IST

Decision on granting power of 5 per unit
इंडस्ट्री को 5 प्रति यूनिट बिजली देने पर फैसला 20 को, दो मंत्रियों की ड्यूटी लगाई

चंडीगढ़. सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार को इंडस्ट्री की बिजली दरों के मुद्दे पर मीटिंग की। िबजली मंत्री राणा गुरजीत सिंह और वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल से कहा, वे मंगलवार को इंडस्ट्रियलिस्ट्स से मुलाकात कर इंडस्ट्री को 5 रुपए प्रति यूनिट के वादे को जल्द लागू करवाने के साथ उनकी शंकाओं को भी दूर करने का रास्ता निकालेंें।

 

उन्होंने कहा, उनकी सरकार राज्य में 1 जनवरी, 2018 से नये बिजली ढांचे को अमली रूप देने के लिए तैयार है।पता चला है कि सीएम की अगुवाई में 20 दिसंबर को होने वाली कैबिनेट मीटिंग में सरकार उद्योगों के लिए 5 रुपए प्रति यूनिट बिजली के लिए सब्सिडी देने का फैसला कर सकती है। इस संबंधी प्रस्ताव मीटिंग में आ रहा है।
मीटिंग में उठा दूसरा अहम मुद्दा राज्य बिजली रेगुलेटरी कमीशन की तरफ से तय बिजली दरों को 1 अप्रैल, 2017 से लागू करना है। यदि तय दरें मौजूदा रूप में लागू होती हैं तो 600 करोड़ का वित्तीय बोझ है जबकि इंडस्ट्री द्वारा तय बिजली दरों का विरोध किया जा रहा है जो अपनी इकाइयों का लोड ठीक करवाने के लिए और समय चाहते हैं। सीएम ने कहा, कांग्रेस चुनाव घोषणा पत्र के अनुसार रेगुलेटर द्वारा तय बिजली दरें लागू करने से पैदा होने वाले अंतर के लिए सरकार एक सीमा तक सब्सिडी देने पर विचार कर रही है।


सीएम ने कहा, देखने में आया है कि अधिकतर उद्योगों द्वारा अपनी इकाइयों के लोड घटा लिए गए हैं। छोटे उद्योगों (विशेषकर बीमार यूनिट) जोकि कम समय के लिए चले थे, को भी दरों के ढांचे ने बुरी तरह मार मारी है। इन इकाइयों द्वारा बिजली दरों को सीमित करने की मांग रखी गई थी जिसको कल की मीटिंग में दोनों मंत्रियों द्वारा विचारा जाएगा।

 

20 की कैबिनेट मीटिंग में इन मुद्दों पर भी हो सकता फैसला

- सरकार वित्त विभाग व प्लानिंग विभाग को चुस्त दुरुस्त बनाने के लिए अलग डायरेक्टरेट बनाने जा रही है। 
-  अवैध कॉलोनियों को रेगुलर करने के लिए पुरानी नीति में बदलाव ला रही है। प्रस्ताव आ सकता है।
- सरकार ने सभी विभागों में खाली पड़े पदों को भरने का फैसला ले लिया है, जिस पर कैबिनेट की मीटिंग में चर्चा होने की पूरी संभावना है।  
क्योंकि... कांग्रेस ने  चुनाव  मेनिफेस्टो में वादा किया था कि राज्य में कांग्रेस की सरकार बनते ही हर घर में एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी, लेकिन अभी तक सरकार ने इस पर काम नहीं किया है।
- मीटिंग के बाद मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी कैप्टन खुलासा कर सकते हैं।  

 

सोहाणा-लांडरां-चुन्नी सड़क विस्तार को 23 करोड़ जारी
सीएम ने सोहाणा-लांडरां-चुन्नी सड़क के विस्तार के लिए तुरंत 23 करोड़ जारी करने के लिए वित्त विभाग को आदेश जारी किए हैं। उन्होंने राज्य में समस्त लंबित पड़ी विकास परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के लिए अपने मुख्य प्रधान सचिव को कहा है। 

 

वृक्ष काटने के नोटिफिकेशन पर फिर से विचार होगा
सीएम ने सड़कें चौड़ी करने के लिए वृक्षों को काटने संबंधी नोटीफिकेशन पर भी पुन: विचार के लिए सहमति प्रकट की क्योंकि इससे सड़क परियोजनाओं में रुकावट आती है। सरकार यह मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के समक्ष उठाएगी। 

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