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गुड़िया गैंगरेप-मर्डर केस: स्टेटस रिपोर्ट देख हाईकोर्ट नाराज, सीबीआई के डायरेक्टर तलब

कोर्ट ने गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि सीबीआई केस को लंबा खिंचने के बजाय यह कहें कि उसके पास क्लू नहीं है।

Danik Bhaskar | Mar 29, 2018, 05:11 AM IST
15 साल की गुड़िया के साथ 4 जुलाई को 15 साल की गुड़िया के साथ 4 जुलाई को

शिमला. हिमाचल हाईकोर्ट ने गुड़िया गैंगरेप-मर्डर केस की जांच रिपोर्ट पर असंतुष्टि जताते हुए सीबीआई डायरेक्टर को कोर्ट में हाजिर होने के निर्देश दिए हैं। इस केस में 3 महीने की मोहलत लेने की एप्लीकेशन के साथ पहुंची सीबीआई की टीम को उस समय झटका लगा जब हाइकोर्ट ने सीबीआई डायरेक्टर को ही अगली सुनवाई में खुद पेश होने के निर्देश दे दिए। 18 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई में कोर्ट में सीबीआई की ढीली जांच पर निजी शपथ पत्र दायर करना होगा।

कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा -सुनवाई में निदेशक को उपस्थित होना ही होगा

हालांकि बुधवार को सुनवाई के दौरान सीबीआई के अधिकारियों ने कोर्ट से अाग्रह किया कि निदेशक को न बुलाया जाए, लेकिन कोर्ट ने इसे अस्वीकार कर दिया। कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि अगली सुनवाई में निदेशक को उपस्थित होना ही होगा। ढीली जांच को लेकर जवाब दायर करना होगा।

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तल्ख टिप्पणी- क्या कोर्ट यह मानें कि अधिकारी सक्षम नहीं है

- बेंच ने कहा, "16 साल की गुड़िया की रेप के बाद हत्या करने से परिवार ही नहीं पूरा प्रदेश पीड़ा में है। जिस तरह से सीबीआई ने केस की जांच में आठ माह लगा दिए और हाथ में कुछ नहीं है, इसे देखकर क्या कोर्ट यह मानें कि अधिकारी सक्षम नहीं है।"

- बेंच ने कहा, "यह केस एविडेंस मिटाने का भी नहीं है। इस केस की जांच विदेशी जमीन पर नही हो रही है और न ही अपराध किसी विदेशी नागरिक ने किया है, लेकिन जब जांच प्रदेश में हो रही है तो क्यों नही ज्यादा अनुभवी और एक्सपर्ट लोगों को शामिल करके जांच को तेज किया जा रहा। बावजूद क्यों जांच एजेंसी इस केस में तेजी नहीं ला पा रही है और आरोपियों के खिलाफ एविडेंस जुटाने में असफल है। सीबीआई के निदेशक अगली तिथि में इस संबंध में निजी शपथ पत्र दायर कर कोर्ट को अवगत कराएं।"

- कोर्ट ने गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि सीबीआई केस को लंबा खिंचने के बजाय यह कहें कि उसके पास क्लू नहीं है, तो कोर्ट कुछ निर्णय ले।

9वीं बार पेश की स्टेटस रिपोर्ट

बुधवार को सीबीआई ने मामले में 9वीं बार स्टेटस रिपोर्ट पेश की। 10 जनवरी से अब तक की जांच को लेकर सीबीआई की ओर से पेश स्टेटस रिपोर्ट पढ़ने के बाद हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश संदीप शर्मा की बेंच ने कहा कि 10 जनवरी को सीबीआई निदेशक की ओर सेदायर निजी शपथ पत्र में आश्वस्त किया गया था कि अगली तारीख तक जांच टीम ठोस क्लू ढूंढ लेगी। मगर, रिपोर्ट में ऐसा कुछ नजर नहीं आ रहा है जिससे कहा जा सके कि जांच एजेंसी गुड़िया के गुनहगारों तक पहुंचने के करीब हैं।