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गुड़िया का रेप- सीबीआई गुनहगारों को लेकर कोर्ट को करती रही बस गुमराह

अचानक घोषणा किए जाने के बाद न्याय की आस लगाए बैठा हर शख्स अंदर से टूट गया है।

bhaskar news | Last Modified - Dec 17, 2017, 07:34 AM IST

  • गुड़िया का रेप- सीबीआई गुनहगारों को लेकर कोर्ट को करती रही बस गुमराह

    शिमला. कोटखाई की गुड़िया के साथ दरिंदगी करने वाले दरिंदों को ढूंढने में जब पुलिस असफल रही, तो उन्हें पकड़ने के लिए दिल्ली से सीबीआई बुलाई गई। सीबीआई ने शिमला पहुंच कर जांच शुरू की और परिजनों समेत आम लोगों में विश्वास बढ़ा कि शीघ्र ही मासूम के गुनहगार बेनकाब होंगे। शुक्रवार को सीबीआई की ओर से सुराग देने वालों को 10 लाख देने की अचानक घोषणा किए जाने के बाद न्याय की आस लगाए बैठा हर शख्स अंदर से टूट गया है।

    लोग सीबीआई से नाराज हैं। नाराजगी इस बात को लेकर नहीं कि सीबीआई ने सुराग देने वालों के लिए ईनाम रखा है, बल्कि वे नाराज इसलिए हैं कि जब सुराग नहीं था तो सीबीआई हाईकोर्ट में बार-बार क्यों कहती रही कि गुनहगार जल्द पकड़े जाएंगे। गुड़िया के गुनहगारों तक पहुंचने में असफल रही सीबीआई के खिलाफ अब लोग सड़क पर उतरने की तैयारी में हैं। गुड़िया को न्याय दिलाने के लिए पूर्व में लड़ाई लड़ चुके संगठनों ने मतगणना निपटने के बाद फिर से मैदान में उतरने की चेतावनी दी है।

    रिवॉर्ड ही रखना था तो पहले ही रख देती सीबीआई : राकेश सिंघा
    गुड़िया न्याय मंच से जुड़े पूर्व विधायक राकेश सिंघा का कहना कि सीबीआई ने जनता की भावना से खिलवाड़ किया है। यह सब जानते हैं कि मौके के सबूत पहले ही खत्म हो गए थे, इसके बावजूद सीबीआई इतने दिनों में जांच को लेकर ढोंग क्यों रचती रही। अगर सुराग देने वालों को ईनाम दिए जाने की घोषणा करनी ही थी, तो हफ्ते बाद ही कर ली होती। इतने दिनों तक इंतजार क्यों किया। 143 दिन की जांच में गुनहगारों के बारे में सुराग मिलने से साफ हो गया है कि सीबीआई की केस सॉल्व करने को लेकर इच्छाशक्ति ही नहीं थी। उन्होंने कहा कि 18 दिसंबर के बाद न्याय मंच गुड़िया को इंसाफ दिलाने के लिए फिर से संघर्ष शुरू करेगा।

    जो पुलिस ने किया, सीबीआई ने भी वही किया : संजय चौहान
    पूर्व मेयर संजय चौहान का कहना है कि गुड़िया के गुनहगार पकड़े जाएं, इसलिए सीबीआई को बुलाया गया था। मगर देश की बड़ी जांच एजेंसी ने भी वही किया, जो पुलिस ने किया। अब तो ऐसा लग रहा है कि अपराधी काबिल हैं और पुलिस, सीबीआई ना काबिल है। गुड़िया के साथ दरिंदों ने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी थी, लेकिन सीबीआई ने इसे गंभीरता से लेने के बजाय सूरज कस्टोडियल केस पर फोकस किए रखा। इससे ऐसा लग रहा है कि सीबीआई केंद्र सरकार के इशारे पर किसी खास मकसद लेकर यहां पहुंची थी।

    सीबीआई ने तोड़ा है जनता का विश्वास : कपिल भारद्वाज
    गुड़िया न्याय मंच ठियोग के संयोजक कपिल भारद्वाज ने कहा कि सीबीआई ने जनता का विश्वास तोड़ा है। जब से सीबीआई ने मामला हाथ में लिया, तब से दावे किए जाते रहे कि गुनहगारों को जल्द पकड़ा जाएगा। अब सीबीआई ने गुनहगारों के बारे में सुराग देने वालों को 10 लाख रुपए देने की घोषणा कर खुद ही बताया दिया कि वह असफल साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि गुड़िया को न्याय दिलाने के लिए अब न्याय मंच के लोग 18 दिसंबर के बाद फिर से सड़कों पर उतरेंगे।

    तोक्या कोर्ट में झूठ कहती रही सीबीआई : विकास
    मदद सेवा ट्रस्ट सिमिट्री के सचिव विकास थापटा ने बताया कि जिस तरह से सीबीआई ने गुनहगारों का सुराग देने वालों के लिए पुरस्कार की घोषणा की है, उसे एक बात तो साफ हो गई है कि आज तक सीबीआई कोर्ट में गुनहगारों को पकड़ने की बात कहती रही, वह झूठ है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट ने इस मामले को शुरू से ही गंभीरता से लिया है और पहले पुलिस, फिर सीबीआई के खिलाफ आक्रोश जताया। ट्रस्ट चुप नहीं बैठेगा। ट्रस्ट ने अन्य संगठनों से भी बात की है और आने वाले समय में सीबीआई के खिलाफ आंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि सुराग देने वाले को ईनाम देने की घोषणा से साफ है कि इस केस को सुलझने में अभी समय लगेगा।

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Web Title: Gudia Murder Case
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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