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गुड़िया गैंगरेप- सीबीआई बोली-जो सुराग देगा उसे 10 लाख इनाम

इस मामले में पांच दिन बाद हाईकोर्ट में जमा करानी है स्टेटस रिपोर्ट

Dainik Bhaskar

Dec 16, 2017, 05:38 AM IST
gudiya murder case in shimla

शिमला. गुड़िया गैंगरेप और हत्या के आरोपियों को ढूंढने आई सीबीआई ने 143 दिन बाद हाथ खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसी ने गुड़िया के कातिलों और उससे दरिंदगी करने वालों का सुराग देने वाले काे दस लाख रुपए के इनाम की घोषणा करनी पड़ी है। सीबीआई को गुड़िया के हत्यारों को पकड़ने की जांच की स्टेटस रिपोर्ट 20 दिसंबर को हाईकोर्ट में देनी है। लेकिन उससे पांच दिन पहले ही सीबीआई को इस केस में अपनी नाकामी छुपाने और कातिलों तक पहुंचने के लिए जनता की मदद का सहारा लेना पड़ रहा है।


6 जुलाई को गुड़िया का शव मिलने के बाद 22 जुलाई को सीबीआई ने इस केस में दो एफआईआर दर्ज की थी। सीबीआई ने गुड़िया केस में गिरफ्तार सूरज की कस्टडी में हुई हत्या के आरोप में पुलिस अफसरों को गिरफ्तार किया। लेकिन गुड़िया के कातिलों तक नहीं पहुंच पाई। इस केस में सीबीआई हलाईला और महासू एरिया में कई दिनों की कैंपिंग के बाद भी खाली हाथ है। एक हजार से ज्यादा लोगों के ब्लड सैंपल लेने का दावा सीबीआई हाईकोर्ट में कर चुकी थी। दावा किया था कि रिपोर्ट के बाद आरोपियों तक पहुंचा जा सकेगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

लाई डिटेक्टर टेस्ट के बाद भी फेल

हिमाचल पुलिस द्वारा पकड़े गए पांच आरोपियों के नार्को आैर लाई डिटेक्टर टेस्ट भी करवाए। लेकिन अब भी सीबीआई के हाथ खाली हैं। गुड़िया की हत्या और रेप और हिमाचल पुलिस के फेल होने के बाद जनता के बड़े दबाव में राज्य सरकार से सीबीआई जांच करवाने का फैसला किया था। जांच के लिए सरकार ने जुलाई महीने में ही पत्र भेज दिया था। लेकिन सीबीआई ने सरकार की मांग पर नहीं बल्कि प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जुलाई से इस मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम हिमाचल में ही डटी है। कई बार सीबीआई ने घटनास्थल यानी तांदी के जंगल का दौरा कर लिया है। टीम के अधिकारी स्थानीय लोगों से लेकर इस मामले में पुलिस द्वारा बनाए गए आरोपियों से लंबी पूछताछ करने के बावजूद सीबीआई के हाथ अभी तक खाली हैं।

यहां दें जानकारी


डीएसपी सीबीआई : 9650394782, 8219885290, 8219893590
एसपी दिल्ली : 01124368637, 24368640, 9870530011 । सीबीआई प्रवक्ता आरके गौड़ ने बताया कि सूचना देने वाले का नाम और पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।

कब क्या हुआ

6 जुलाई: गुड़िया का शव जंगल में मिला।
10 जुलाई: पुलिस ने एसआईटी बनाई।
12 जुलाई: आशीष चौहान को अरेस्ट किया
13 जुलाई: राजू, सुभाष, सूरज, लोकजन और दीपक गिरफ्तार।
18 जुलाई : सूरज की कस्टोडियल डेथ।
5 लोगों की गिरफ्तारी पर सवाल उठे मामला सीबीआई के सौंपा
{22 जुलाई: सीबीआई ने दर्ज की थी एफआईआर

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