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3 मंत्री और 6 चेयरमैन होते हुए मंडी में जीत का खाता नहीं खोल पाई कांग्रेस, भाजपा आंकड़े के पार

कांग्रेस पार्टी का पूरे मंडी जिले में सफाया हुआ है। 10 में से कोई भी सीट कांग्रेस पार्टी नहीं जीत पाई।

bhaskar news | Last Modified - Dec 19, 2017, 06:32 AM IST

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    शिमला.विधानसभा चुनाव में इस बार भी मंडी जिला में पंडित सुखराम का फैक्टर पूरी तरह काम कर गया। हिमाचल की राजनीति के फिनिक्स माने जाने वाले पंडित सुखराम की विस चुनावों का ऐलान होने के बाद भाजपा में एंट्री हुई थी। कांग्रेस पार्टी का पूरे मंडी जिले में सफाया हुआ है। 10 में से कोई भी सीट कांग्रेस पार्टी नहीं जीत पाई।

    भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाने वाली जोगेंद्रनगर की सीट पर इस बार हार का सामना भाजपा को करना पड़ा है। यहां से आजाद प्रत्याशी प्रकाश राणा ने चुनाव जीता है। 9 सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। यह पहला मौका है जब कांग्रेस के हाथ से मंडी का पूरा जिला ही खिसका है। पंडित सुखराम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि उम्र के इस पड़ाव में आने के बाद भी राजनीति में वे अभी भी मजबूत पैठ रखते हैं। राजनीति में अभी उनकी अनदेखी नहीं की जा सकती है।


    वर्ष 2012 के विस चुनावों में मंडी से कांग्रेस ने पांच सीटे जीती थी। कांग्रेस ने काैल सिंह ठाकुर, प्रकाश चौधरी और अनिल शर्मा को कैबिनेट मंत्री बनाया था। मंडी जिले से तीन मंत्रियों के अलावा 6 चेयरमैन बनाए गए। सरकार ने बड़ा महत्व इस जिले को दिया। चेतराम को मिल्कफैड का चेयरमैन बनाया गया था। सुरेंद्र पाल को जीआईसी, चंद्रशेखर को हथकरघा उद्योग, रंगीलाराम राव को मुख्यमंत्री का राजनीतिक सलाहकार, हरिंदर सेन को एपीएमसी का चेयरमैन और शिवलाल को बैंक चेयरमैन बनाया गया था। बावजूद इसके कांग्रेस यहां पर जीत का खाता नहीं खोल पाई।

    1998 में बनवाई थी भाजपा की सरकार

    वर्ष 1998 में पंडित सुखराम ने हिमाचल विकास कांग्रेस का गठन किया था। इस चुनाव में पहले कांग्रेस ने निर्दलीय विधायकों को साथ लेकर सरकार बनाई थी। लेकिन 14 दिनों के बाद पंडित सुखराम ने भाजपा को समर्थन देकर हिमाचल में सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। इस चुनाव में उन्होंने हिमाचल विकास कांग्रेस का गठन कर मंडी में 5 सीटेंं हासिल कर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनवाई थी। 2017 में भी उन्होंने एक बार फिर बड़ा उलटफेर किया है। उन्होंने अपने बेटे अनिल शर्मा और पोते आश्रय शर्मा को भाजपा ज्वाइन कर एक बार फिर भाजपा को सत्ता दिलाई है।

    ये चार कारण, जो जनता साथ

    1. संचार क्रांति के मसीहा
    2. वीरभद्र विरोधी होकर बढ़ाया केंद्र आैर हिमाचल में कद
    3. मंडी सीट पर सुखराम परिवार के अलावा आज तक कोई नहीं जीता
    4. प्रदेश के लिए प्रकाश चौधरी, राम लाल मारकंडेय सहित कई नेता तैयार कर दिए।

    अनिल भाजपा में गए तो कांग्रेस ने चंपा पर खेला था दाव

    अनिल कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। चुनाव से ठीक पहले भाजपा ज्वाइन की। उनके जाने के बाद मंडी सदर सीट से कांग्रेस ने स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर की बेटी चंपा ठाकुर को चुनावी मैदान में उतारा। लेकिन वे हार गईं।

    भ्रांतियों से जीती सदर में कांग्रेस: सत्ती

    भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती ने कहा कि ऊना सदर में कांग्रेस को भ्रांतियों की वजह से जीत मिली है। क्याेंकि चुनाव में कांग्रेस ने कई तरह की भ्रांतियां फैलाईं। हलके में विकास न होने को मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हार और जीत एक हिस्सा है। विकास अागे बढ़े, यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी बनती है।

    मंडी में जीते उम्मीदवारों की देर रात बैठक

    जिले में बड़ी जीत के बाद जयराम ठाकुर, विधायक जीते जवाहर ठाकुर, राकेश जमवाल आैर कुल्लू से जीते भाजपा के युवा नेता अरुण शौरी देर रात सर्किट हाउस में एकजुट हुए। इस दौरान मंडी से सीएम बनाने के लिए रणनीति तैयार की। पार्टी हाईकमान दिल्ली में संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाकर शीघ्र ही फैसला लेगा। दूसरी तरफ मंडी का पक्ष रखने के लिए जयराम की अगुवाई में भाजपा टिकट पर जीते प्रत्याशियों ने रणनीति तैयार कर ली है।

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    जश्न मनाते लोग।
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