शिमला

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अर्की से वीरभद्र, सोलन से शांडिल, नालागढ़ से राणा जीते, कांग्रेस-तीन, भाजपा-दो सीटें

कांग्रेस ने 10 सालों बाद जीती नयनादेवी सीट. जीत की हेट्रिक बनाने से चुके रणधीर शर्मा।

Dainik Bhaskar

Dec 19, 2017, 07:41 AM IST
अर्की में वीरभद्र की जीत का जश्न अर्की में वीरभद्र की जीत का जश्न

सोलन. प्रदेश में विधानसभा चुनाव में भाजपा को बड़ी जीत मिली है, लेकिन सोलन जिला में कांग्रेस पांच में से तीन सीटें जीतने में कामयाब रही है। यह पिछले पिछले विधानसभा चुनाव से एक सीट ज्यादा है। जिला की अर्की, सोलन व नालागढ़ सीट पर कांग्रेस और दून और कसौली सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज की है। अर्की से सीएम वीरभद्र सिंह चुनाव जीत गए हैं।


सोलन जिला की हॉट सीट अर्की से वीरभद्र सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा उम्मीदवार रतन सिंह पाल को 6051 वोट से हराया। कुल पड़े 63,657 वोट में से वीरभद्र सिंह को 32211 और रतन पाल को 28187 मत मिले, जबकि निर्दलीय विजय राजपूत को 445 व विजय सिंह चौहान को 284 मत हासिल हुए। इस सीट पर कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला रहा। मतगणना के हर राउंड में कांग्रेस प्रत्याशी वीरभद्र सिंह आगे रहे। पोस्टल बैलेट 1226 मतों में से कांग्रेस प्रत्याशी को 288, भाजपा प्रत्याशी को 261, विजय सिंह चौहान को 5 मत पड़े, जबकि 672 मत अमान्य पाए गए।

रामलाल ठाकुर ने क्लीन स्वीप से बचाई कांग्रेस

बिलासपुर जिला की हाॅट सीट नयनादेवी में कांग्रेस 10 वर्षों के अंतराल के बाद वापसी करने में कामयाब रही। कांग्रेस प्रत्याशी रामलाल ठाकुर ने 1042 वोटों के अंतर से जीत हासिल कर यह सीट कांग्रेस की झोली में डाली। इस विजय से उन्होंने न केवल भाजपा के रणधीर शर्मा को जीत की हेट्रिक बनाने से रोका, बल्कि वह जिला में कांग्रेस को क्लीन स्वीप से बचाने में भी सफल रहे। नयनादेवी विस क्षेत्र की मतगणना का कार्य बिलासपुर काॅलेज में सोमवार सुबह शुरू हुआ। नयनादेवी सीट से कुल 5 प्रत्याशी मैदान में थे। इनमें कांग्रेस के रामलाल ठाकुर व भाजपा के रणधीर शर्मा के साथ ही आॅल इंडिया फाॅरवर्ड ब्लाॅक पार्टी के कैप्टन बालकराम शर्मा तथा निर्दलीय सुखराम ठाकुर व रमेश चंद शामिल हैं।

दिलचस्प रहा बिलासपुर में मुकाबला

पहले राउंड में रामलाल ठाकुर को 25 वोटों की बढ़त मिली

पांचवें राउंड तक उनकी लीड 3624 वोटों तक पहंुच गई।

उसके बाद रणधीर शर्मा ने वापसी करनी शुरू की।

आठवें राउंड में रामलाल ठाकुर की लीड घटकर 1966 व नौवें राउंड में 1184 वोटों की रह गई।

दसवें और अंतिम राउंड में उनकी बढ़त थोड़ी और कम हुई, लेकिन वह 1042 वोटों से जीत हासिल करने में सफल रहे।

वहीं, कैप्टन बालकराम शर्मा को 357, रमेश चंद को 382 व सुखराम ठाकुर को 314 वोट मिले।

रणधीर शर्मा लगभग उतने ही वोटों से हारे, जितने वोट बाकी 3 उम्मीदवारों ने हासिल किए हैं।

सोलन में कर्नल शांडिल दूसरी बार जीतेे

सोलन क्षेत्र से कांग्रेस के कर्नल धनीराम शांडिल लगातार दूसरी बार चुनाव जीतने में कामयाब रहे। उन्होंने भाजपा के डॉ. राजेश कश्यप को 671 मतों से हराया। धनीराम शांडिल को 26200 और राजेश कश्यप को 25529 वोट मिले। माकपा के अजय भट्टी ने 1632 और निर्दलीय शशिकांत ने 389 वोट हासिल किए। जबकि 656 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया।

दून में पम्मी ने रामकुमार को हराया

जिला के दून विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने जीत दर्ज की है। पार्टी के उम्मीदवार परमजीत सिंह पम्मी ने कांग्रेस के राम कुमार चौधरी को 4319 वोट से हराया। यह सीट भाजपा ने कांग्रेस से छीनी है। पम्मी को 29701 और राम कुमार को 25382 वोट मिले। निर्दलीय इंद्र सिंह को 436 वोट पड़े, जबकि 254 मतदाताओं ने नोटा का प्रयोग किया।

कसौली में डॉ. सहजल की हेट्रिक

कसौली सीट पर भाजपा के डॉ. राजीव सहजल चुनाव जीते। कांग्रेस के विनोद सुल्तानपुरी को 442 मतों से हराया। डॉ. सहजल की तीसरी बार जीत दर्ज कर हैट्रिक लगाई। डॉ. सहजल को 23656 वोट मिले, जबकि विनोद सुल्तानपुरी को 23214 वोट प्राप्त हुए। सीपीआई के वीरेंद्र कश्यप को 652, निर्दलीय राजीव कौंडल को 329, केशव को 321 वोट मिले। 503 ने नोटा का प्रयोग किया।

नालागढ़ में कांग्रेस के राणा की जीत

नालागढ़ विधानसभा सीट पर कांग्रेस के लखविंद्र राणा ने भाजपा के केएल ठाकुर को 1242 वोट के अंतर से शिकस्त देकर जीत हासिल की। यह सीट कांग्रेस ने भाजपा से छीनी है। राणा को 25872 और केएल ठाकुर को 24630 वोट मिले। कांग्रेस के बागी हुए बावा हरदीप को 13095, निर्दलीय हरप्रीत सैणी को 5443 वोट मिले।

कौल, प्रतिभा, सुखराम को धूल चटाने वाले महेश्वर सिंह इस बार कांग्रेस के सुंदर ठाकुर से खा गए मात

कुल्लू के मंडी संसदीय क्षेत्र से ठाकुर कौल सिंह, प्रतिभा सिंह सहित पंडित सुखराम जैसी हस्तियों को धूल चटाने वाले भाजपा के दिग्गज नेता महेश्वर सिंह कुल्लू विधानसभा क्षेत्र से चुनाव हार गए हैं। महेश्वर सिंह कुल्लू विधानसभा से कांग्रेस के सुंदर सिंह ठाकुर से चुनाव हार गए हैं। महेश्वर सिंह प्रदेश के उन नेताओं में से हैं, जिनकी गिनती दिग्गज नेताओं में होती है और भाजपा में कद्दावर नेता रहे हैं। ये वही महेश्वर सिंह है जो मंडी संसदीय क्षेत्र से वीरभद्र सिंह से भी महज 13 हजार मतों से हारे थे।

पिछले विस चुनावों में छोड़ी थी भाजपा

पिछले विधानसभा चुनावों से पहले महेश्वर भाजपा को अलविदा कर गए थे और प्रदेश के भीतर हिलोपा का गठन किया था। उस दौरान महेश्वर सिंह हिलोपा के दम पर कुल्लू विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने थे, लेकिन इस बार भाजपा हाईकमान में अच्छी खासी पड़ होने के कारण महेश्वर सिंह भाजपा में तो लौट गए लेकिन माना जा रहा है कि कुल्लू भाजपा ने महेश्वर सिंह को नहीं अपनाया था। जिस कारण संगठन और महेश्वर सिंह के बीच काफी तनातनी चल रही थी। भाजपा हाईकमान ने संगठन के पदाधिकारियों को चुप करवा कर महेश्वर सिंह को तव्वजो दी। संगठन और महेश्वर सिंह के बीच चल रही तनातनी का कोई समाधान नहीं तलाशा।

सुंदर की लीड को नहीं तोड़ पाए महेश्वर

भाजपा के महेश्वर सिंह को कांग्रेस के सुंदर ठाकुर ने हार का स्वाद चखाया है। महेश्वर सिंह हर राउंड में पीछे चलते रहे और सुंदर सिंह ठाकुर हर राउंड में लीड बनाते रहे। हालांकि अंतिम के राउंड में लीड कम होती गई, लेकिन महेश्वर सिंह लीड को तोड़ नहीं पाए। महेश्वर सिंह कुल्लू विधानसभा क्षेत्र में विधायक थे जो 2012 विधानसभा चुनावों में हिलोपा के विधायक बने थे और पिछले करीब डे़ढ साल पहले भाजपा में लौट गए थे। लिहाजा इस बार भाजपा के उम्मीदवार बनकर चुनावी मैदान में उतरे थे।

पैराशूट से भेजे थे महेश्वर

भाजपा हाईकमान ने पहले महेश्वर सिंह को पैराशूट से कुल्लू भाजपा के भीतर भेज दिया। उसके बाद प्रदेश महामंत्री राम सिंह का टिकट काटकर महेश्वर सिंह को उम्मीदवार बनाया गया। राजनीतिक पंडितों की माने तो भाजपा को कुल्लू की सीट इसी कारण गवानी पड़ी है।

1538 वोटों से हार हुई

कुल्लू विस सीट में आए चुनाव परिणाम ने चौंका दिया है। भाजपा के दिग्गज नेता महेश्वर सिंह चुनाव हार गए हैं। वे करीब 1538 वोटों से हार गए हैं। सुंदर सिंह ठाकुर 2012 के विस चुनावों में तीसरे नंबर पर रहे थे उस दौरान तीकोना मुकाबला था। इस बार के चुनावों में मुकाबला दोहरा था।

बिलासपुर के घुमारवीं में कमल ने दिखाया रंग

घुमारवीं के बिलासपुर जिला में भाजपा ने सबसे जोरदार जीत घुमारवीं मंे हासिल की। घुमारवीं से भाजपा के राजेंद्र गर्ग 10 हजार से अधिक वोटों से जीते। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी एवं सीपीएस राजेश धर्माणी को न केवल करारी शिकस्त दी, बल्कि उन्हें जीत की हेट्रिक बनाने से भी रोका। इतना ही नहीं, पिछले चुनाव में धर्माणी से 3208 वोटों से शिकस्त झेलने वाले गर्ग ने इस बार तीन गुना से अधिक मार्जन से सीट जीतकर हार का बदला भी लिया।


घुमारवीं विस क्षेत्र में इस बार कुल 3 प्रत्याशी मैदान में थे। इनमें भाजपा के राजेंद्र गर्ग व कांग्रेस के राजेश धर्माणी के साथ ही निर्दलीय सुरेश शामिल हैं। वर्ष 2012 में धर्माणी ने गर्ग को 3208 वोटों से हराकर लगातार दूसरी जीत हासिल की थी। इस बार भी मुख्य मुकाबला दोनों पुराने प्रत्याशियों के बीच ही था। हालांकि, घुमारवीं में रोमांचक नतीजे की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन गर्ग ने रिकाॅर्ड जीत हासिल करते हुए इसे एक लिहाज से एकतरफा ही बना दिया। राजेंद्र गर्ग को पहले राउंड से बढ़त मिलने का सिलसिला दसवें और अंतिम राउंड तक जारी रहा। दसवें राउंड की घोषणा पर उन्होंने पूरे 10,000 वोटों की बढ़त हासिल कर ली। गर्ग को 33997, जबकि धर्माणी को 23997 वोट मिले। वहीं, शाम साढ़े छह बजे तक भी पोस्टल बैलेट पेपरों की काउंटिंग का काम जारी था। हालांकि इसके चलते अभी तक आधिकारिक तौर पर नतीजा घोषित नहीं हो पाया था, लेकिन राजेंद्र गर्ग की बढ़त मंे और इजाफा होना पक्का माना जा रहा था।

कंटेंट- गौरीशंकर. कुंदन रत्न , संजय शर्मा|

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