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पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती पर जल्द फैसला लेगी सरकार : जयराम

अधर में फंसे भर्ती प्रोसेस को पूरा करवाने के लिए पुलिस विभाग ने नई सरकार के समक्ष मामला काफी समय पहले रख दिया है।

Danik Bhaskar | Mar 27, 2018, 06:37 AM IST

शिमला. हिमाचल में कई महीनों से अधर में लटकी कॉन्स्टेबल भर्ती के जल्द पूरा होने की उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पहली बार भर्ती मामले में चुपी तोड़ते हुए कहा कि यह मामला उनके ध्यान में है और जल्द ही सरकार उचित निर्णय लेगी। हालांकि, सीएम ने यह स्पष्ट नहीं किया कि सरकार भर्ती के अधूरे प्रोसेस को किसी तरह से पूरा करवाएगी, लेकिन भर्ती मामले में सीएम के चुपी तोड़ने से हजारों उम्मीदवारों की उम्मीद जगी हैं। पूर्व सरकार के समय से अधर में फंसे भर्ती प्रोसेस को पूरा करवाने के लिए पुलिस विभाग ने नई सरकार के समक्ष मामला काफी समय पहले रख दिया है।


हिमाचल में काॅन्स्टेबल भर्ती के लिए जुलाई 2017 में प्रोसेस शुरू हुआ था। एक जुलाई को अधिसूचना जारी करने के बाद 21 जुलाई तक पुलिस विभाग ने अभ्यर्थियों से आवेदन लिए। इसके बाद आउटडोर टेस्ट और 2 अक्टूबर को लिखित परीक्षा का चरण पूरा किया गया। तृतीय श्रेणी पदों के लिए पर्सनल इंटरव्यू पर रोक होने के चलते पुलिस इससे आगे के प्रोसेस को पूरा नहीं कर पाई और भर्ती अधर में लटक गई। प्रदेश के 57 हजार युवाओं ने लिखित परीक्षा दी थी, इनमें से 27 हजार युवा पर्सनल इंटरव्यू के लिए सिलेक्ट हुए हैं।


प्रोसेस अधर में ही लटक जाने से भर्ती की दो सीढ़ियां पार कर चुके 27 हजार अभ्यर्थियों का भविष्य मंझधार में फंसा है। अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री अधूरे प्रोसेस को पूरा करवाने के लिए कब तक पुलिस को निर्देश जारी करेंगे।


सरकार पर्सनल इंटरव्यू लेगी, या फिर अन्य विकल्प अधूरे प्रोसेस को पूरा करने के लिए निकाला जाएगा, यह भी आने वाले वक्त बताएगा। हिमाचल पुलिस में कॉन्स्टेबल पदों के लिए हो रही भर्ती में पर्सनल इंटरव्यू के 15 नंबरों का पेंच फंसा है। पूर्व कांग्रेस सरकार ने तृतीय श्रेणी के पदों के लिए पर्सनल इंटरव्यू खत्म कर दिए थे। कॉन्स्टेबल पद तृतीय श्रेणी में आता है, ऐसे में पुलिस विभाग की भर्ती फंस गई। पर्सनल इंटरव्यू के 15 नंबर कैसे एडजस्ट करें, इसके बारे में पुलिस विभाग ने सरकार को लेटर भेजकर क्लेरीफिकेशन मांगी।

सीएम बोले, ड्रग माफिया पर कसेंगे नकेल

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि हमारे लिए ड्रग माफिया चिंता का विषय है। जो जिले पंजाब और हरियाणा से सटे हैं उनमें ड्रग माफिया विशेषकर चुनौती बनता जा रहा है। फिर भी सरकार ने बड़े स्तर पर अभियान चलाकर माफिया से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। इस बारे पंजाब और हरियाणा सरकार से भी मामला उठाया है। हम अपनी तरफ से नशा रोकेंगे और वो अपनी तरफ से अंकुश लगाएं। इस तरह पंजाब व हरियाणा से मिलकर ड्रग माफिया के खिलाफ अभियान को अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।


जयराम यहां सर्किट हाउस में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती और ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने में अवैध खनन हो रहा था, जिसे हम रोकने में कामयाब हुए हैं। अवैध रूप से चल रहे 20 क्रशर को बंद किया गया है।


वन विभाग में पहले जो घटनाएं होती थी उन पर चैकिंग बढ़ाई और उसमें सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खनन नीति पर बड़ा बदलाव होगा। उत्तराखंड की तर्ज पर नई नीति बनाई जाएगी, जयराम ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही नई ट्रांसफर पॉलिसी बनाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार चेंज होने पर ट्रांसफर होना लाजमी है। उन्होंने कहा कि ट्रांसफर पॉलिसी में बदलाव करके नई पॉलिसी बनाई जाएगी। जयराम ने कहा कि सरकार ने अब तक का सबसे बेहतर बजट प्रस्तुत किया है। पहली दफा 28 नई योजनाएं शुरू की गई हैं, इसके लिए बजट का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि पूर्व कांग्रेसराज में प्रदेश में कानून व्यवस्था चौपट हो चुकी थी। गुड़िया और होशियार सिंह प्रकरण सब वाकिफ हैं।

बंद नहीं होगा रूसा, बदलाव करेंगे


जयराम ने साफ तौर पर कहा कि हिमाचल में रूसा सिस्टम बंद नहीं किया जाएगा। इसमें कुछ बदलाव करने की जरूरत है। इसके लिए तैयारी चल रही और जल्द ही रूसा में बदलाव देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने प्रेस क्लब ऊना के भवन निर्माण के लिए पांच लाख रुपये देने का एलान किया। इसके लिए क्लब ने उनका आभार भी व्यक्त किया। इससे पहले प्रेस क्लब ने मुख्यमंत्री को सम्मानित भी किया।