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सातवीं बार जीते महेंद्र सिंह ठाकुर, चुनाव जीतने पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम

जयराम पांचवीं बार बने विधायक, कांग्रेस प्रत्याशी चेतराम ठाकुर को 11254 मतों से दी मात, पड़े 35519 मत।

bhaskar news | Last Modified - Dec 19, 2017, 07:09 AM IST

  • सातवीं बार जीते महेंद्र सिंह ठाकुर, चुनाव जीतने पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम
    भाजपा प्रत्याशी महेंद्र सिंह ठाकुर ने जीत के बाद अपनी कुलदेवी मां जालपा का अशीर्वाद लिया।

    जंजैहली. सराज विधान सभा से भाजपा प्रत्याशी जयराम ठाकुर ने पांचवीं बार विजय हासिल की। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी चेतराम ठाकुर को 11254 मतों से पराजित किया। जयराम ठाकुर को 35519 मत पड़े, जबकि चेतराम ठाकुर को 24265 मत मिले। अन्य प्रत्याशियों को दिल्ले राम 2214, सुंदरलाल को 412, नरेंद्र कुमार को 412 मत पड़े।

    जयराम ठाकुर ने पहली बार 1998 मे भाजपा विधायक के रूप मे विजय हासिल की थी। इसके बाद वे हमेशा जीतते ही रहे। हर बार विधानसभा चुनाव में जयराम को हराने के लिए सभी कांग्रेसी एक होकर एडी चोटी का जोर लगाते रहे, लेकिन हर बार जयराम के विरोधियों को अपने मुंह की खानी पड़ी। जयराम की विजय से सराज की महिला पुरुष बुजूर्ग, नौजवानों में भारी उत्साहित है। सोमवार सुबह सेंटर पर मतगणना चलती रही और बाहर भाजपा कार्यकर्ता ढोल नगाड़े और डीजे की धुन से नाचते रहे। मत गणना केंद्र लंबाथाछ सराज में भाजपा ने जयराम ठाकुर की मुख्यमंत्री बनाने के नारे बुलंद किए। इस बार सराज में भाजपा को यवाओं का काफी समर्थन भी रहा है।

    ताया और भतीजा दोनों हारे

    कुल्लू में रूपी राज घराना दोहरे गम में डूब गया है। इस घराने से ताया और भतीजा दोनों चुनावी मैदान में थे। ताया महेश्वर सिंह कुल्लू विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार मैदान में उतरे थे, जबकि भतीजा आदित्य विक्रम सिंह बंजार से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे, दोनों हार गए हैं। हालांकि, वर्ष 2012 के विधानसभा चुनावों में रूपी राज घराने को दोहरी खुशी मिली थी। उस समय महेश्वर सिंह हिलोपा के दम पर कुल्लू से विधायक बने थे और उनके छोटे भाई स्व. कर्ण सिंह बंजार विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे और रिकाॅर्ड मतों से जीते थे। लेकिन कर्ण सिंह के देहांत के बाद कांग्रेस ने इस बार बंजार से कांग्रेस ने उनके पुत्र आदित्य विक्रम सिंह को उतारा था। जो हार हो गए हैं। मनाली विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी के नेताओं का एका भी भाजपा के गोविंद सिंह ठाकुर का दुर्ग नहीं भेद पाए हैं। मनाली विधानसभा सीट को जीतने को लेकर कांग्रेस पार्टी ने धर्मवीर धामी की भी कांग्रेस में वापसी की थी, लेकिन उसके बावजूद भी कांग्रेस यहां से जीत नहीं दर्ज कर पाई। जबकि गोविंद सिंह हेट्रिक लगाने में कामयाब हो गए हैं। माना जा रहा है कि मनाली कांग्रेस में संगठन की ओर से भीतरघात हुआ है जिस कारण कांग्रेस की हार हुई है।

    रेणुकाजी से विनय कुमार, शिलाई से हर्षवर्धन जीते

    नाहन के सिरमौर में विस चुनाव के परिणामों में रेणुकाजी से कांग्रेस प्रत्याशी विनय कुमार व शिलाई से कांग्रेस प्रत्याशी हर्षवर्धन चौहान ने जीत हासिल की। रेणुकाजी विस क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी विनय कुमार को 22028 व भाजपा प्रत्याशी बलबीर सिंह को 16868 वोट प्राप्त हुए। यहां पर विनय कुमार 5160 मतों से जीते। शिलाई विस क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी हर्षवर्धन चौहान को 29171 व भाजपा प्रत्याशी बलदेव तोमर को 25045 वोट मिले।

    सातवीं बार 11964 मतों से जीते महेंद्र सिंह ठाकुर

    सरकाघाट में धर्मपुर विस क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी महेंद्र सिंह ठाकुर ने लगातार सातवीं बार 11964 मतों के अंतर से जीत दर्ज की है। विस क्षेत्र धर्मपुर में कुल 48820 मत पड़े। इनमें से महेंद्र सिंह ठाकुर को 27931 और कांग्रेस प्रत्याशी चंद्रशेखर को 15967 व माकपा प्रत्याशी भूपेंद्र सिंह को 3284 , रमेश कुमार को 428, दिग्विजय सिंह 190, प्रकाश चंद 219, साजू राम 74 मत पड़े। इसके साथ ही 333 व 394 मत रद्द हुए। मतगणना के पहले दौर से ही भाजपा प्रत्याशी महेंद्र सिंह ठाकुर ने जो लीड बनाई, वह अंतिम दौर तक जारी रही।

    विधानसभा चुनाव में महेंद्र सिंह ठाकुर ने लगातार सातवीं बार जीत दर्ज की। उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी कांग्रेस के प्रत्याशी चंद्रशेखर को 12 हजार मतों से हराया। इससे पहले उनकी जीत का रिकॉर्ड 10 हजार मत था। महेंद्र का नाम अलग-अलग चिन्ह पर चुनाव जीतने पर उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है। इनकी राजनीति जीवन की शुरुआत वर्ष 1990 में की थी। पहला चुनाव निर्दलीय जीता। 1993 में हुए मध्यावधि चुनाव में वे कांग्रेस के टिकट पर लड़कर जीते थे। वर्ष 1998 में महेंद्र सिंह ने हिमाचल विकास कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद हिम लोकतांत्रिक मोर्चा से चुनाव लड़कर जीते। इसके बाद से वे भाजपा से चुनाव लड़ते आए हैं।

    कंटेंट- रितेश चौहान, अशेष शर्मा ,

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