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न्यू ईयर सेलिब्रेशन के लिए होगी भीड़, फायर विभाग, आपदा प्रबंधन टीमें पहले रखें तैयारी

इन स्थानों पर मुंबई जैसी कोई घटना घटनी है है तो जानमाल का नुकसान होना तय है।

Danik Bhaskar | Dec 31, 2017, 03:05 AM IST

शिमला. मुंबई के कमला मिल्स कंपाउंड में हुई आगजनी की घटना से सबक लेते हुए डीसी शिमला रोहन चंद ठाकुर ने भी शिमला में अलर्ट जारी किया है। उन्होंने फायर विभाग आपदा प्रबंधन को न्यू ईयर के लिए तैयार रहने के निर्देश जारी किए हैं। उपायुक्त ने दोनों विभागों को तर्क देने हुए बताया कि शिमला शहर में कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहां पर आगामी दो दिनों में काफी भीड़ भाड़ रहेगी। यहां पर हजारों की संख्या में पब्लिक इकट्ठा होगी। देश-विदेश के पर्यटक भी न्यू ईयर मनाने के लिए शिमला पहुंच रहे हैं। ऐसे में यदि इन स्थानों पर मुंबई जैसी कोई घटना घटनी है है तो जानमाल का नुकसान होना तय है।

उन्होंने दोनों विभागों को न्यू ईयर के दौरान भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अलर्ट रहने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग पहले ही जगह डिसाइड कर लें तथा वहां पर एक्सट्रा फोर्स की तैनाती कर दें। मालरोड़ को छोड़कर शहर के तीनों क्षेत्र जिसमें लोअर बाजार, रामबाजार मिडल बाजार शामिल हैं, यहां पर फायर विभाग को वाहनों को पहुंचाने में समस्या आती है। केवल लोअर बाजार में वाहन जा सकते हैं, मगर यहां पर भी तह बाजारियों का कब्जा है, ऐसे में मिडल बाजार राम बाजार में फायर विभाग आपदा प्रबंधन को बिना वाहनों की मदद से ही आपदा के दौरान कार्य करना होगा। ऐसे में अब विभाग को पहले ही अलर्ट रहने के लिए कहा गया है।

कर्मचारी बनाए रखें सतर्कता : डीसी
न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान फायर विभाग आपदा प्रबंधन को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। शहर के मुख्य बाजार में अधिक भीड़ होगी, ऐसे में यहां पर खतरा बढ़ जाता है। विभाग अपने कर्मचारियों को यहां पर सतर्क रखें। रोहनचंद ठाकुर, उपायुक्त शिमला

इन स्थानों पर रहें अधिक अलर्ट
उपायुक्त ने अपने आदेशों में शहर के कुछ स्थान भी बताए हैं जहां पर भीड़ अधिक रहती है। उन्होंने इसमें मालरोड़, लोअर बाजार, मिडल बाजार राम बाजार को अधिक संवेदनशील बताया है। इन सभी बाजार में दो दिनों में भारी संख्या में लोग इकट्ठा होंगे। उपायुक्त ने कहा कि यहां पर कई होटल रेस्टोरेंट भी हैं। ऐसे में यहां पर खतरा और अधिक बढ़ जाता है। ऐसे में आपदा प्रबंधन फायर विभाग की जिम्मेवारी बनती है कि इन सभी स्थानों पर कड़ा पहरा रहे तथा यहां पर कोई भी घटना होने से पहले ही विभाग तैयार रहें। आपदा प्रबंधन बचाव के लिए अपनी फोर्स तैयार रखें, जबकि फायर विभाग आगजनी से निपटने के लिए फोर्स को तैयार रहने के लिए कहें।