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हफ्ते में तीन दिन शिमला से चंडीगढ़-कसौली हैली टैक्सी से पहुंचाएगा पवन हंस

कुल्लू से दिल्ली के बीच डेक्कन एयरलाइंस आैर दिल्ली से शिमला के बीच एयर लाइंस को हवाई सेवाएं चलाने के लाइसेंस दिया है।

Danik Bhaskar | Mar 13, 2018, 08:07 AM IST

शिमला. पहाड़ी राज्य में अब सैलानियों के लिए हैली टैक्सी भी शुरू होगी। शिमला से कसौली या चंडीगढ़ के लिए पहले फेज में यह योजना शुरू की जा रही है। इसकी योजना केंद्र सरकार ने तैयार कर ली है। केंद्र सरकार की उड़ान योजना में सोलन, शिमला, कांगड़ा, मंडी आैर कुल्लू जिले के पर्यटक स्थलों को पवन हंस एयरलाइन्स को यह सेवा प्रदान करने के लिए चुना गया है। पहले चरण में पवन हंस एयरलाइंस को चंडीगढ़ से कसौली , शिमला से चंडीगढ़ वाया कसौली, कसौली से शिमला आैर शिमला से कसौली के बीच हवाई सेवाएं देने का लाइसेंस प्रदान किया है।

सेकंड फेज में शिमला से धर्मशाला, मंडी, रामपुर के लिए शुरू होगी हैली टैक्सी सर्विस

इस योजना के दूसरे चरण में पवन हंस एयरलाइंस को शिमला से मंडी, धर्मशाला से शिमला वाया मंडी, धर्मशाला से मंडी, मंडी से धर्मशाला, मंडी से शिमला, नाथपा झाकड़ी से रामपुर , रामपुर से नाथपा झाकड़ी , रामपुर से शिमला आैर शिमला से रामपुर के बीच हवाई सेवाएं चलाने का लाइसेंस प्रदान किया गया है।

हाई क्लास सैलानियों के लिए थी डिमांड

देश-विदेश से हिमाचल आने वाले सैलानियों की लंबे समय से डिमांड रहती थी कि राज्य में ऐसे सर्किट बनाए जाएं, जहां पर हैली टैक्सी से सैलानी कम समय में ज्यादा घूम सकें। हर बार राजनीतिक दलों की आेर से अपने घोषणा पत्र में इसे शामिल किया जाता था, लेकिन योजना सिरे नहीं चढ़ती थी। इस बार हिमाचल से लेकर दिल्ली तक इस पर कसरत होती दिख रही है।


सप्ताह में तीन उड़ाने भरने के निर्देश

केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मन्त्री जयंत सिन्हा ने शिमला के सांसद वीरेंद्र कश्यप के सवाल के जवाब में कहा कि इन उड़ानों में 11 आर सी एस सीटें निर्धारित की गई हैं। एयरलाइन्स को सप्ताह में तीन उड़ानें भरने के लिए कहा है।

दिल्ली से हिमाचल के लिए सात उड़ानें

दूसरी तरफ सरकार की उड़ान योजना के पहले चरण के अंतर्गत कुल्लू से दिल्ली के बीच डेक्कन एयरलाइंस आैर दिल्ली से शिमला के बीच एयर लाइंस को हवाई सेवाएं चलाने के लाइसेंस दिया है। इनमें 9 आरसी एस सीटें निर्धारित हैं। एयर लाइन्स को सप्ताह में सात उड़ानें भरने के लिए कहा है। योजना के तहत हिमाचल के अलावा जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड आैर उत्तरी पूर्वी राज्यों के उन क्षेत्रों को चुना है। राज्य में अभी तक सड़कों को ही ट्रांसपोर्ट का मुख्य मोड माना जाता रहा है। राज्य में रेल विस्तार न के बराबर है। प्रदेश की आर्थिकी मुख्य रूप से सड़कों पर ही निर्भर है।