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मरीजों का नहीं ब्रान्डेड कंपनियों का ख्याल रख रही फॉर्मेसी, 70-90% डिस्काउंट के लिए खोली थी

अमृत फॉर्मेसी मरीजों का नहीं बल्कि ब्रान्डेड कंपनियों का ख्याल रख रही हैं।

Dainik Bhaskar

Dec 13, 2017, 06:53 AM IST
Pharmacy taking care of branded companies

शिमला. प्रदेश के सबसे बड़े हॉस्पिटल इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में अमृत फॉर्मेसी को हेल्थ मिनिस्टर ने चार महीने पहले इस दावे के साथ शुरू करवाया कि यहां पर मरीजों को बाजार से 70 से 90 फीसदी सस्ते रेट पर दवाएं मिलेंगी। लेकिन सच ये है कि अमृत फॉर्मेसी मरीजों का नहीं बल्कि ब्रान्डेड कंपनियों का ख्याल रख रही हैं।


आईजीएमसी के कैंसर हॉस्पिटल में बेची जा रही हार्ट प्राब्लम की कुछ दवाओं के रेट तो यहां पर बाजार से 540 फीसदी यानी 88 रुपए तक ज्यादा महंगे हैं।


कैंसर की दवाएं भी बाजार जितने ही महंगे रेट पर बेची जा रही हैं। कैंसर के मरीजों की कीमोथैरेपी से पहले दी जाने वाली दवाएं तो बिना किसी डिस्काउंट के प्रिंट रेट पर बेची जा रही है। भास्कर ने अमृत फॉर्मेसी में मरीजों के साथ हाे रहे इस खिलवाड़ पर तह तक जाने की कोशिश की तो अमृत फॉर्मेसी के इस गोरखधंधे और हॉस्पिटल प्रशासन की गंभीर लापरवाही का सच सामने आया। आईजीएमसी में अमृत फॉर्मेसी को इसी साल 21 अगस्त को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुरू किया था।

फॉर्मेसी में महंगी, गेट पर सस्ती

अमृत फॉर्मेसी से खरीदी गई दवा को आईजीएमसी के बाहर ही सिविल सप्लाई की दुकान से खरीदा तो 88 रुपए का फर्क सामने आया। हार्ट पेशेंट्स को दी जाने वाली एटोरवास्टेटिन आईपी 20 एमजी सॉल्ट की जैनेक्सवेस्ट नाम की दवा अमृत फॉर्मेसी में 108 रुपए की मिली। यही सॉल्ट की दवाई जब आईजीएमसी के बाहर सिविल सप्लाई की दुकान पर खरीदी गई तो मात्र 20 रुपए 52 पैसे में मिली। अमृत फॉर्मेसी में मरीजों के लिए जेनेरिक या सस्ती दवाएं उपलब्ध करवाना था। लेकिन यहां पर बाजार में मिल रही सस्ती दवाओं की जगह महंगी ब्रान्डेड कंपनियों बेचकर मल्टीनेशनल या बड़ी कंपनियों को फायदा पहुंचा रही है। अमृत फॉर्मेसी के इंचार्ज अमन ठाकुर ने महंगी दवाएं बेचे जाने के पीछे तर्क दे रहे हैं कि हार्ट की अमृत फॉर्मेसी में जो दवाएं महंगी हैं वो ब्रान्डेड कंपनी की दवा है। इंचार्ज अमन ठाकुर का दावा है कि मरीजों को दवाओं को डिस्काउंट दिया जा रहा है।

मामले की जांच करेंगे: प्रिंसिपल
आईजीएमसी के प्रधानाचार्य डॉ. अशोक शर्मा ने कहा कि यदि अमृत फॉर्मेसी में महंगी दवाएं रखी गई है तो इस बारे में संबंधित कंपनी के अधिकारियों से इस बारे में बात की जाएगी। यहां पर मरीजों को डिस्काउंट पर दवाएं दी जानी है। उन्हें पूरी दवाएं रखने के भी निर्देश दिए जाएंगे।

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