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लाचार मां को किराये के कमरे में छोड़ चलते बने बेटा-बहू, पति की हो चुकी है डेथ

सोलन के न्यू कथेड़ में रहने वाली बुजुर्ग महिला निवासी पुष्पा जोशी की कहानी।

Dainik Bhaskar

Dec 22, 2017, 08:14 AM IST
हेल्थ डिपॉर्टमेंट से रिटायर हुई हैं पुष्पा जोशी हेल्थ डिपॉर्टमेंट से रिटायर हुई हैं पुष्पा जोशी

सोलन. आंखों से कुछ दिखाई देता नहीं है और ही वह दूसरों की सहायता के बिना बिस्तर से उठ पाती है। ऐसी हालत में बेटा- बहू एक बुजुर्ग महिला को किराये के कमरे में छोड़ कर कहीं चले गए। बुजुर्ग महिला की हालत देखकर पड़ोस में रहने वाली महिलाएं देखभाल कर रही हैं। यह व्यथा है सोलन के न्यू कथेड़ में रहने वाली बुजुर्ग महिला निवासी पुष्पा जोशी की।

सोलन के न्यू कथेड़ में किराये के कमरे में रह रही 65 वर्षीय पुष्पा जोशी ने बताया कि वह गठिया शूगर से पीड़ित है। इसके कारण तो उसे कुछ दिखाई देता है ही वह बिस्तर से खुद उठ पाती है। ऐसे में वह पूरी तरह से दूसरों पर निर्भर है। पुष्पा जोशी ने बताया कि यहां वह अपने बेटा-बहू के साथ रहती थी। बेटा गाड़ी चलाता है और उसने असम की रहने वाली से एक युवती से शादी की है। वह भी उसकी केयर नहीं करते। एक माह पहले बेटा बहू पता नहीं कहां चले गए। ऐसे में वह अपने रूम में अकेली रह गई।

पड़ोसी महिलाएं खिला देती हैं रोटी

पुष्पा जोशी ने बताया कि जब पड़ोस में रहने वाली उमा मेहता और बबली को उसका पता चला, तो वह मानवता के नाते उसके पास आई। तबसे लेकर अब तक उमा मेहता या बबली ही उसकी देखभाल कर रही हैं। सुबह की चाय नाश्ता, दिन और शाम को रोटी खिला देती हैं। पुष्पा जोशी कहती है कि वह भी आखिर कब तक उसकी केयर करेंगे।

हेल्थ डिपॉर्टमेंट से रिटायर हुई हैं पुष्पा जोशी
पुष्पा जोशी ने बताया कि वह जोनल अस्पताल सोलन से हेल्थ डिपॉर्टमेंट से रिटायर हुई है। वह सोलन जिला की उपतहसील कृष्णगढ़ (कुठाड़) के जाड़वा की रहने वाली है और उसकी शादी कुनिहार में हुई थी। जवानी में ही पति की डैथ हो गई थी। पति की मौत के कुछ ही माह बाद एक बेटे की 14 वर्ष की उम्र में डेथ हो गई। उनके पति हेल्थ डिपॉटमेंट में थे। इस कारण करूणामूलक आधार पर हेल्थ डिपॉर्टमेंट में जॉब मिल गई थी। इससे उनका गुजारा चलता रहा है। वह सोलन अस्पताल से मिडवाइफ पद से रिटायर हुई है। अर्थराइटिस और शूगर के चलते वह बिल्कुल दूसरों पर निर्भर होकर रह गई है। उन्हें पेंशन मिलती है, लेकिन बैंक तक पहुंचना भी मुश्किल है। दो-तीन लोगों की मदद से ही वह पेंशन लेने बैंक तक पहुंच सकती है।

डीसी सोलन को लिखा पत्र
पुष्पा जोशी चाहती है कि उसे शिमला के बसंतपुर में बने वृद्धाश्रम में भेजा जाए। यहां ऐसी हालत में अकेले नहीं रह सकती। ओल्डऐज हेल्पलाइन सोलन को जब पुष्पा के बारे में पता चला तो संस्था के प्रेस सचिव डॉ. आरसी गर्ग महिला से मिले और बातचीत की। उन्होंने डीसी सोलन को पत्र लिखा है। पत्र में लिखा है कि मेरी कोई देखभाल करने वाला नहीं है। इसलिए मुझे वृद्धाश्रम भेजा जाए।

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