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सिरमौर के 103 स्कूल हो सकते हैं बंद इनमें मिडिल व प्राइमरी शामिल

प्रदेश सरकार के निर्णय के बाद जिला सिरमौर में 103 स्कूल बंद हो सकते हैं। इदनमें प्राइमरी व मिडिल स्कूल शामिल हैं।...

Danik Bhaskar | Feb 03, 2018, 02:05 AM IST
प्रदेश सरकार के निर्णय के बाद जिला सिरमौर में 103 स्कूल बंद हो सकते हैं। इदनमें प्राइमरी व मिडिल स्कूल शामिल हैं। जिन स्कूलों में 0 से 5 व 0 से 10 तक छात्रों की संख्या है, उसका खाका विभाग ने तैयार कर लिया है। यही नहीं कई स्कूलों में जहां रोड की दिक्कत है, उन्हें भी नजदीकी स्कूलों मेंं मर्ज करने की तैयारी चल रही है। जिला शिक्षा विभाग ने सरकार के आदेश के बाद जिला के इन स्कूलों की लिस्ट को फाइनल कर लिया है। विभागीय जानकारी के अनुसार कई स्कूल ऐसे हैं, जहां पर टीचर नहीं है। स्कूलों को बंद किया जा सकता है। इनमें से कई स्कूल ऐसे हैं, जहां पर बच्चों को जंगलों का रास्ता तय कर स्कूल तक पहुंचना पड़ता है; कई ऐसे स्कूल हैं, जहां पर बरसात के दिनों में नदी व पानी के नालों को पार करके जाना पड़ता है। विभाग इन स्कूलों को नजदीकी स्कूलों में शिफ्ट भी कर सकता है। सिरमौर के कई प्राइमरी व मिडल स्कूल ऐसे हैं, जहां पर बच्चों की संख्या 0 है। सिरमौर शिक्षा विभाग की तैयार की लिस्ट में जिला के 6 स्कूल ऐसे हैं जहां पर बच्चों की संख्या 0 हंै। कफोटा शिक्षा खंड के गुजोण में बच्चों की संख्या शून्य है। इसी तरह माजरा शिक्षा खंड के अंतर्गत आने वाले जंगलोट में भी यही स्थिति है। मिडिल स्कूल सेऊबाग, जीएमएस मोहर, जीएमएस डिलमन व जीएमएस झाझर में भी बच्चों की संख्या शून्य है। वहीं, प्राइमरी स्कूल कांडो मछरेल में एक ही छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहा है, जबकि पांवटा साहिब ब्लाॅक के जीपीएस कुल्थीना में भी मात्र एक छात्र अध्ययनरत है।

स्कूलों के बंद होने का यह हैं कारण


बंद होंगे प्राइमरी स्कूल

जिला सिरमौर के 89 स्कूल हैं, इनमें बच्चों की संख्या 0 से 10 हैंै। इन स्कूलों में सरकारी प्राइमरी स्कूल मनडोरी, थोला, छनोटी, टिंबा कांडो, मैला शमाना, भरेन, सैऊबाग, कोट, घीन कांगन, मलहोटी, खालदनवल, मरयोग, नोमचेत, शरहोज, बैला, परली फोरार, सीऊ, सैरखी, भूगारी, बाग झझरा, बांगन, घासन, भनोट, धालाधोटी, पबेच, कुंथल पसोग, कवल बांदली, शडोग, रिहाना कोथल, खैरी, गोजन, डिम्टवार, अनहरा, कुफर निगाली, जोंग, अनरा, शावरी, बोराड़, बोहल, बनाना, पारलो, थाल्पा, बाग तिलवारी, सेंजा, भूवेरी, कांडा कोटी, जामल, उलाना, जंगलोट, मथाना, शामपुर, कलशेर, पडाहा, काथर, लोहारडी, कांगर कूफर, शेर बराल, शलयार, थार, गुंदल, भलगांव, दो सडक़ा, नगोली, डाबरी, कांडो कटीयार, राखनी, रोजबांदली, आरवाली काटली, चाई महरोग, चकरेड़ा, बोंग, झाझर, सरोगा टिक्कर, जामली, कैलाथ, पूड़ला, टेडी बरोटी, चूडऩ, बोग भरोटा, पुड़ला, शमयाला, रूदाना, डांडाआंज, धरेच, फूलपुर शमशेरपुर, कांडो मशगल, डाडवा खेला, नाड़ी व कुलथीना आदि स्कूल है। इन स्कूलों में 0 से 10 ही बच्चों की संख्या है।

यह हैं मिडल स्कूल

जिला सिरमौर के 14 स्कूल ऐसे हैं जहां पर बच्चों की संख्या 0 से 10 है। इनमें सराहां के काथांजी जहां पर बच्चों की संख्या 10 है। जबकि सराहां के जनोट व रामघाट यहां पर भी बच्चों की संख्या 10 है। ददाहू के सैऊबाग में बच्चे ही नहीं है। ददाहू के मलाहन स्कूल में सिर्फ 6 बच्चे ही पढ़ाई कर रहे हैं। इसके अलावा माजरा ब्लाक के सवाड़ा नाड़ासी स्कूल में 9 बच्चे ही पढ़ाई कर रहे हैं। इसके अलावा नौहराधार ब्लाक के नाईचाना स्कूल में सात बच्चे ही पढ़ाई कर रहे हैं। इसके अलावा नारग के दो स्कूल डिलमन व मोहर में बच्चे ही नहीं है। जबकि नारग के दो अन्य स्कूल शोगी चरवाग व जबयाना में क्रमश: 5 व 8 बच्चे ही अध्ययरत हैं। बकरास ब्लाक के मानल मेहल स्कूल में 6, सुरला ब्लाक के झाझर में एक भी बच्चा पढ़ाई नहीं कर रहा है। जबकि कफोटा ब्लाक के कांडो छोग में 10 ही बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। इन सभी स्कूलों का डाटा प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा।

लिस्ट तैयार है, जल्द सरकार को भेजी जाएगी

कार्यवाहक शिक्षा उपनिदेशक एलीमेंरी सिरमौर सुधाकर शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने 0 से 5 व 0 से 10 स्कूलों की लिस्ट मांगी थी। इसको तैयार कर लिया गया है। जल्द ही यह लिस्ट प्रदेश सरकार को भेज दी जाएगी।