Hindi News »Himachal »Shimla» साल बाद भी कैशलेस नहीं हो पाई शिमला की पंचायतें

साल बाद भी कैशलेस नहीं हो पाई शिमला की पंचायतें

डिजिटल इंडिया के तहत कैशलेस करने के लिए प्रशासन के दावे पूरे नहीं हो रहे हैं। जिला की पंचायतों को कैशलेस करने के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 02:05 AM IST

डिजिटल इंडिया के तहत कैशलेस करने के लिए प्रशासन के दावे पूरे नहीं हो रहे हैं। जिला की पंचायतों को कैशलेस करने के लिए एक साल बाद भी पीओएस (प्वाइंट आॅफ सेल) मशीनें नहीं लग पाई हैं। एक वर्ष पहले देश में नोटबंदी के बाद जिला प्रशासन ने शहर के आसपास की दस पंचायतों को कैशलेस करने के लिए पीओएस मशीनें लगाने की तैयारी की थी। इसके लिए पीओएस मशीनें लगाने के लिए भी बैंकों से बात की गई थी।

मगर उसके बाद यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई, अभी तक न तो किसी पंचायत में पीओएस मशीनें पहुंच पाई है और कब पहुंचेगी यह भी पता नहीं। पंचायतों में पीओएस मशीनें लगाने के लिए प्रशासन ने छह माह का टारगेट तय किया था। इसके लिए संबंधित बैंकों से बात की गई थी। हालांकि उस समय बैंकों में पीओएस मशीनों की डिमांड अधिक होने के कारण मशीनें प्रोवाइड नहीं हो पाई थी। इसके लिए पंचायतों के नाम भी चयनित किए गए थे कि किन-किन पंचायतों में ट्रायल पर यह मशीनें लगाई जाएगी। लेकिन अब सब कुछ ठंडे बस्ते में चला गया है।

इस बारे में एडीसी शिमला देवाश्वेता बनिक ने कहा कि इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। मैने हॉल ही में ज्वाइन किया है। यदि कोई इस तरह का प्लान है तो इसकी जानकारी ली जाएगी। कोशिश की जाएगी कि जल्द से जल्द इस पर काम हो सके।

पीओएस मशीनें लगाने के लिए प्रशासन ने की थी तैयारी, छह माह में पूरी जिले में लगाने की थी योजना पर सिरे नहीं चढ़ी

कृषकों को भी अब पीओएस मशीनों से मिलेगी खाद

शिमला| प्रत्यक्ष लाभ अंतरण परियोजना के तहत जिला में कृषकों को मिलने वाली खाद, अब पीओएस (प्वाइंट आॅफ सेल) मशीन के माध्यम से प्राप्त होगी। जिला में खाद पर प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना का शुभारंभ करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त देवाश्वेता बनिक ने यह जानकारी आज यहां दी। उन्होंने बताया कि जिला के विभिन्न विकासखंडों में खाद डिपो धारकों को कुल 204 पीओएस मशीनें वितरित की गई हैं, जिसमें 139 पीओएस मशीनों ने कार्य करना आरंभ कर दिया है। उन्होंने बताया कि खाद पूर्व की भांति भविष्य में भी सब्सिडी मूल्य पर मिलेगी, जिसके लिए किसानों अथवा उपभोक्ताओं को अतिरिक्त कीमत नहीं देनी होगी।

योजना का शुभारंभ करती हुई अतिरिक्त उपायुक्त देवाश्वेता बनिक।

यह होना था फायदा पंचायतों में रोजाना लोग जन्म, मृत्यु, विवाह पंजीकरण, नाम दर्ज, राशन कार्ड बनवाने के साथ-साथ कई अन्य कार्य करवाने के लिए भी आते हैं। ऐसे में प्रशासन का मकसद पंचायतों को कैशलेस करने का था। पीओएस मशीनें लगाने के बाद पैसों का पूरा लेनदेन इन्हीं मशीनों से होना था। इससे जहां लोगों को फायदा होना था, वहीं संबंधित अधिकारियों को भी काफी सुविधा मिलनी थी। मगर अब यह सुविधा कब तक मिलेगी इस बारे में भी कोई पता नहीं है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Shimla

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×