Hindi News »Himachal »Shimla» 2003 में शिलान्यास: तत्कालीन सीएम वीरभद्र 2008 में उद्‌घाटन: तत्कालीन सीएम धूमल

2003 में शिलान्यास: तत्कालीन सीएम वीरभद्र 2008 में उद्‌घाटन: तत्कालीन सीएम धूमल

गिरि परियोजना बनाने का श्रेय लेने के लिए पूर्व की कांग्रेस व भाजपा सरकाराें ने तय स्थान के बजाए शहर के बीचों-बीच...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 02:05 AM IST

गिरि परियोजना बनाने का श्रेय लेने के लिए पूर्व की कांग्रेस व भाजपा सरकाराें ने तय स्थान के बजाए शहर के बीचों-बीच स्थित चिल्ड्रन पार्क में अलग-अलग उद्‌घाटन व शिलान्यास पटि्टकाएं तो लगाईं, लेकिन व्यवस्थागत खामियों के चलते पार्क में आने वाले लोगों के लिए आज तक पीने के पानी की व्यवस्था नहीं हुई। गिरि परियोजना के उद्‌घाटन से पहले तक पार्क में लगा सार्वजनिक नलका भी नगर परिषद ने बंद कर दिया। इतना नहीं पिछले वर्ष गर्मियों के मौसम में पार्क में वाटर एटीएम भी लगाया गया, लेकिन इसके संचालन की व्यवस्था नहीं होने से यह ठप है। हालात यह है कि पार्क में आने वाले लोगों को बाजार से मिनीरल वाटर खरीद कर प्यास बुझानी पड़ती।

गिरि परियोजना का शिलान्यास पूर्व मुख्यमंत्री ने वीरभद्र सिंह ने सितंबर 2003 को किया था। इसके बाद भाजपा सरकार के तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने 14 अप्रैल 2008 को चिल्ड्रन पार्क में गिरि परियोजना का उद्‌घाटन किया। वर्ष 2012 में कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद शिलान्यास पटि्टका टैंक रोड़ से बदलकर चिल्ड्रन पार्क में स्थापित कर दी। गिरि परियोजना से टैंक रोड स्थिति वाटर टैंक के लिए पेयजल की लिफ्टिंग होती है, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने चिल्ड्रन पार्क में इसका उद्‌घाटन करवाया। इसको लेकर काफी विवाद हुआ था। उद्‌घाटन के लिए पार्क में मुख्य पाइपलाइन से पानी का कनेक्शन लिया गया, लेकिन समय बीत जाने के बाद इससे बंद कर दिया। बहरहाल राजनीतिक पार्टियों ने गिरि परियोजना बनाने का श्रेय लेने के लिए पार्क में शिलान्यास व उद््‌घाटन की पटि्टकाएं तो लगाई, लेकिन लोगों को इसका लाभ नहीं मिला।

चिल्ड्रन पार्क में गिरि परियोजना की शिलान्यास उद्‌घाटन पटि्टकाएं लगीं, पीने का पानी नहीं मिला

बंद पड़ा वाटर एटीएम

पार्क में बंद पड़ा नल्का

एटीएम का खर्च उठाने काे शूलिनी सेवा दल तैयार|पार्क में लगे वाटर एटीएम को संचालित करने के लिए नगर परिषद के पास नियमित कर्मचारी नहीं है। शुरू में इससे सोसायटियों के माध्यम से संचालित करने का निर्णय लिया था, लेकिन यह कारगर साबित नहीं हुआ। शहर की मां शूलिनी सेवा दल संस्था ने वाटर एटीएम को अपने खर्च पर संचालित करने लिए नगर परिषद अनुमति मांगी है। पर लंबा समय बीत जाने के बावजूद अनुमति नहीं मिली है।

पार्क में रोज आते हैं सैकड़ांे बुजुर्ग व बच्चे|चिल्ड्रन पार्क शहर के बीचों-बीच स्थिति होने के चलते यहां रोज बड़ी संख्या में बच्चे व बुजुर्ग समय गुजारने आते हैं। पार्क में देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू व प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. वाईएस परमार की मूर्तियां स्थापित है। पार्क लगे झूलों व स्लाइड का आनंद लेने के लिए शहर के बच्चों का दिन भर यहां आना-जाना आम है। इसी सीनियर सिटीजन व महिलाओं के लिए भी जगह आरक्षित है।

पार्क में लोगों को शुद्ध पेजयल उपलब्ध करवाने के लिए एटीएम लगाया गया है, लेकिन इसके संचालन सही से नहीं हो पाया। पार्क में पीने के पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। जरूरत पड़ने पर नया कनेक्शन भी लगाया जाएगा। देवेंद्र ठाकुर, चेयरमैन, नगर परिषद सोलन।

शिलान्यास पट्टिका

उद्‌घाटन पट्टिका

आईपीएच विभाग की लाखों की पाइपें खा रही है जंग

एक दशक पहले गिरि से लाइन तो लिंक की, पानी देना भूला विभाग

जयदेव अत्रि/जाबली | नेशनल हाईवे कालका-शिमला पर स्थित जाबली पंचायत के लोगों के हलक एक दशक बीत जाने के बाद भी सूखे हैं। जाबली पंचायत को सोलन की गिरि पेयजल योजना से पानी मिलना था। इसके लिए आईपीएच विभाग ने करीब एक दशक पहले यहां लोगों को स्वच्छ पेयजल मुहैया करवाने के उद्देश्य से पाइन लाइन भी बिछाई थी, लेकिन जनप्रतिनिधियों और विभागीय उपेक्षा का आलम यह है कि अभी तक जाबली को गिरि पेयजल योजना से एक बूंद भी पानी नसीब नहीं हुआ, जिससे स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है। उधर,आईपीएच विभाग का कहना है कि पेयजल योजना के बीच में रेलवे का क्षेत्र आता है, जिसके कारण मामला अटका है।

स्थानीय लोगों को पेयजल मुहैया करवाने के उद्देश्य से जाबली पंचायत के लोगों को लाखों रुपयों की लागत से पाइप लाइन तो बिछाई, लेकिन आईपीएच विभाग जाबली के लोगों को पानी देना भूल गया। लोग जैसे-तैसे करके अपना गुज़ारा कर रहे हैं। हर बार स्थानीय लोग नेताओं के समक्ष पेयजल की मांग को उठाते रहे, लेकिन आज तक लोगों को आश्वासन तो मिले, लेकिन पानी नहीं। जाबली पंचायत के लोगों को गिरी योजना का लाभ नहीं मिल पाया है।

डॉ. सहजल से भी मिल चुके हैं स्थानीय लोग|जाबली के सीनियर सिटीजन व सेवानिवृत कल्याण संघ ने चार दिन पहले जाबली में पेयजल समस्या को लेकर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ राजीव सैजल से मुलाकात की थी।

सीएम से जांच की मांग|जाबली के बलजीत कंवर, चंद्रमोहन, राजकुमार, चंद्र दत्त, रमन, गिरीश, तरुण, विनय, विवेक, कुलभूषण, राकेश, अजेश, योगेंद्र, सुखपाल, हेमशंकर ,नरेंद्र सहित पंचायत के लोगों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से पेयजल योजना के शुरू न होने की जांच की मांग की है। जाबली पंचायत के प्रधान दुनीचंद धीमान ने कहा कि कई बार इस समस्या को उठाया गया है। इसके अलावा जाबली के प्रत्येक गांवों के लिए कौशल्या खड्ड से उठाऊ पेयजल योजना प्रस्तावित है।

इस पेयजल योजना में 700 मीटर एरिया रेलवे का है। इस कारण इस इस पेयजल योजना को अभी तक शुरू नहीं कर पाए। रेलवे की एनओसी मिलने के बाद ही इस पेयजल योजना को शुरू किया जा सकता है। प्रमोद गौतम, एसडीओ, आईपीएच, धर्मपुर।

India Result 2018: Check BSEB 10th Result, BSEB 12th Result, RBSE 10th Result, RBSE 12th Result, UK Board 10th Result, UK Board 12th Result, JAC 10th Result, JAC 12th Result, CBSE 10th Result, CBSE 12th Result, Maharashtra Board SSC Result and Maharashtra Board HSC Result Online
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Shimla News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: 2003 में शिलान्यास: तत्कालीन सीएम वीरभद्र 2008 में उद्‌घाटन: तत्कालीन सीएम धूमल
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Shimla

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×