शिमला

--Advertisement--

अधिकारियों को दिए प्रभावी न्यायालय प्रबंधन के टिप्स

हिमाचल प्रदेश न्यायिक अकादमी ने विभिन्न अदालतों में लम्बित मामलों के बैकलॉग को कम करने व त्वरित न्याय दिलाने में...

Danik Bhaskar

Apr 01, 2018, 02:05 AM IST
हिमाचल प्रदेश न्यायिक अकादमी ने विभिन्न अदालतों में लम्बित मामलों के बैकलॉग को कम करने व त्वरित न्याय दिलाने में सुधारों के लिए अपनाई जा सकने वाली प्रणाली से अवगत करवाने के लिए हाईकोर्ट सभागार में “शीघ्र न्याय के लिए प्रभावी न्यायालय प्रबंधन” पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल की मौजूदगी में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश दीपक गुप्ता ने यह व्याख्यान दिया।

न्यायाधीश दीपक गुप्ता ने संविधान के अनिवार्य अंग के तहत सभी को न्याय प्रदान करने पर बल दिया । उन्होंने न्यायाधीशों को समाज के लिए काम करने और भारत के संविधान के अनुरूप नए और प्रभावी तरीके इजाद करने का आह्वान किया। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों को मामलों के त्वरित निपटारे के लिए प्रभावी न्यायालय प्रबंधन के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल ने न्यायाधीश दीपक गुप्ता का स्वागत किया। उन्होंने “न्यायिक दर्शन” पर बात की और त्वरित न्याय प्रदान करते समय “संस्थागत न्यायिक तंत्र” की वकालत की। जस्टिस धर्म चन्द चौधरी ने अधीनस्थ न्यायपालिका को न्याय प्रदान करने में तेजी लाने के लिए केस फ्लो मैनेजमेंट रुल्ज का सख्ती से पालन करने और न्यायालयों के प्रभावी प्रबंधन के लिए सभी संभव कदम उठाने पर बल दिया। न्यायिक अकादमी के निदेशक चिराग भानु सिंह ने स्वागत भाषण दिया जबकि न्यायिक अकादमी के उप निदेशक अविनाश चंदर ने मुख्य अतिथि का धन्यवाद किया। इस अवसर पर हाईकोर्ट के न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी, तरलोक सिंह चौहान, सुरेश्वर ठाकुर, विवेक सिंह ठाकुर, संदीप शर्मा और चंदर भूषण बारोवालिया भी उपस्थित थे। इस समारोह में हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल राजीव भारद्वाज व अन्य रजिस्ट्रार अरविंद मल्होत्रा, जे.के. शर्मा, राकेश कैंथला आर के शर्मा, सीपीसी डॉ पी.एस. अरोड़ा और शिमला, सोलन, सिरमौर, किन्नौर और बिलासपुर के सिविल और सत्र न्यायालयों के लगभग 62 न्यायिक अधिकारियों ने भी भाग लिया।

Click to listen..