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केंद्र मजदूराें का न्यूनतम वेतन जल्द लागू करे:सीटू

भास्कर न्यूज | रामपुर बुशहर केंद्र सरकार ने बजट में पैसे की कमी का राेना राे कर मजदूरों का न्यूनतम वेतन 18000 रुपए...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 02:05 AM IST
भास्कर न्यूज | रामपुर बुशहर

केंद्र सरकार ने बजट में पैसे की कमी का राेना राे कर मजदूरों का न्यूनतम वेतन 18000 रुपए लागू नहीं किया। इसके कारण अाज देश में स्कील वर्करों अाैर मजदूर का न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा है। सीटू क्षेत्रीय समिति रामपुर ने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा के बजट में लगातार कटौती कर रही है अाैर महंगाई पर किसी भी प्रकार का कंट्रोल केंद्र सरकार नहीं लगा पा रहा है। साथ ही किसानों को उनकी फसल की लागत मूल्य से 50 प्रतिशत अधिक का दाम नहीं मिल रहा है। इसी तहत प्रदेश सरकार भी केंद्र सरकार की तरह बजट पेश कर मजदूर वर्ग के साथ छलावा किया गया है। प्रदेश सरकार ने भी केंद्र सरकार की तरह मजदूर विरोधी नीतियों को अपना रही है। इस को लेकर सीटू क्षेत्रीय समिति रामपुर आने वाले समय में केंद्र सरकार के खिलाफ अांदाेलन करेंगी।

विभिन्न मुद्दाें काे लेकर चाटी आफिस में समिति की बैठक संपन्न

सीटू क्षेत्रीय समिति रामपुर की बैठक सीटू ऑफिस चाटी में रविवार को आयोजित हुर्इ। इस बैठक की अध्यक्षता क्षेत्रीय कमेटी के अध्यक्ष राम दास ने की। बैठक काे संबोधित करते हुए सीटू शिमला जिलाध्यक्ष बिहारी सयोगी ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार लगातार श्रम कानूनों में बदलाव करके देशी व विदेशी कॉरपोरेट खिलाड़ियों को मजदूरों की लूट के रास्ते को साफ करके मजदूर विरोधी फैसले ले रही है इन मजदूर विरोधी फैसलों के खिलाफ पिछले 5 महीनों के दौरान देशव्यापी संयुक्त अभियान और आंदोलन देशभर में मजदूरों की व्यापक हड़ताल सहित अलग अलग क्षेत्र के मजदूरों बड़े पैमाने पर संघर्ष इनमें प्रमुख हैं। फिर भी केंद्र की मोदी सरकार नव उदारवादी एजेंडे को लागू करने की आक्रामकता में थोड़ी सी भी कमी नहीं की है।

मांग

प्रदेश सरकार ने बजट पेश कर मजदूर वर्ग के साथ किया छलावा

चाटी में विभिन्न मुद्दाें काे लेकर बैठक करते हुए सीटू क्षेत्रीय समिति के सदस्य।

केंद्र ने शुरू किए निश्चित अवधि के राेजगार

े सचिव कुलदीप ने कहा कि आने वाले समय में मजदूरों पर हमलों का खाका केंद्रीय बजट 2018-19 के माध्यम से प्रस्तुत कर दिया है। रोज़गार सृजन की आड़ में संघटित क्षेत्र के सभी क्षेत्रों में स्थायी रोजगार की जगह निश्चित अवधी के रोजगार को शुरू किया गया है। मोदी सरकार इस अवधि के दौरान सार्वजनिक और सरकारी क्षेत्र को खत्म करने और कोयला, इस्पात, रक्षा, बिजली, बैंकिंग, रेलवे, बंदरगाह और एयर इंडिया जैसे प्रमुख क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निजीकरण का अभियान चलाया है। प्रदेश सरकार भी केंद्र की मजदूर विरोधी नीतियों को अपना रही है। प्रदेश की नई सरकार के द्वारा पेश किए गए बजट में मजदूर वर्ग के साथ छलावा किया गया है, जिसके खिलाफ जल्द ही संघर्ष करने के लिए सीटू अपनी रणनीति बनाएगी।