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रामपुर में कीटनाशक दवाइयों की किल्लत

भास्कर न्यूज | रामपुर बुशहर रामपुर में कीटनाशक दवाइयाें की किल्लत से क्षेत्र के बागवान खासे परेशान है। रामपुर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:05 AM IST

रामपुर में कीटनाशक दवाइयों की किल्लत
भास्कर न्यूज | रामपुर बुशहर

रामपुर में कीटनाशक दवाइयाें की किल्लत से क्षेत्र के बागवान खासे परेशान है। रामपुर उद्यान विभाग से बागवानों को सस्ती दर में मिलने वाली सेब की सस्ती दवाइयां की सप्लाई न के बराबर होने से बागवानों में प्रदेश सरकार के प्रति खासा राेष है। हालांकि रामपुर ब्लाक में 8 सेंटर है। इन सेंटरों के लिए सरकार ने मात्र 200 लीटर एलांटो दवाई मिल पाई है। जबकि पिछले वर्ष एक ही सेंटर को 150 से 200 लीटर की दवाइयां दी गई थी। एेसे में अब रामपुर ब्लॉक में कीट नाशक और फफूंद नाशक दवा न मिलने से बागवान काफी परेशान है।

बागवान को दवाइयों के लिए उद्यान विभाग के सेंटर और ब्लॉक कार्यालय के कई चक्र काटने के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ा रहा है। क्षेत्र के बागवान शीशी राम, बलदेव, सतपाल, संजीव कुमार, मदन लाल, शमशेर सिंह, पवन कुमार, ज्योति लाल, विकास महाजन,तारा चंद, राजेश कुमार, सोहन सिंह, शेर सिंह, दिवान सिंह का कहना है कि लोअर बेल्ट और मिडल बेल्ट में सेब की सेटिंग का समय लगभग निकल चुका है। उद्यान विभाग के पास हर वर्ष मिलने वाली कीटनाशक दवा एलांटो नहीं मिल रही है जिस कारण हमें बाजार से महंगे दामोदर में खरीदनी पड़ी। सरकार बागवानों और किसानों को अनुदान से भी वंचित रख रही हैं।

महंगी दवाइयां खरीदने काे मजबूर बागवान

रामपुर से 15 से 20 लाख के उत्पादन वाले क्षेत्र में सेब की सेटिंग की पहली स्टेज पिंक बर्ड सेब पर होने वाली है। एेसे में इस समय कीट नाशक एलांटो दवाई का छिड़काव करना जरूरी है। लेकिन सरकार से विभाग को अभी तक कीटनाशक दवाई की सप्लाई न के बराबर की गई है। जिस कारण बागवानों को सरकार से सब्सिडी पर मिलने वाली दवाइयां न मिलने के बराबर है। एेसे में क्षेत्र के बागवानों को उद्यान विभाग से 110 रुपये में 100 एमएल की मिलने वाली पैकिंग मजबूरन बाजार से महंगी दामों पर खरीदनी पड़ रही है। रामपुर में प्रतिवर्ष 15 से 20 लाख सेब की पेटी का उत्पादन होता है। इस के बावजूद रामपुर ब्लॉक को अभी तक मात्र 200 लीटर कीटनाशक दवा दे कर बागवानों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इस के साथ साथ फफूंद नाशक जैसी दवाईयों की भी रामपुर क्षेत्र में खासी किल्लत आ रही है।

आगे से ही सप्लाई कम आई है, इसके चलते बागवानों को दवाई पुरी नहीं हो पा रही है। अश्वनी चाैहान , एचडीअाे बागवानी विभाग रामपुर बुशहर।

सेब क्षेत्रों में कीटनाशकों व फफूंदीनाशकों की

पर्याप्त सप्लाई की मांग

ठियोग | जिला कांग्रेस ग्रामीण ने प्रदेश सरकार से ठियोग सहित अपर शिमला के सभी सेब क्षेत्रों में सेब के पौधों के लिए आजकल जरूरी दवाओं व कीटनाशकों की पर्याप्त सप्लाई भेजने की मांग की है। जिला महासचिव बलदेव ठाकुर के अनुसार ठियोग स्थित बागवानी प्रसार केन्द्र में सस्ते मूल्य के कीटनाशक न मिलने के कारण बागवानों को मजबूरन खुले बाजार से अधिक दाम पर उन्हें खरीदना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि आजकल सेब के पौधों पर पिंकबड स्टेज आ रही है। इन दिनों में बागवानों को एलांटो, बेवस्ट्रिन, स्कोर आदि कीटनाशकों की छिड़काव के लिए जरूरत है। उन्होंने बताया कि खुले बाजार में एलांटो का दाम 2400 रूपये है जबकि बागवानी विभाग के पास यह 1100 रूपये में मिल रही थी लेकिन ठियोग के लिए केवल 200 लीटर दवा ही भेजी गई जो कुछ ही बागवानों को मिल पाई।

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