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मैट्रिक पास युवा बन सकते हैं स्पा थैरेपिस्ट

युवाओं को आयुर्वेद के प्रति जागरूक करने व रोजगार के अवसर दिलाने के लिए आयुर्वेदिक अस्पताल में नया कोर्स शुरू किया...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:10 AM IST

युवाओं को आयुर्वेद के प्रति जागरूक करने व रोजगार के अवसर दिलाने के लिए आयुर्वेदिक अस्पताल में नया कोर्स शुरू किया है। पंचकर्मा थैरेपिस्ट या स्पा थैरेपिस्ट इस कोर्स को करके जहां युवा होटल, नर्सिंग होम में जॉब पा सकते हैं, वहीं अपना काम करके भी वह अच्छा खासा पैसा कमा सकते हैं।

अस्पताल में यह कोर्स छह माह तक करवाया जाता है। इसमें युवाओं को पंचकर्मा से मरीजों को ठीक करने को पूरा कोर्स करवाया जाता है। हालांकि अभी तक यहां से 10-10 युवाओं के दो बैच निकल चुके हैं। तीसरे बैच की भी यहां पर तैयार की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस कोर्स को करने के बाद युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होते हैं। वह अपना काम करके भी अच्छा खासा पैसा कमा सकते हैं।

कौशल विकास भत्ता भी मिलता है कोर्स के दौरान

आयुर्वेदिक अस्पताल में छह माह का कोर्स, पंचकर्मा की पूरी पद्धति बताते हैं युवाओं को

मैट्रिक पास युवा ले सकते हैं एडमिशनइस कोर्स में मैट्रिक पास युवा एडमिशन ले सकते हैं। इसके अलावा 35 वर्ष से कम आयु के युवाओं को ही इस कोर्स में एडमिशन दी जाती है। आरकेएस के तहत अस्पताल प्रशासन यह कोर्स करवा रहा है। यहां पर युवाओं से छह माह के 15 हजार रुपए देने होते हैं। इसमें युवाओं को पंचकर्मा पद्धति से मरीजों को ठीक करने की पूरी तकनीक बताई जाती है। थ्योरी के अलावा प्रेक्टिकल पर अधिक काम करवाया जाता है, ताकि उन्हें पूरी जानकारी मिल सके।

आयुर्वेदिक अस्पताल में पंचकर्मा थैरेपिस्ट का कोर्स करवाया जा रहा है। दो बैच पहले ही आउट हो चुके हैं। मैट्रिक पास युवा इसमें एडमिशन ले सकते हैं। अस्पताल में 10 सीटें रखी गई है। बेरोजगार युवा इस कोर्स को करके अच्छा रोजगार कमा सकते हैं। डॉ. केडी शर्मा, एमएस आयुर्वेदिक अस्पताल छोटा शिमला

कौशल विकास भत्ते से जोड़ाकोर्स करने के दौरान युवाओं को कौशल विकास भत्ते के साथ जोड़ा जाता है। उन्हें कोर्स के दौरान कौशल विकास भत्ता भी दिया जाता है। ऐसे में युवाओं को करीब 7 हजार रुपए तक वापिस मिल जाते हैं। अधिकारियों के अनुसार युवाओं को इस कोर्स को करने के बाद नर्सिंग होम, होटल लाइन में काफी रोजगार है। इसके अलावा आयुर्वेदिक अस्पताल में भी पंचकर्मा थैरेपिस्ट की जरूरत रहती है तो वहां पर भी उन्हें रखा जाता है। भविष्य में आरकेएस के तहत भी उनकी नियुक्ति हो सकती है।

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