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पानी का करें सही यूज,आज से बढ़ रही हैं दरें, पहले ही दिन शाम को नहीं आएगा पानी

गर्मियों से पहले ही पानी की किल्लत से जूझ रहे शहर के लोगों को रविवार से पानी के 10 फीसदी ज्यादा पानी का बिल चुकाना...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 02:10 AM IST

गर्मियों से पहले ही पानी की किल्लत से जूझ रहे शहर के लोगों को रविवार से पानी के 10 फीसदी ज्यादा पानी का बिल चुकाना पड़ेगा, लेकिन मुश्किल ये है कि पानी की दरें बढ़ने के पहले ही दिन शहर के लोगों को शाम की सप्लाई का पानी नहीं मिल पाएगी।

इस बार शहर में पानी के संकट को देखते हुए लोग भले ही पानी का इस्तेमाल सोच-समझकर करने को तैयार हैं, लेकिन पानी की कमी के बीच नई दरें लागू होने के पहले ही रोज शहर की जनता को शाम के समय होने वाली सप्लाई का पानी नहीं मिलेगा। इसकी वजह अब ये बताई गई है कि शहर के टैंकों को होने वाली पानी की सप्लाई शनिवार रात 12 बजे से सुबह 3 बजे तक नही हो पाई। क्योंकि पानी की सप्लाई के लिए बिजली की सप्लाई इन तीन घंटों में प्रभावित रही।

आज से 1 रुपए 30 पैसे बढ़ गए हैं रेट

घरेलू उपभोक्ताओं को अभी 13 रुपए प्रति हजार लीटर के हिसाब से पानी दिया जा रहा है, उसमें अब एक रुपए 30 पैसे की बढ़ोतरी हो गई है। अब अगर निगम प्रशासन अप्रैल के पानी के बिल मीटर रीडिंग पर नहीं दे पाता, तो भी शहर के लोगों को फ्लैट रेट पर 39 रुपए ज्यादा देने होंगे।

अभी नगर निगम लोगों से फ्लैट रेट पर हर महीने 392 रुपए ले रहा था, तो बढ़कर 431 रुपए हो जाएगा। नई दरों के लागू होने के साथ ही रविवार को शहर में पानी का संकट भी गहरा सकता है। निगम की मुख्य पेयजल परियोजना क्षेत्रों में बिजली न होने की वजह से पंपिंग प्रभावित होगी। इससे शहर में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच सकेगा।

31 हजार कंज्यूमर

पर बढ़ी दरें

शिमला शहर में 31 हजार के करीब पानी के उपभोक्ता हैं। इनमें 7 हजार के करीब कामर्शियल जबकि 24 हजार उपभोक्ता घरेलू हैं। शहर में मीटरिंग का काम पूरा न होने की वजह से निगम प्रशासन ज्यादातर घरेलू उपभोक्ताओं को फ्लैट रेट के आधार पर पानी के बिल देता है। जबकि कामर्शियल उपभोक्ताओं को मीटर रीडिंग के आधार पर पानी का बिल चुकाना पड़ता है। जिन उपभोक्ताओं के पानी के मीटर खराब हैं उनसे भी नगर निगम प्रशासन फ्लैट रेट के आधार पर बिलों की वसूली करता है। शहर में लगभग 23 हजार पानी के नए मीटर लगाने का काम पूरा कर लिया गया है।

आज और कल शहर में न लगेगा झाड़ू, न घरों से उठेगा कूड़ा

शिमला | शहर में आज और कल दो दिनों तक न ही तो लोगों के घरों से कचरा उठेगा, न ही शहर की सफाई के लिए झाड़ू लगेगा। अनुसूचित जाति और जनजातियों के संपन्न तबके (क्रीमी लेयर) को आरक्षण के लाभ प्राप्त करने से वंचित करने की संभावनाओं के विरोध स्वरूप शिमला शहर में सफाई का काम देखने वाली नगर निगम की सफाई कर्मचारी यूनियन ने सोमवार को सामूहिक अवकाश में जाने का फैसला लिया है। इसके अलावा इनके सहयोग में सैहब सोसायटी के डोर-टु-डोर गारबेज कलेक्शन करने वाली यूनियन ने भी सहयोग करने का फैसला लिया है। शहर में रविवार का दिन होने के चलते न ही तो शहर के अधिकांश इलाकों में सफाई होगा और न ही लोगों के घरों से कचरा उठेगा।

मीटररीडिंग पर भी आज से काम शुरू | शहर में आज से मीटर रीडिंग का काम भी शुरू कर दिया जाएगा। शहर में अभी तक 23 हजार नए वाटर के मीटर लगाने का काम पूरा कर लिया गया है। प्रशासन ने मीटर रीडिंग का काम ठेके पर दे दिया है इसलिए जिन कंपनियों को मीटर रीडिंग का काम दिया गया है वे आज से काम शुरू करेंगी। मीटर रीडर पहले से लोगों के घरों में लगे वाटर मीटर की रीडिंग लेंगे और इसके बाद आई रीडिंग का बिल ही लोगों से वसूल किया जाएगा।

रविवार से नई पानी की दरों को लागू किया जाएगा।

नगर निगम आयुक्त रोहित जमवाल कहते हैं कि शहर में रविवार से नई पानी की दरों को लागू किया जाएगा। एक अप्रैल के बाद शहर में पानी की दरों में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा कि ये दरें तब तक लागू रहेंगी जब तक सदन में मीटर रीडिंग के तहत नई दरें तय नहीं की जाती हैं।

ये होगी समस्या | मैदानों में गर्मियां शुरू होने के चलते शिमला शहर में इन दिनों पर्यटकों की आमद बढ़ गई है। ऐसे में सफाई कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश पर चले जाने से शहर की सुंदरता पर असर पड़ेगा।

आयुक्त से मिलकर लिया सामूहिक अवकाश

नगर निगम सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान नागेश वाल्मिकी का कहना है कि सोमवार को सामूहिक अवकाश के चलते पूरे शहर में सफाई का काम नगर निगम कर्मचारी नहीं करेंगे। एससी, एसटी आरक्षण को लेकर किए जा रहे संशोधन के विरोध के चलते यह सामूहिक अवकाश विरोध स्वरूप किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसमें सहयोग करने के लिए सैहब सोसायटी भी उनका सहयोग करेगी और शहर में लोगों के घरों से उठने वाला कूड़ा भी नहीं उठाया जाएगा।

गहराएगाजल संकट, संभलकर करें प्रयोग | शहर में आज जल संकट गहराने के पूरे संकेत हैं। शहर को सबसे अधिक मात्रा में पानी की सप्लाई करने वाले तीन पंपिंग स्टेशन गिरी, गुम्मा और चेयड में तीन घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रहने से पंपिंग नहीं हा़े पाएगी। ग्रेटर वाटर सर्कल शिमला के अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र गिल ने बताया कि बिजली बोर्ड ने इन तीनों पंपिंग स्टेशनों के एरिया में आवश्यक मरम्मत के चलते शनिवार रात 12 बजे से तीन बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रखने का निर्णय लिया है। इसके चलते पंपिंग भी प्रभावित होगी। इसलिए प्रशासन ने शहरवासियों से पानी का प्रयोग संबल कर करने की सलाह दी है। प्रशासन का कहना है कि रविवार को शाम के समय की सप्लाई बाधित रहेगी।

800 लोगों के जिम्मे सफाई | शहर में सफाई का काम सैहब सोसायटी और नगर निगम के सफाई कर्मचारी मिलकर करते हैं। जबकि शहर के हरेक घर से कचरा उठाने का काम सैहब सोसायटी के कर्मचारी करते हैं। शहर में लगभग 800 कर्मचारी सफाई का जिम्मा संभाले हुए हैं जो आज और कल दो दिनों तक सफाई के काम से किनारा करके रखेंगे।

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