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हिमाचल में खाली पड़े 16 कॉलेजों में ताला लगा सकती है सरकार

हिमाचल के 16 काॅलेजों का भविष्य तीन फरवरी को धर्मशाला में होने वाली कैबिनेट की बैठक में तय किया जाएगा। शिक्षा विभाग...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 02:15 AM IST

हिमाचल के 16 काॅलेजों का भविष्य तीन फरवरी को धर्मशाला में होने वाली कैबिनेट की बैठक में तय किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने इन काॅलेजों की लिस्ट तैयार कर ली है। वीरभद्र सरकार ने इन काॅलेजों को मंजूरी पिछले साल दी थी। इसमें से आठ कॉलेज ऐसे हैं जिनमें अभी तक एक भी एडमिशन नहीं हुआ। वहीं अन्य आठ में स्टूडेंट्स की संख्या काफी कम है। अगले सत्र में यह काॅलेज काम करेंगे या नहीं, यह कैबिनेट के फैसले पर निर्भर करेगा। इन कॉलेजों पर आने वाला फैसला इसलिए भी रोचक होगा क्योंकि वीरभद्र सरकार ने 2012 में सत्ता में आने के बाद धूमल सरकार के समय में खोले गए आठ काॅलेजों को बंद करने का फैसला कैबिनेट में लिया था। तर्क दिया था कि इन काॅलेजों में छात्रों की संख्या पूरी नहीं है या फिर इन कालेजों के लिए बजट का प्रावधान पूरा नहीं किया गया है। हालांकि मामला हाईकोर्ट में पहुंचा तो कई काॅलेजों को फिर शुरू करना पड़ा था। इसलिए कालेजों पर सभी की नजरे हैं कि क्या जयराम सरकार भी वीरभद्र सरकार की तर्ज पर पूर्व सरकार के कार्यकाल में खोले गए उन काॅलेजों को बंद करेगी, जिन्हें अंतिम साल में खोला है।

टीएमपीए की भर्ती पर भी फैसला संभावित

राज्य परिवहन निगम में टैम्परेरी मल्टी पर्पज असिस्टेंट (टीएमपीए) की भर्ती करनी है या फिर इसे रद्द किया जाना है। इस पर भी फैसला कैबिनेट में लिया जाएगा। हालांकि पहले जयराम सरकार यह फैसला ले चुकी है कि विभागीय स्तर पर जो भी भर्ती हो रही थी, उन्हें रद्द किया जाएगा। भर्तियां महज राज्य कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से ही होगी।

पूर्व सरकार के फैसलों को रिव्यू करने को बनेगी कमेटी...

पूर्व सरकार के कार्यकाल में साल भर में हुई कैबिनेट की बैठक के दौरान लिए गए किन-किन फैसलों को रिव्यू करना है, इसके लिए कैबिनेट की बैठक में मंत्रियों की कमेटी का गठन किया जा सकता है। यह मंत्रियों की कमेटी ही फाइनल करेगी कि पूर्व सरकार के किन फैसलों को पटलना या रद्द करना है। हर विभाग ने राज्य सरकार के आदेशों के बाद इसका खाका तैयार कर लिया है कि किन मसलों पर 2017 में पूर्व सरकार ने कैबिनेट की बैठक में फैसले लिए थे।

भास्कर न्यूज | शिमला

हिमाचल के 16 काॅलेजों का भविष्य तीन फरवरी को धर्मशाला में होने वाली कैबिनेट की बैठक में तय किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने इन काॅलेजों की लिस्ट तैयार कर ली है। वीरभद्र सरकार ने इन काॅलेजों को मंजूरी पिछले साल दी थी। इसमें से आठ कॉलेज ऐसे हैं जिनमें अभी तक एक भी एडमिशन नहीं हुआ। वहीं अन्य आठ में स्टूडेंट्स की संख्या काफी कम है। अगले सत्र में यह काॅलेज काम करेंगे या नहीं, यह कैबिनेट के फैसले पर निर्भर करेगा। इन कॉलेजों पर आने वाला फैसला इसलिए भी रोचक होगा क्योंकि वीरभद्र सरकार ने 2012 में सत्ता में आने के बाद धूमल सरकार के समय में खोले गए आठ काॅलेजों को बंद करने का फैसला कैबिनेट में लिया था। तर्क दिया था कि इन काॅलेजों में छात्रों की संख्या पूरी नहीं है या फिर इन कालेजों के लिए बजट का प्रावधान पूरा नहीं किया गया है। हालांकि मामला हाईकोर्ट में पहुंचा तो कई काॅलेजों को फिर शुरू करना पड़ा था। इसलिए कालेजों पर सभी की नजरे हैं कि क्या जयराम सरकार भी वीरभद्र सरकार की तर्ज पर पूर्व सरकार के कार्यकाल में खोले गए उन काॅलेजों को बंद करेगी, जिन्हें अंतिम साल में खोला है।

इन काॅलेजों पर फैसला ले सकती है राज्य सरकार

काॅलेज स्टूडेंट्स

1. बसदेहरा काॅलेज ऊना शून्य

2. काजा काॅलेज शून्य

3. ज्योरी काॅलेज शिमला शून्य

4. पवाबो काॅलेज ऊना शून्य

5. नारग काॅलेज सिरमौर शून्य

6.ददाहू सिरमौर शून्य

7. रौनहाट सिरमौर 19

8 थाची शून्य

9. तेलका चंबा 57

10. भालाई चंबा 58

11. देहरा कांगड़ा 130

12. मटौर कांगड़ा 440

13. हरोली ऊना 155

14. जयनगर सोलन 52

15. दाड़लाघाट सोलन 121

16. पझौता सिरमौर शून्य

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