Hindi News »Himachal »Shimla» Brown Cakes Come With The Guests For The First Time

साइबेरिया के मेहमानों के साथ पहली बार आया ब्राउन केक, संख्या बढ़ने की उम्मीद

पिछले साल के मुकाबले अभी कम आए हैं परिंदे, आने वाले दिनों में संख्या बढ़ने की उम्मीद

BhaskarNews | Last Modified - Nov 25, 2017, 07:28 AM IST

  • साइबेरिया के मेहमानों के साथ पहली बार आया ब्राउन केक, संख्या बढ़ने की उम्मीद

    रेणुकाजी.इस बार पहली बार आए दो ब्राउन के के साथ दूसरे परिंदे साइबेरिया से रेणुका पहुंच गए हैं। हालांकि हर साल आने वाले मेहमान इस बार कम संख्या में रेणुका आए है। साइबेरियन कॉमन कुट, ग्रेट कारमोनेंट , इंडियन मोहरन, ग्रेट इग्ररिट और लिटल इग्ररिट के अलावा इंडियन मोरहन जैसे परिंदे इस बार रेणुका पहुंच चुके हैं। वर्ल्ड वैट लैंड में शामिल रेणुका झील में इस मर्तबा पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 40 परिंदे कम आए हैं। पिछली बार पहली बार रेणुका आए वैटल लेगविंग और कोमनटेल इस बार अभी तक नहीं आए हैं। इन साइबेरियन पक्षियों में 15 नवंबर को यहां आना शुरू कर दिया था। अभी भी इनका यहां आना जारी है।

    मीटिंग सीजन यहां, जन्म साइबेरिया में: इनपरिंदों को वन्य प्राणी विभाग मैन्युअली ही कर रहा है। यहां आए कारमोनेंट पक्षी अपना भोजन गहरे पानी से निकालते हैं। जैसे-जैसे सर्दी बढ़ेगी इनकी संख्या भी बढ़ सकती है। यह पक्षी रात को झील में ही रहते हैं। इनका मीटिंग सीजन भी यहीं पर ही होता है। जबकि यह बच्चे अपने देश में जाकर देते हैं। मोलार्ड पक्षी प्रजाति की गर्दन हरी होती है। जबकि सफेद रंग का इग्ररिट छोटा होता है। ब्राउन केक छोटे-छोटे जीव जंतुओं को खाते हैं।

    इस साल कम आए हैं परिंदे: इससाल अभी तक रेणुका झील में 283 पक्षी चुके हैं। 2016 में अभी तक यहां 325 परिंदे पहुंच चुके थे। पक्षियों में कॉमन कुट 16, ग्रेट कारमोनेंट 5, इंडियन मोहरन 248, मोलार्ड 10, ग्रेट इग्ररिट लीटल इग्ररिट दो-दो शामिल हैं। पिछले साल अभी तक रामसर साइट की इस रेणुका झील में कॉमन कुट 30, ग्रेट कारमोनेंट 10, मोहरन 200, मोलार्ड 19, ग्रेट इग्ररिट लीटल इग्ररिट एक-एक आए थे।

    पैसा मिलता तो रखरखाव बढ़ता
    इस बारे में स्टेट वाइल्ड लाइफ वार्डन सदस्य कंवर अजय बहादुर सिंह ने बताया कि हिमाचल प्रदेश राज्य विज्ञान प्रौद्योगिकी परिषद शिमला ने काफी समय से यहां पैसा नहीं दिया है। जिसके चलते झील का रखरखाव नहीं हो पाया। इसके चलते प्रवासी पक्षियों को यहां भोजन कम मिला। इसके कारण उन्होंने दूसरी झीलों की तरफ निकल गए हैं। उधर वन प्राणी विभाग शिमला के डीएफओ राजेश शर्मा ने बताया कि बर्फ पड़ने के साथ ही यहां ओर अधिक प्रवासी पक्षी सकते हैं। विभाग ने इनकी सुरक्षा भोजन के लिए पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Shimla News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Brown Cakes Come With The Guests For The First Time
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Shimla

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×