Home | Himachal | Shimla | First squirrel squirrels in the Century

कालाटॉप सेंचुरी में पहली बार मिली उड़ने वाली गिलहरी, यहां मिली दुर्लभ तितलियां

प्रदेश में पहली बार तितलियों की 11 प्रजातियां भी एक ही जगह पर मिली हैं।

BhaskarNews| Last Modified - Nov 18, 2017, 06:40 AM IST

First squirrel squirrels in the Century
कालाटॉप सेंचुरी में पहली बार मिली उड़ने वाली गिलहरी, यहां मिली दुर्लभ तितलियां

सोलन. प्रदेश की सबसे पुरानी खजियार की वाइल्डलाइफ सेंचुरी कालाटॉप में कई दुर्लभ प्रजातियां मिली हैं। यहां पर उड़ने वाली गिलहरी देखी गई है, तो मेंढकों की दो नई प्रजातियों के साथ मक्खियों की 17 प्रजातियां ऐसी मिली हैं, जो पहली बार देश में पहली बार देखी गई हैं। यहीं पर प्रदेश में पहली बार तितलियों की 11 प्रजातियां भी एक ही जगह पर मिली हैं। 

 

भारतीय प्राणी सर्वेक्षण विभाग के हाई एल्टीच्यूट स्टेशन सोलन ने तीन साल तक किए गए सर्वे में ये प्रजातियां पाई हैं। 16.24 स्क्वेयर किलोमीटर में फैली इस सेंचुरी में वन्य प्राणियों की 345 दूसरी दुर्लभ प्रजातियों का भी पता चला है। 

 

भारतीय प्राणी सर्वेक्षण विभाग ने वाइल्ड लाइफ सेंचुरी चंबा के कालाटॉप का सर्वे पूरा कर इसका डॉक्यूमेंट तैयार किया है। यहां शोध के दौरान विभिन्न प्रकार के जीवों की 345 प्रजातियों का पता लगाया है। इसमें से कुछ प्रजातियां ऐसी हैं, जो विलुप्त होने की कगार पर है। डॉ.अवतार कौर सिद्धू, प्रभारी अधिकारी, भारतीय प्राणी सर्वेक्षण विभाग सोलन। 

 

वैज्ञानिकों ने तीन साल तक किया सर्वे 
भारतीयप्राणी सर्वेक्षेण विभाग ने वाइल्ड लाइफ सेंचुरी कालाटॉप खजियार का विशेष सर्वे किया गया। करीब तीन साल तक चले सर्वे के बाद वैज्ञानिको को यहां जैव विविधता की कई ऐसी नस्लें मिलीं जो खूबसूरती के साथ कई पहलुओं से मददगार है। यहां कई तरह के ऐसे जीवों का भी पता चला है जो प्राकृतिक संतुलन बनाने में जरूरी है। इस सर्वे का पूरा डॉक्यूमेंट तैयार किया गया है ताकि इन जानवरों और वन्य जीवों के संरक्षण पर काम हो सके। 

 

बग की भी मिलीं 8 प्रजातियां 

कालाटॉप वाइल्डलाइफ सेंचुरी को कई ऐसे दुर्लभ प्रजाती के जानवरों के लिए पहचाना जाता है। यहां दुलर्भ प्रजाति की हिमालयन लोमड़ी, काला भालू, तेंदुआ, हिरण, कक्कड़, घोरल बड़ी संख्या में हैं। उड़ने वाली गिलहरी भी यहीं पाई गई। मेंढकों की दो प्रजातियों के साथ मक्खियों की 23 में से 17 प्रजातियां पहली बार दिखीं। बग की 8 प्रजातियां मिली हैं। कालाटॉप हिमाचल सरकार का संरक्षित वन्य प्राणी अभयारण्य क्षेत्र है। अब यहां यहां पर्यटकों की आवाजाही से इको सिस्टम पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। 

 

कालाटॉप में मिलीं 345 प्रजातियां | भारतीयप्राणी सर्वेक्षण विभाग के वैज्ञानिकों ने कालाटॉप सेंचुरी में वन्य प्राणियों पर किए सर्वे में पाया कि यहां जीव-जंतुओं की 345 प्रजातियां मिली हैं। टैरीकोटा (बिना पंख के कीट) की 8 प्रजातियां पाई गईं। टिड्डों की 38 मोथ की 37 प्रजातियां मिली हैं। पक्षियों की 93 और स्तनधारियों की 17 प्रजातियां मिली है। 
   

prev
next
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

Trending Now