शिमला

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एक घंटे सड़क पर पड़ा रहा तेंदुए के शावक का शव, जब टीम पहुंची तो मिला गायब

एक घंटे फोन पर ही होता रहा संपर्क, विभाग की टीम ढूंढती रही लेकिन नहीं मिला।

Danik Bhaskar

Nov 30, 2017, 07:22 AM IST

शिमला. हेनॉल्ट पब्लिक स्कूल की प्रशासक कुमारी आदित्या कहती हैं कि सुबह 8.30 बजे मुझे तेंदुए के शावक का शव स्कूल के साथ लगती सड़क की नाली में पड़े होने की सूचना मिली। तुरंत पूर्व पार्षद अनूप वैद को फोन किया। कहा यहां शावक का शव है, इसे ले जाने के लिए किसी अधिकारी को कहो। पूर्व पार्षद अनूप वैद्य कहते हैं, जैसे ही मुझे हेनॉल्ट पब्लिक स्कूल से फोन आया, मैंने तुरंत नगर निगम कमिश्नर को फोन कर दिया। सुबह 8.35 बजे कमिश्नर जेएस नेगी का कहना है कि मैंने भी फोन वन विभाग के अधिकारी इंद्र कुमार को किया। अब डीएफओ इंद्र कुमार कहते हंै कि हम एक घंटे के बाद करीब 9.30 बजे मौके पर पहुंच गए जबकि यहां शावक का काेई शव नहीं था। हम 12.30 बजे तक आसपास के क्षेत्रों में भी शावक के शव को तलाशते रहे, वह नहीं मिला। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर शावक का शव कौन उठाकर ले गया।


स्थानीय लोगों ने वन विभाग की टीम पर सवालिया निशान उठाए। सुबह जब 8.30 बजे इसकी सूचना नगर निगम को दी तो नगर निगम ने वन विभाग को सूचित किया। इसके बावजूद भी वन विभाग की टीम को भी तुरंत मौके पर समय रहते नहीं पहुंची। लोगों ने ये सवाल उठाया है कि आखिर तेंदुए का बच्चा कहां गायब हो गया। इसे कौन उठाकर ले गया।


डीएफओ अर्बन इंद्र कुमार वन विभाग की टीम मौके हेनॉल्ट स्कूल के बाहर पूरे रास्ते में घूमती रही लेकिन तेंदुए के बच्चे का शव नहीं मिला। स्कूल के बाहर के रास्ते में सिर्फ खून के धब्बे मिले। इनका कहना है हमने फोटो देखी थी। यह विशेषज्ञाें को भी भेजी। इसमें ये जंगली बिल्ली लग रही है।

पूर्व पार्षद कह रहे, लापरवाही हुई
पूर्व पार्षद अनूप वैद्य ने कहा कि विभाग की टीम को मौके पर तुरंत पहुंचना चाहिए था। तो उन्हें मौके पर ही शावक का शव मिल जाता, लेकिन वन विभाग और वाइल्ड लाइफ के सुस्त रवैये के चलते शावक के शव का गायब होना चिंता का विषय है।

ये उठ रहे सवाल
- इस शावक का शव सड़क के किनारे पड़ा था तो तुरंत उसे उठाने के लिए वन विभाग की टीम क्यों नहीं आई।
- क्या जो सूचना उन्हें दी गई थी, इसमें लापरवाही बरती गई।
- इस शावक को किसने मारा और अब इसके शव को कौन ले गया, इस बारे में वन विभाग की टीम को पता क्यों नहीं लग पा रहा है।
- आखिर में नगर निगम अौर वन विभाग के अधिकारी एक दूसरे को ही फोन क्यों करते रहे, मौके पर क्यों नहीं पहुंचे।

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