Hindi News »Himachal »Shimla» Police Beat Belt And Stick In Police Station

गुड़िया गैंगरेप, मर्डर : पुलिस ने थाने में बेल्ट और स्टिक से पीटा : सीबीआई

सुबूतों को छुपाने और गलत रिकाॅर्ड देकर असली आरोपियों को बचाने के प्रयास करने का आरोप भी है।

BhaskarNews | Last Modified - Nov 26, 2017, 05:44 AM IST

  • गुड़िया गैंगरेप, मर्डर : पुलिस ने थाने में बेल्ट और स्टिक से पीटा : सीबीआई

    शिमला.गुड़िया गैंगरेप व हत्या के आरोपियों में शामिल सूरज की कस्टोडियल डेथ के मामले में सीबीआई ने शनिवार को चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट में 500 से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी। इसमें आरोपी पुलिस अधिकारियों पर सुबूतों को छुपाने और गलत रिकाॅर्ड देकर असली आरोपियों को बचाने के प्रयास करने का आरोप भी है। इसके साथ ही सबूत मिटाने के षड्यंत्र के आरोप भी लगाए हैं।


    सीबीआई ने पुलिस द्वारा करवाए गए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें सूरज के शरीर पर चोटों के 20 निशान बताए गए थे। जांच एजेंसी ने उसका दोबारा पोस्टमार्टम करवाया था। रिपोर्ट में आया है कि उसके शरीर पर चोटों के 32 निशान थे और उसे कोर्टखाई थाने में बेल्ट और स्टिक से पीटा गया था। इन्हीं चोटों की वजह से सूरज की थाने में ही मौत हो गई थी।

    पुलिस की रिपोर्ट खारिज, आईजीएमसी के डॉक्टरों पर सवाल

    सूरज की मौत के बाद पहले हिमाचल पुलिस की एसआईटी ने आईजीएमसी शिमला में पोस्टमार्टम करवाया। उस रिपोर्ट के मुताबिक सूरज के शरीर पर 20 ही चोटें थीं। लेकिन जब जांच सीबीआई को दी गई तो सूरज का पोस्टमार्टम सीबीआई ने एम्स और दूसरे डॉक्टरों की टीम से करवाया। सीबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक सूरज के शरीर पर 32 चोटों के निशान थे। अब सूरज की पहले दी गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने वाले आईजीएमसी के डॉक्टरों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

    पुलिस हेडक्वार्टर से होते थे हर आदेश

    चार्जशीट में कहा गया है कि केस के हाईप्रोफाइल बनने के बाद कोटखाई थाने का कोई भी कर्मचारी खुद कोई फैसला नहीं कर रहा था। शिमला पुलिस हेडक्वार्टर से इस केस में लिए जाने वाले हर कदम के निर्देश होते थे। सीबीआई ने 50 गवाह बनाए हैं। इन में प्रदेश पुलिस की एसआईटी की ओर से आरोपी बनाए गए राजेंद्र , सुभाष, दीपू और छोटू भी शामिल हैं।

    सात दिसंबर को फिर से होगी पेशी
    कोटखाई के गुड़िया रेप मर्डर मामले में गिरफ्तार किए आरोपियों में से एक आरोपी सूरज की पुलिस लॉकअप में हुई हत्या के मामले में हिरासत में चल रहे पुलिस अफसरों की न्यायिक हिरासत फिर बढ़ गई है। शनिवार को स्पेशल जज (सीबीआई) की कोर्ट में इन्हें पेश किया गया और वहां से इन्हें फिर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इनमें आईजी जहूर जैदी, एसपी डीडब्ल्यू नेगी समेत कुल 9 पुलिसकर्मी आरोपी हैं। नेगी को 16 नवंबर को अरेस्ट किया गया है जबकि अन्य आठ आरोपियों को 29 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। अब 7 दिसंबर को पेशी होगी।

    सूरज के साथ सुभाष की भी पिटाई हुई

    चार्जशीट में आरोप है कि चार पुलिस कर्मचारियों ने थाने में सूरज के साथ सुभाष की भी पिटाई की। दोनों को बेल्ट और स्टिक से पीटा गया। पिटाई के दौरान सुभाष बेहोश हो गया ताो चारों पुलिसवाले फिर सूरज की पिटाई करने लगे, जिस वजह से उसे गंभीर चोट लगीं और उसकी मौत हो गई। आरोप है कि जुर्म कबूलने के िलए उनके ऊपर लगातार दबाव बनाया जा रहा था और पिटाई की जा रही थी।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Shimla

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×