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मुआवजे निर्धारित हाेने के बाद धौलासिद्ध परियोजना के प्रभावितों को मिलेगा पैसा
अनुबंध कर्मचारी रोशन लाल के परिवार को दाे लाख रुपए देगी सरकार
विधायक राकेश सिंघा के एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि बीते तीन सालों के दौरान राज्य बिजली बोर्ड में 34 कर्मचारियों की ड्यूटी के दौरान मौत हो गई। इनमें से 11 मृतक कर्चारियों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दे दी गई है, जबकि 14 मामलों में कार्रवाई की जा रही है और 9 मामलों में किसी ने भी अभी तक अनुकंपा के आधार पर आवेदन नहीं किया है। उन्होंने कहा कि मृतक 34 कर्मचारियों में से 23 कर्मचारी फैमिली पेंशन के तहत आते हैं, इनमें से 22 को पेंशन शुरू भी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि एक कर्मचारी की मृत्यु इसी साल जनवरी माह में हुई है और इसकी पेंशन के मामले में कार्रवाई जारी है। शेष 11 कर्मचारियों में से 6 अनुबंध पर कार्यरत थे, जबकि पांच कर्मचारी न्यू पेंशन स्कीूम के तहत आते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा िक ठियोग क्षेत्र में बिजली का करंट लगने से रोशन लाल की मृत्यु हाेने पर सरकार उनके परिवार को दो लाख रूपए का मुआवजा देगी।
शिमला |मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना के प्रभावितों को दिए जाने वाले मुआवजे का अभी तक निर्धारण नहीं किया गया है। मुआवजे का निर्धारण हाे जाने के बाद सरकार प्रभावित परिवारों को मुअावजा राशि देगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर शनिवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक राजेंद्र राणा के एक सवाल के जवाब में बाेल रहे थे। राजेंद्र राणा ने सवाल किया कि इस परियोजना के लिए कितनी जमीन की आवश्यकता है और कितनी भूमि का अधिग्रहण सरकार ने कर लिया है और इस परियोजना के निर्माण के लिए कितनी धन राशि का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के लिए कांगडा और हमीरपुर जिले की 331-92-40 हैक्टयेर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इसमें 84-64-71 हैक्टयर भूमि सरकारी क्षेत्र की, 57-73-65 हैक्टयेर क्षेत्र वन भूमि और 189-54-04 हैक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के लिए एसजेवीएनएल ने एक्ट के तहत सरकार द्वारा उपमंडल स्तर पर गठित नेगोसिएशन कमेटी की सिफारिशों के अनुसार भूमि मालिकों की सहमति लेने के बाद भूमि की खरीद कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 668 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाली यह परियोजना 66 मैगावाॅट की है। इस परियोजना से दोनों जिलों कांगड़ा अाैर हमीरपुर के 427 परिवार प्रभावित है और 4 परिवार विस्थापित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के लिए 67 फीसदी निजी भूमि को खरीदा जा चुका है। शेष भूमि का प्रयोग परियोजना के निर्माण के बाद जलभराव केे लिए किया जाएगा। उधर, रमेश धवाला ने कहा कि इस परियोजना पर पिछले 22 साल से काम चल रहा है। इस पर कब तक काम पूरा कर लिया जाएगा।
_photocaption_सदन में जवाब देते मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर*photocaption*