लोकल बोली में हुआ महाभारत और रामायाण की चौपाइयों का गायन

Shimla News - उपमंडल की दूरदराज की पंचायत धार कंदरू के प्रसिद्ध ग्राम देवता कालूनाग की देवठी में दो दिवसीय परंपरागत एकादश बूढ़ी...

Bhaskar News Network

Nov 09, 2019, 07:26 AM IST
Thiyog News - chaupaiyas of mahabharata and ramayana were sung in local dialect
उपमंडल की दूरदराज की पंचायत धार कंदरू के प्रसिद्ध ग्राम देवता कालूनाग की देवठी में दो दिवसीय परंपरागत एकादश बूढ़ी दिवाली उत्सव धूमधाम से मनाया गई। देव परंपरा से जुड़े इस उत्सव का शुभारंभ ठियोग के एसडीएम केके शर्मा ने किया, जबकि समापन शुक्रवार को पंचायत समिति ठियोग के अध्यक्ष मदनलाल वर्मा ने किया।

पंरपरा के अनुसार देव परिसर में बलराज के पूजन से उत्सव शुरू हुआ। स्थानीय देवकारों व कलैणों ने महाभारत व रामायण की स्थानीय बोली में चौपाइयों का गायन नृत्य करते हुए किया। जिससे क्षेत्र की प्राचीन लोक परंपरा के दर्शन करने का अवसर नई पीढ़ी को मिला। चिखड़ ठियोग से आए कला मंच के युवाओं ने लोकनाट्य करयाला का मंचन किया। जिसे लोगों ने खूब सराहा। करयाले में समाज के विभिन्न वर्गों के स्वांग रचाकर हास्यरस पैदा किया जाता है। जिसका लोग खूब आनंद लेते हैं। आम तौर पर करयाला मैदान के बीच चलने वाले बलराज के इर्द गिर्द आयोजित किया जाता है। कलाकार लोगों के बीच से निकलकर मंच पर प्रकट होते हैं। उत्सव में वीरवार शाम को प्रसिद्ध लोक गायकों दीपक चौहान, अशोक पलसरा, सुरेश दांगी, काकू कंवर, सुनील शर्मा सहित कई कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। यह कार्यक्रम देर शाम तक चला।

ठियोग के धारकंदरू में देवता कालूनाग की देवठी में दिवाली उत्सव में नृत्य करते ग्रामीण।

सामूहिक नाटी का आयोजन: शुक्रवार को दोपहर के समय देवठी परिसर में लोगों ने नाटी का आयोजन किया। जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। विशेष ताल व परंपरा के अनुसार लोग काफी देर तक पहाड़ी वाद्यों पर थिरकते रहे। अंत में हवन के बाद उत्सव का समापन हुआ। इस दौरान दिवाली की प्राचीन परंपरा के अनुसार भी प्रथाएं निभाई गईं। समिति अध्यक्ष ने अपने संबोधन में स्थानीय कलैणों व कारदारों सहित युवाओं को इस आयोजन की बधाई देते हुए कहा कि देव संस्कृति से जुड़ी यह प्राचीन परंपराएं हमारी पहचान हैं। मंदिर कमेटी के प्रधान इंद्रसिंह कंवर, गुर मस्तराम, किशोरी लाल, रिकूं, ऊधम सिंह, कंवर सिंह, पंचायत उपप्रधान नरेश ठाकुर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।

X
Thiyog News - chaupaiyas of mahabharata and ramayana were sung in local dialect
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना