• Hindi News
  • Himachal
  • Shimla
  • Shimla News classes used to go on these days did not get out till the last result of pg not even counseling

इन दिनों चलती थी कक्षाएं, अभी तक पीजी के पिछले नतीजे तक नहीं निकाले, काउंसिलिंग तक नहीं हुई

Bhaskar News Network

Nov 11, 2019, 07:26 AM IST
Shimla News - classes used to go on these days did not get out till the last result of pg not even counseling




गैर शिक्षकाें के करीब 300 पद पड़े हैं खाली

एजुकेशन रिपाेर्टर| शिमला

हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में गैर शिक्षक स्टाफ की कमी इस कदर है कि इस बार एमफिल की काउंसिलिंग तक नहीं हाे पाई है। पिछले रिजल्ट अभी तक रुके हुए हैं। एचपीयू में स्टाफ की इतनी कमी है कि एक कर्मचारी 100 छात्राें का रिजल्ट बना रहा है। हैरानी की बात है कि एक कर्मचारी अगर 24 घंटे भी काम करे ताे वह बड़ी मुश्किल से पांच छात्राें का ही रिजल्ट तैयार कर सकता है। एेसे में अब प्रशासन की अाेर से स्टाफ की कमी पूरा न करने की वजह से छात्राें की मुश्किलें बढ़ती जा रही हंै। अब भी पीजी के पूरे रिजल्ट काे निकालने में एक महीने का अाैर समय लगेगा।

हिंदी, बीएड, इतिहास, इकाेनाॅमिक्स, पाॅलिटिकल साइंस, एमकाॅम जैसे विषय के रिजल्ट अाधे अधूरे निकाले गए हैं। परीक्षा शाखा की अाेर से कहा जा रहा है कि अभी इसे निकालने में एक महीना अाैर लगेगा। प्रदेश यूनिवर्सिटी में गैर शिक्षकों की कमी का नुकसान पीजी कक्षाअाें के छात्रों को उठाना पड़ता है। क्योंकि, एचपीयू के पास परीक्षाएं करवाने, परिणाम निकालने और छात्रों की अवाॅर्ड लिस्ट की रजिस्टर एंट्री करने के लिए स्टाफ ही नहीं है। एचपीयू में गैर शिक्षकाें के करीब 300 पद खाली पड़े हुए हैं। छात्र भी अाए दिन रिजल्ट को समय पर निकालने और पदों को भरने के लिए धरने-प्रदर्शन करते अा रहे हैं लेकिन अभी तक रिजल्ट को समय पर निकालने के लिए कोई स्थायी प्लानिंग नहीं बनाई जा सकी है।

एक कर्मचारी 24 घंटे काम करने के बावजूद 5 छात्राें का भी रिजल्ट नहीं बना पा रहा

ये स्थिति है स्टाफ की, कहां से टाइम पर अाएगा रिजल्ट

जब तक स्टाफ नहीं मिलता जारी रहेगी ये मुश्किलः नेगी


25 दिन में रिजल्ट निकालने का दावा, लग रहा है एक साल हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी प्रशासन की अाेर से दावे किए जाते है कि 25 दिन में रिजल्ट निकाल दिए जाएंगे। जबकि पीजी का रिजल्ट चार महीने बीत जाने के बाद भी पूरी तरह घाेषित नहीं किया गया है। एचपीयू की अाेर से अप्रैल महीने में करवाई गई यूजी फर्स्ट ईयर की परीक्षा का रिजल्ट इस बार भी लेट घाेषित किया गया है। इस बार भी छात्राें के इवैल्युएशन में देरी हाे गई थी। प्रशासन की अाेर से अांसरशीटाें का मूल्यांकन कार्य लेट शुरू करवाया गया। काॅलेजाें से अवाॅर्ड लिस्टें सीधे एचपीयू पहुंचती हैं, जबकि इसमें इस बार देरी की गई है। अब पीजी के रिजल्ट काे निकालने में भी देरी की जा रही है। एेसे में छात्राें पर प्रशासन की इस तरह की लेट लतीफी भारी पड़ रही है।

छात्राें काे एेसे उठाना पड़ रहा है नुकसान





काॅन्फिडेंशियल रिजल्ट देने के बदले ले रहे फीस छात्र संगठन एबीवीपी कैंपस सचिव मनीष वर्मा का कहना है कि छात्राें से कॉन्फिडेंशियल रिजल्ट के नाम पर 500 रुपए लिए जा रहे हैं। एेसे में एेसी लूट बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। उनका कहना है कि पिछले लंबे समय से पीजी के छात्र अपने अंतिम सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम का इंतजार कर रहे हैं, ताकि वे एमफिल की काउंसिलिंग में जा सके। जबकि जून 2019 में परीक्षा होने के बाद चार महीने के बाद भी प्रशासन पीजी परीक्षा परिणाम पूरी तरह से घोषित नहीं कर पा रहा है।

X
Shimla News - classes used to go on these days did not get out till the last result of pg not even counseling
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना