पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Shimla News Crude Oil Is 48 Cheaper In 3 Months But Oil Companies Reduced Prices By 8

3 माह में कच्चा तेल 48% सस्ता, पर तेल कंपनियाें ने 8% कीमतें ही घटाईं

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

2014 के बाद 11 बार
बढ़ी एक्साइज ड्यूटी


{पेट्राेल पर 22.98 रुपए अाैर डीजल पर 18.83 रुपए लीटर एक्साइज ड्यूटी हाे गई है। दाेनाें पर राेड सेस भी 10-10 रुपए लीटर हाे गया है। {2014 में माेदी सरकार के सत्ता में अाने के वक्त पेट्राेल पर 9.48 रुपए अाैर डीजल पर 3.56 रुपए लीटर एक्साइज ड्यूटी थी। {नवंबर 2014 से जनवरी 2016 के बीच कच्चे तेल की कीमताें में गिरावट का फायदा लाेगाें काे देने के बजाय माेदी सरकार ने नाै बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर खजाना भरा था। उन 15 महीनाें में पेट्राेल पर 11.75 अाैर डीजल पर 13.47 रुपए एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई गई। इसके चलते 2016-17 में एक्साइज के ताैर पर 2 लाख 42 हजार कराेड़ रुपए एकत्रित हुए थे, जबकि 2014-15 में यह अांकड़ा 99 हजार कराेड़ रुपए था। {अप्रैल 2014 के बाद से पेट्राेल पर एक्साइज ड्यूटी 142% अाैर डीजल पर 429% बढ़ाई जा चुकी है। {अक्टूबर 2017 में 2 रुपए ड्यूटी घटाई थी, जबकि उसके सालभर बाद फिर 1.5 रुपए की कटाैती की। हालांकि, जुलाई 2019 में 2 रुपए प्रति लीटर ड्यूटी फिर बढ़ा दी गई।

6 रु. से ज्यादा कम हाे चुकी हैं। शनिवार काे दिल्ली में पेट्राेल 69.87 व डीजल 62.58 रुपए लीटर बिका।
{शेष पेज 7 पर


नई दिल्ली| अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें पिछले तीन माह में 48.33% तक गिर चुकी हैं। लेकिन, तेल कंपनियाें ने इस दाैरान अाम लाेगाें के लिए पेट्राेल-डीजल िसर्फ 8% तक ही सस्ता किया। इसी बीच, केंद्र सरकार ने भी कच्चा तेल सस्ता हाेने का पूरा फायदा अाम लाेगाें काे देने के बजाय खजाना भरने का फैसला किया है। सरकार ने शनिवार काे पेट्राेल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 3-3 रुपए बढ़ा दी। सरकारी नाेटिफिकेशन के अनुसार स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में 2 रुपए अाैर राेड सेस में एक रुपए का इजाफा किया गया है। पेट्राेल-डीजल की कीमताें में यह 8 साल की सबसे बड़ी वृद्धि है। हालांकि, इंडस्ट्री से जुड़े अधिकारियाें के अनुसार एक्साइज ड्यूटी के कारण अभी खुदरा कीमतें बढ़ने की अाशंका नहीं है। यह कच्चे तेल की कीमताें में गिरावट के साथ एडजस्ट हाे जाएगी। एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने से सरकार का सालाना राजस्व 39 हजार से 45 हजार कराेड़ रुपए तक बढ़ने की उम्मीद है। सरकारी सूत्राें ने कहा कि पहली तिमाही में कच्चे तेल की कीमताें में गिरावट का ज्यादातर लाभ उपभाेक्ताअाें काे दिया गया। अब कठिन वित्तीय हालात के बीच सरकार ने राजस्व बढ़ाने के लिए एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई है। इससे विकास कार्याें पर खर्च को संसाधन जुटाने में मदद मिलेगी। कच्चे तेल की कीमताें में गिरावट के चलते 11 जनवरी के बाद से पेट्राेल-डीजल की कीमतें
खबरें और भी हैं...