प्रदेश सरकार के बजट को बताया निराशाजनक
भारत की जनवादी नौजवान सभा (डीवाईएफआई) ने राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को निराशाजनक बताया है। डीवाईएफआई ने बजट में प्रदेश की जनता के साथ धोखा करार दिया है और कहा है कि बजट में सरकार ने किसी भी वर्ग को राहत नहीं दी है।
डीवाईएफआई के राज्य सचिव चंद्रकांत वर्मा ने कहा है कि प्रदेश सरकार द्वारा 20,000 रिक्त पड़े पदों को भरने की बात की गई है, लेकिन पिछले कई वर्षों से की जा रही भर्तियों में लगातार धांधलियां हो रही है। फिर चाहे चाहे पटवारी की परीक्षा हो या पुलिस भर्तियां हो। इनमें लगातार धांधलियां सामने आ रही है। जब इस तरह की धांधलियां लगातार सामने आ रही हो तो यह यह कैसे कहा जा सकता है कि आगे भी इन परीक्षाओं तथा भर्तियों में किसी भी प्रकार की धांधलियां व अनियमितताएं नहीं होंगी।
चंद्रकांत वर्मा ने कहा है कि बजट में सरकार ने मजदूरों के साथ भी भद्दा मजाक किया है। मजदूरों की दिहाड़ी केवल 25 रुपए बढ़ाई गई है, जो दर्शाता है कि गरीब और मजदूर वर्ग की सरकार को कोई चिंता नहीं है। वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए भी किसी भी प्रकार की कोई बेहतर योजनाएं इस बजट में नहीं है। उन्होंने कहा कि बजट कोरी घोषणाओं पर ही आधारित है और इसको धरातल पर उतराना मुश्किल है। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि सरकार के पास नई योजनाओं के लिए किसी भी प्रकार का धन नहीं है। सरकार लगातार कर्ज लेकर प्रदेश की जनता पर बोझ डाल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को मजदूर, किसान,छात्र, नौजवान सभी वर्गों के लिए ठोस योजनाएं लानी चाहिए ताकि प्रदेश में रहने वाले सभी वर्गों का बराबर उत्थान किया जा सके।