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  • Shimla News Instructions Given To Institutions To Provide Information About Students Arriving From Abroad 20 Days Ago

20 दिन पहले विदेशों से पहुंचे स्टूडेंट्स की जानकारी देने के संस्थानों को दिए निर्देश

एक वर्ष पहले
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जिला के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों विशेष रूप से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में पिछले 20 दिनों के भीतर विदेशांे से आने वाले स्टूडेंट्स की जानकारी शैक्षणिक संस्थानों के प्रबंधक अथवा प्रशासन जिला प्रशासन को उपलब्ध करवानी हाेगी ताकि उनकी जांच सुनिश्चित की जा सके। उपायुक्त शिमला अमित कश्यप ने कोरोना संक्रमण से बचाव के संबंध में की जा रही तैयारियों की समीक्षा बैठक में ये निर्देश जारी िकए हैं।

उन्होंने सभी शिक्षण संस्थाओं में जिला प्रशासन द्वारा कोरोना संक्रमण से बचाव के संबंध में जारी की गई सलाह तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा सुझाए गए मानकांे के संबंध में छात्रों को जानकारी देने काे कहा। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के खतरों से बचाव के लिए स्वयं को साफ-सुथरा रखने की आवश्यकता है। विशेष रूप से उन्होंने हाथ धोने की सुमन सुरक्षा प्रक्रिया को अपनाने जिसके तहत (एस) सीधा (यू) उल्टा (एम) मुट्ठी (ए) अंगूठा (एन) नाखून तथा कलाई को अच्छी प्रकार से साफ करने से हम इस वायरस से बच सकते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थान, बस अड्डों, स्वास्थ्य संस्थानों तथा सार्वजनिक क्षेत्रों की सफाई के साथ-साथ बसों की सफाई भी सुनिश्चित करनी होगी। ताकि कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सके।

कोराेना वायरस से लोग एेसे करें बचाव

आईजीएमसी में आए संदिग्ध मामलों के प्रशासन प्रशासन मुस्तैद: कोरोना वायरस के आईजीएमसी में संदिग्ध मामले आने के बाद प्रशासन मुस्तैद हो गया है। प्रशासन किसी भी तरह की कोताही नहीं बरतना चाहता। इसी को लेकर लगातार प्रशासन वायरस की रोकथाम के लिए अधिकारियों के साथ बैठकें कर स्थिति को पहले से ही कंट्रोल में रखने की कोशिश कर रहा है। जबकि लोगों को भी वायरस के बचाव को लेकर जागरूक किया जा रहा है। वहीं विदेशों से आए लोगों को भी एहतियात बरतने को कह रहा है।

वायरस की एेसे करें पहचान: गले में दर्द, जुकाम, खांसी, बुखार आना कोरोना वायरस के शुरूआती लक्षण माने जाते हैं। इसके अलावा पूरे दिन सिर दर्द रहना, नाक बहना, तेज खांसी आना, अस्वस्थ महसूस करना, छाती में दर्द होना एवं सांस लेने में दिक्कत होना लक्षण हैं।


मंदिरों में श्रद्धालुओं के बीच उिचत दूरी बनाने के लिए होगी व्यवस्था: वहीं जिला के मंदिरों में साफ-सफाई की विशेष समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंदिरों में इस दौरान श्रद्धालुओं के हाथ धोने के लिए पर्याप्त पानी तथा साबुन की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं में उचित दूरी बनाए रखने के संबंध में विभिन्न जगहों पर सूचना पट्ट अथवा साईन बोर्ड स्थापित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त मंदिरों में साफ-सफाई के संबंध में भी प्रचार सामग्री वितरण कर जानकारी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि मंदिरों में लगी रेलिंग तथा मंदिर प्रांगण की निरंतर उचित सफाई भी सुनिश्चित की जाए। ताकि इस वायरस से कोई भी श्रद्धालु संक्रमित न हो सके और लोगों में डर पैदा न हो।

होटल संचालकों को पर्यटकों को मुहैया करवाना होगा सैनिटाइजर: उन्होंने होटल व्यवसायियों को इस संबंध में जारी की गई सलाह एवं प्रचार सामग्री को रिसेप्शन काउंटरों पर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के छोटे-बड़े सभी होटल व्यवसायी अपने होटलों में आने वाले पर्यटकों को सैनिटाइजर सुविधा आवश्यक रूप से उपलब्ध करवाएं तथा होटलों में साफ-सफाई की उचित व्यवस्था भी सुनिश्चित करें। आगामी नवरात्रों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए मंदिरों में विशेष व्यवस्था कायम की जाएगी। बैठक में श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा कोरोना संक्रमण से श्रद्धालुओं के बचाव के संबंध में जारी सलाह को अपनाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। नवरात्रों के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिरों के खुलने के निर्धारित समय से एक घंटा पूर्व तथा बंद होने के एक घंटा पश्चात समय को बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है ताकि मंदिर में श्रद्धालुओं की एकत्रीकरण से बचा जा सके।


बल्ड प्रेशर, डायबटीज, टीवी के मरीजों को एहतियात बरतना जरूरी: जिला के रोहड़ू, चैपाल, रामपुर के खनेरी तथा ठियोग के अस्पतालों में कोरोना संक्रमण के संभावित मरीजों के लिए अलग से 8 बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है जबकि सुन्नी में 13 और जुन्गा में 6 बिस्तरों की उपलब्धता रहेगी। उन्होंने कहा कि उच्च रक्तचाप, मधुमेह, टीवी अथवा किसी लंबी बीमारी से ग्रसित रोगियों के लिए इसके तहत एहतियात बरतना अत्यंत आवश्यक है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी, निगरानी अधिकारियों तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों को इस संबंध में उचित प्रशिक्षण व जानकारी देने के निर्देश दिए।


बचाव एवं रोकथाम: वायरस से संभावित व्यक्ति को अलग रखें, हाथ न मिलाएं, यात्रा न करने दें, हाथों को एंटी सेप्टिक साबुन-लिक्विड से धोएं, गुनगुना पानी का सेवन करें, खांसते-छींकते हुए रूमाल का इस्तेमाल करें।
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