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आईपीएच विभाग की लेटलतीफी से नही मिल रहा है गलोग की जनता को पानी

क्षेत्र में बरसों से पेयजल किल्लत है। इसका सामना करने के लिए करीब 7 वर्ष पहले उस वक्त भाजपा सरकार के समय करोड़ों की...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 17, 2018, 02:00 AM IST

आईपीएच विभाग की लेटलतीफी से नही मिल रहा है गलोग की जनता को पानी
क्षेत्र में बरसों से पेयजल किल्लत है। इसका सामना करने के लिए करीब 7 वर्ष पहले उस वक्त भाजपा सरकार के समय करोड़ों की आधा दर्जन से ज्यादा योजनाओं के शिलान्यास हुए भी, लेकिन विभागीय लापरवाही, बजट के आभाव और ठेकेदारों की लेटलतीफी के चलते अधिकतर योजनाएं या तो पूरी ही नहीं हुई,या सही ढंग से बन ही नहीं पाई है।

इसी कड़ी में दलाश क्षेत्र की पेयजल समस्या से पर पाने के लिए दलाश के गलोग में 11 दिसंबर 2011 को तत्कालीन आईपीएच मंत्री रविंद्र सिंह रवि ने एक उठाऊ पेयजल योजना का शिलान्यास किया । लेकिन इस योजना का निर्माणकार्य सात वर्ष का समय बीतने के बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। जबकि विभाग इसे अभी भी युद्धस्तर पर कार्य होने के चलते गर्मियां बिट जाने के बाद पूरा हो जाने का दावा कर रहा है। विभकाग कि इसी लेटलतीफी के चलते क्षेत्र के हजारों लोगों को पेयजल किल्लत से जूझना पड़ रहा।

लोगों ने लगाया लेटलतीफी का आरोप: लोगों का आरोप है कि आईपीएच विभाग कछुआ गति से पेयजल योजना के निर्माण कार्य में जुटा हुआ है । क्षेत्र के लोगों ने प्रदेश सरकार और आईपीएच विभाग से जल्द से जल्द इस पेयजल योजना को तैयार कर क्षेत्र की जनता को राहत देने की मांग की है।

3 करोड़ 55 लाख की योजना से 55 बस्तियों की बुझनी थी प्यास: गौर रहे कि तीन करोड़ 55 लाख रुपयों की लागत से बनने वाली इस पेयजल योजना से क्षेत्र के दलाश, फरानाली, डिंगीधार, वयूगंल की 45 बस्तियों के 3000 लोगों को पेयजल की सुविधा दी जानी है। विडंबना यह है कि क्षेत्र की जनता सालों से पेयजल के लिए त्राहि त्राहि कर रही है लेकिन पेयजल योजना का शिलान्यास हुए सात वर्ष का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक इसका निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। तीन करोड़ 55 लाख रुपये की लागत से बनने वाई इस योजना के तहत आनी के समीप गुगरा से पानी उठाया जाना था। बीडीसी आनी के पूर्व उपाध्यक्ष विद्या सागर, बीडीसी सदस्य सतीश कुमार, दलाश पंचायत प्रधान मोहर सिंह, जिया लाल, कुंभ दास, नंदलाल धीमान ने प्रदेश सरकार और आईपीएच विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द इस पेयजल योजना का कार्य पूरा किया जाए।

सात वर्ष में सिरे नहीं चढ़ी पेयजल योजना, क्षेत्र में बरसों से पेयजल किल्लत

गलोग में 11 दिसंबर 2011 को उठाऊ पेयजल योजना का किया था शिलान्यास ।

पेयजल योजना का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। योजना के पहले चरण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि 4 से 6 माह के भीतर पेयजल योजना का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। जल्द ही लोगों को पेयजल की समस्या से निजात मिलेगी। रविंद्र कुमार शर्मा, एक्सईएन आईपीएच विभाग आनी

16 करोड़ की लागत से बनी पेयजल योजना पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल

रामपुर बुशहर| रामपुर खंड की 5 पंचायतों के हजारों लोगों की प्यास बुझाने के मकसद से बनी देवठी-डंसा ग्राम समूह उठाऊ पेयजल योजना आशाओं के अनुरूप खरी नही उतर पाई है। करीब16 करोड की लागत से बनाई गई इस पेयजल योजना से कई गांव में पानी की लाईनें तक नहीं बिछाई गई है और न ही स्टोर टैंक का निर्माण किया गया है। इसके चलते क्षेत्र के सैंकड़ों ग्रामीणों को इस योजना का कोई लाभ नही मिल पा रहा है। ऐसे में क्षेत्र के सैंकड़ों ग्रामीणों में सरकार और आईपीएच विभाग के प्रति खासा रोष है। गौरतलब है कि बीते वर्ष अक्तूबर माह में इस पेयजल योजना से रामपुर विकास खंड की डंसा, लालसा, कूहल, देवठी और शिंगला पंचायत के हजारों लोगों को पेयजल आपूर्ति की सुविधा मिली थी, लेकिन उद्घाटन के तीन माह बाद ही करोड़ रुपये से बनी पेयजल से क्षेत्र के सैंकड़ों ग्रामीणों को प्रयाप्त मात्रा में पेयजल आपूर्ति सुचारू रूप से नही मिल पा रही है। पूर्व कांग्रेस सरकार ने उक्त क्षेत्र की पंचायतों में पेयजल की किल्लत से निजात दिलाने के लिए आधी अधूरी पेयजल योजना का शिलान्यास कर दिया। लेकिन आज भी थला, पटैना और डंसा पंचायत के कई गांव नई पेयजल योजना से नही जोड़ पाई है। इतना ही नही शांदल गांव में स्टोरेज टैंक का निर्माण तक नही किया गया है। इसके चलते आज इस योजना का लाभ कई गंाव के ग्रामीणों को नही मिल पा रहा है। जिला परिषद सदस्य दलीप कायथ, युवक मंडल प्रधान देश कुमार, अमीत, दुर्गा सिंह, पवन जोक्टा, पूर्व उपप्रधान जेएल डमालू ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर और आईपीएच मंत्री से इस पेयजल योजना के निर्माण कार्य की जांच करनी की मांग की है। साथ ही स्थानीय विधायक से भी मांग कि है कि इस मुद्दों को विधान सभा में उठाए और दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

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