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जब पता ही नहीं किसने लगाईं एलईडी स्क्रीन, तो खराब होने पर कौन करे ठीक

दीपक/ श्यामलाल | नाहन/पांवटा सिरमौर में लाखों खर्च कर उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने के लिए लगाई एलईडी स्क्रीन...

Danik Bhaskar | May 08, 2018, 02:05 AM IST
दीपक/ श्यामलाल | नाहन/पांवटा

सिरमौर में लाखों खर्च कर उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने के लिए लगाई एलईडी स्क्रीन प्रयोग न होने से कबाड़ हो रही है। कई स्थानों से यह स्क्रीन गायब हो गई है। हैरानी की बात तो यह है कि दो वर्ष पूर्व लगाई एलईडी स्क्रीन का जिम्मा अब किसके पास है, संबंधित विभागों को यह भी जानकारी नहीं है, न ही विभागों के पास एलईडी स्क्रीन के बजट के बारे में कोई जानकारी है। फिर उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने की बात यहां बेमानी सी लगती है। सब्जी व फलों के रेट निर्धारित करने के लिए प्रशासन द्वारा मार्जिन मनी निर्धारित की गई है, मगर सब्जी विक्रेता मार्जिन मनी के अनुसार रेट निर्धारित नहीं कर रहे, न ही अधिकतर सब्जी विक्रताओं द्वारा दुकान में कोई रेट लिस्ट लगाई जा रही है।

ऐसे में नाहन में ही विभिन्न स्थानों पर कहीं कम तो कहीं ज्यादा रेट पर सब्जियां व फल बिक रहे हैं। जल्दी खराब होने वाली सब्जियों व फलों पर 39 व अन्य फल व सब्जियों पर 24 प्रतिशत मार्जिन मनी प्रशासन की ओर से निर्धारित की गई है। गौरलतब हो कि करीब दो वर्ष पूर्व उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने के लिए नाहन व पांवटा साहिब में एलईडी स्क्रीन लगाई गई थी। कुछ दिन तो स्क्रीन में रेट रोजाना अपडेट हुए, मगर इसके बाद रेट अपडेट करना ही बंद कर दिया गया। विभागों को यह भी जानकारी नहीं है कि एलईडी स्क्रीन में खराबी आने के कारण रेट अपडेट करना बंद किया गया है या किसी ओर कारण से। कारण जो भी हो इससे उपभोक्ताओं को चुना लग रहा है, वहीं सब्जी विक्रेता चांदी कूट रहे हैं।

नाहन के गुन्नु घाट में लगी एलईडी स्क्रीन, रेट नहीं होते डिस्प्ले

नाहन शहर में पांच जगह बडा चौक, ब्वायज स्कूल, गुन्नु घाट आदि कई स्थानों पर एलईडी स्कूल मूल्य प्रदर्शित करने के लिए लगाई गई थीं। वहीं, मंडी समिति की ओर से गीता भवन, विश्वकर्मा चौक, मंडी समिति परिसर व बद्रीपुर चौक पर डिजिटल डिस्प्ले स्क्रीन लगाई है, मगर यह खराब पड़ी हैं। यह मशीने जब लगाई तो कुछ दिन तक ही चलीं उसके बाद खराब हुई तो आज तक ठीक नहीं की गईं।

पांवटा साहिब में उत्तराखंड से ला रहे सब्जियां | पांवटा साहिब सब्जी मंडी व सब्जी मंडी के बाहर दुकानदार सब्जियों और फलों के मनमानी रेट वसूल रहे हैं। मंडी समिति की ओर से गीता भवन, विश्वकर्मा चौक, मंडी समिति परिसर व बद्रीपुर चौक पर डिजिटल डिस्प्ले स्क्रीन लगाई है, मगर यह खराब पड़ी हैं। इन स्क्रीनों पर रोज मंडी समिति के तय सब्जियों के भाव डिस्प्ले होते थे। प्रशासन व मंडी समिति की ओर से 5 प्रतिशत होलसेल मार्जिन की बढ़ोतरी करके डिजिटल डिस्प्ले स्क्रीन पर प्रर्दर्शित कर दी जाती थी। इससे मनमाने रेट लगाने वाले सब्जी विक्रेताओं पर लगाम लगी थी, मगर अब यह स्क्रीन खराब है। विक्रेता बेलगाम हो गए हैं। पांवटावासी उत्तराखंड से लाते हैं । सब्जियां पांवटा साहिब उत्तराखंड राज्य से लगता हुआ शहर है। यहां यमुना पुल पार करके कुल्हाल में हर वीरवार को सब्जी बाजार लगता है। उत्तराखंड के इस बाजार से 90 प्रतिशत खरीदारी हिमाचल के पांवटावासी करते हंै।

पुलिस ग्राउंड से सब्जी बाजार की शुरुआत| पांवटा साहिब में भी 2010 में पुलिस ग्राउंड में इसी तरह के सब्जी बाजार की शुरुआत हुई थी। मगर सफल नहीं हो पाई। इस योजना को अपनी मंडी योजना नाम दिया था। इससे पांवटा के किसान अपनी सब्जी को ग्राउंड में लाकर बेचते थे। यह योजना कुछ दिनों तक चली, मगर इसके बाद यह नहीं चल पाई। इस कारण अब पांवटा के लोग या तो रेहड़ी फड़ी वालों से सब्जी फल खरीदते हंै या फिर उत्तराखंड के कुल्हाल में हर वीरवार को लगने वाले सब्जी बाजार से सब्जी व फल लाते हंै। पांवटा की सब्जी मंडी में 16 रुपए प्रति किलो आलू, प्याज 14 रुपए किलो, गोभी 15 रुपए प्रति किलो व लोकी 5 रुपए प्रतिकिलो बिकी है। सब्जी मंडी से बाहर मनमाने दामों पर सब्जियां बिक रही हैं। इसी तरह अन्य सब्जियां भी मनमाने दाम पर बेची जा रही हंै। यहां पर आढ़तियों का रेट अलग-अलग है। जैसा ग्राहक मिलता वैसा ही रेट कर देते हंै।

कई बार की शिकायत | इस बारे में जिला सिरमौर मंडी समिति के सचिव रामनाथ चौधरी ने कहा कि उन्होंने डिस्प्ले ठीक करने के लिए अधिकारियों को कई बार लिख दिया है। मगर ठीक नहीं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि जो डिस्पले खराब हैं, उनको जल्द ठीक करवा दिया जाएगा। सब्जी व फ ल को मंहगे दामों पर बेचने वालों खिलाफ कार्रवाही की जाएगी।

डीसी से की जाएगी बात | इस बारे में जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी प्रताप सिंह चौहान ने कहा कि एलईडी स्क्रीन के बारे में डीसी सिरमौर से बात की जाएगी। स्क्रीन को ठीक कर मंडी समिति से रेट लेकर इसे रोजाना अपडेट करने के लिए योजना तैयार की जाएगी।