Hindi News »Himachal »Shimla» 3 महीनों में ट्रांसफर के सिवा नहीं कर पाया दूसरा काम:शिक्षामंत्री

3 महीनों में ट्रांसफर के सिवा नहीं कर पाया दूसरा काम:शिक्षामंत्री

बैन के बावजूद रोजाना धड़ल्ले से हो रहे तबादलों को लेकर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज भी परेशान हो गए हैं। मंगलवार...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 02, 2018, 02:05 AM IST

3 महीनों में ट्रांसफर के सिवा नहीं कर पाया दूसरा काम:शिक्षामंत्री
बैन के बावजूद रोजाना धड़ल्ले से हो रहे तबादलों को लेकर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज भी परेशान हो गए हैं। मंगलवार को राज्य सचिवालय में राजकीय अध्यापक संघ के साथ आयोजित बैठक में शिक्षा मंत्री की ये परेशानी स्पष्ट दिखाई दी। बैठक की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य में नई सरकार बने हुए 3 महीने से ज्यादा समय हो चुका है। वे इन तीन महीनों में सिवा ट्रांसफर के कोई दूसरा काम ही नहीं कर पाए हैं। यहां तक कि शिक्षा निदेशक (प्रारंभिक और उच्चतर) के साथ वे अभी तक विभागीय समीक्षा भी नहीं कर सके हैं। उन्होंने कहा कि सुबह 6 बजे से लेकर रात 9 बजे तक केवल ट्रांसफर की सिफारिश के लिए ही फोन आता है। शिक्षा में गुणवत्ता कैसे लाई जाए इस पर न कोई सुझाव देता है और न कोई बात करता है। सभी सिफारिश ही करते हैं।

शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि ट्रांसफर एक्ट अभी बना भी नहीं है, लेकिन विरोध शुरू हो गया है। विरोध करने वालों में शिक्षक ही नहीं बल्कि नेता भी है। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि टीचर ट्रांसफर एक्ट बनाना उनका ड्रीम प्रोजेक्ट नहीं है, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए इस पर रोक लगाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि तबादलों के लिए कोई ऐसी नीति बने कि शिक्षकों को अपनी ट्रांसफर करवाने के लिए राजनीतिज्ञों के पास आने की जरूरत ही न पड़े।

सुबह 9 बजे से रात 11 बजे तक सिर्फ ट्रांसफर के लिए आते हैं फोन

ट्रांसफर एक्ट बनाने को लेकर शिक्षक ही नहीं राजनेता भी कर रहे विरोध

टीचरों के साथ होगी अलग जेसीसी

राज्य सरकार शिक्षकों की मांगों पर चर्चा के लिए उनके साथ अलग से संयुक्त सलाहकार समिति (जेसीसी) की बैठक करेगी। राजकीय अध्यापक संघ ने मंगलवार को आयोजित बैठक में ये मांग उठाई। संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान, महासचिव कैलाश ठाकुर, वित्त सचिव मुकेश शर्मा और महासचिव नरेश महाजन ने कहा कि प्रदेश में 80 हजार से ज्यादा टीचर है। लेकिन उनकी मांगों पर चर्चा के लिए बैठक ही नहीं बुलाई जाती। इस मसले को जल्द ही मुख्यमंत्री के साथ डिस्कस करेंगे। शिक्षकों की मांगों को लेकर जल्द ही जेसीसी की बैठक बुलाई जाएगी।

यदि एक्ट बनाना है तो सभी कर्मचारियों के लिए बने: संघ

राजकीय अध्यापक संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा कि ट्रांसफर एक्ट केवल शिक्षकों के लिए ही नहीं होना चाहिए। सरकार यदि इस तरह का कोई एक्ट या नीति बनाने जा रही है तो इसमें कर्मचारियों के सभी वर्गों को कवर किया जाना चाहिए। यदि सिर्फ शिक्षकों के लिए ही इसे बनाया गया तो इसका विरोध होगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सभी यूनियनों के साथ इस मसले पर बैठक की जाएगी। सभी के सुझाव लेने के बाद ही सरकार इस दिशा में आगे बढ़ेगी।

आईएएस को लगाया जाए शिक्षा निदेशक| राजकीय अध्यापक संघ ने सरकार से मांग की शिक्षा निदेशक उच्चतर को स्कूल कैडर से लगाए। अभी तक कॉलेज कैडर से निदेशक लगाया जाता है। संघ ने कहा कि यदि स्कूल कैडर से निदेशक नहीं लगाया जाता तो सीनियर आईएएस अधिकारी की तैनाती शिक्षा निदेशक के पद पर की जाए।

प्रशासनिक ट्रिब्यूनल बंद करने पर सीएम से करूंगा बात

शिक्षकों ने बैठक में एक बार फिर से प्रशासनिक ट्रिब्यूनल को बंद करने का मामला उठाया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस पर वह अपने स्तर पर निर्णय नहीं ले सकते। मुख्यमंत्री के साथ चर्चा करेंगे। सरकार ही इस पर अंतिम फैसला लेगी।

इन मांगों पर मंथन; 30 जून से

पहले पूरा करने का आश्वासन

शिक्षकों की रिटायरमेंट ऐज 62 साल करना।

15 सालों से जिन की प्रमोशन नहीं हो रही उन्हें दो स्पेशल इंक्रीमेंट देना।

पीटीए, पैरा, पैट टीचरों को कंडीशनल इंक्रीमेंट देना।

7-7-2014 को वित्त विभाग की तरफ से जारी अधिसूचना को रद्द करना।

ओल्ड पेंशन स्कीम बहाल करना।

शास्त्री और भाषा अध्यापक को टीजीटी का पदनाम देना।

डीपीई का पदनाम लेक्चरर शारीरिक शिक्षा करना।

रिटायरमेंट पर छुट्टी कैश करने की लिमिट 300 से बढ़ाई जाए।

सीएंडवी टीचरों का इंटर डिस्ट्रीक कोटा बढ़ाना जैसी मांगों पर मंथन हुआ। शिक्षा मंत्री ने कहा कि वित्त विभाग से जुड़ी मांगों पर मंथन चल रहा है। 30 जून से पहले सरकार लगभग सभी मांगों को पूरा कर देगी।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Shimla

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×