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27 साल से मिल रहे 5 रुपए, अब इस रेट पर नहीं करेंगे काम, 12 रुपए हो लोडिंग रेट

फल एवं सब्जी मंडी ढली में लोडिंग और अनलोडिंग का काम करने वाले मजदूरों ने काम बंद करने की चेतावनी दी है। लोडिंग रेट न...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 08, 2018, 02:05 AM IST

फल एवं सब्जी मंडी ढली में लोडिंग और अनलोडिंग का काम करने वाले मजदूरों ने काम बंद करने की चेतावनी दी है। लोडिंग रेट न बढ़ाने के रोष स्वरूप मजदूरों ने यह फैसला लिया है। मजदूरों का कहना है कि 1990 उन्हें 10 से 80 किलो सामान लोडिंग के 5 रुपए मिल रहे हैं, जो कि नाकाफी हैं। मजदूर चाहते हैं कि लोडिंग रेट 12 रुपए किए जाएंगे। इसको लेकर मजदूर यूनियन ने बैठक के बाद मंडी समिति किन्नौर और शिमला को ज्ञापन सौंपा। एक माह का समय हो गया है, लेकिन मंडी समिति रेट बढ़ाने के लिए तैयार नहीं है। ढली में पल्लेदार मजदूर यूनियन की बैठक हुई। इसमें मजदूरों ने निर्णय लिया कि अगर मंडी समिति एक दोे दिन के भीतर लोडिंग रेट बढ़ाने का फैसला नहीं लेती है, तो वे लोडिंग का काम पूरी तरह से बंद कर देंगे। मंडी समिति में करीब 250 मजदूर हैं, जो कि बाहर से आने वाले फल सब्जियों की अनलोडिंग करते हैं और फिर आढ़तियों के ट्रकों में लोडिंग भी करते हैं। ऐसे में अगर मजदूर हड़ताल करते हैं तो आढ़तियों समेत किसानों का खासा नुकसान होगा। पल्लेदार मजदूर यूनियन के प्रधान मदन लाल, सचिव भागीरथ और कोषाध्यक्ष आरआर ठाकुर ने मंडी समिति समेत आढ़ती एसोसिएशन से मांग की कि उनकी मांग जल्द पूरी करे, नहीं तो नुकसान उठाने के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि मजदूर अब पांच रुपए लोडिंग रेट पर काम नहीं करेंगे।

मंडी में पीने के पानी की सुविधा भी नहीं |यूनियन के पूर्व प्रधान और कोषाध्यक्ष आरआर ठाकुर ने कहा कि मंडी समिति ढली में पीने के पानी की भी उचित व्यवस्था नहीं है। यहां पर दो से ढाई सौ तो मजदूर काम करते हैं और बाहर से भी किसानों का आना जाना होता है, ऐसे में पीने के पानी की उचित व्यवस्था न होने से परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने मजदूरों को पहचान पत्र जारी करने, पल्लेदारों को मंडी परिसर में रहने के लिए हाॅस्टल का निर्माण करने और जब तक हॉस्टल नहीं बन जाता तब तक उनके रहने के लिए अस्थायी व्यवस्था की जाए।

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