शिमला

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स्कूलों में आरटीई के नियमों के तहत भी नहीं बचे टीचर्स

सचिव शिक्षा ने शिकायतों के बाद सभी जिलों से मांगी रिपोर्ट, कहां कम शिक्षक, एसएसए करेंगे सर्वे

Dainik Bhaskar

May 08, 2018, 02:05 AM IST
सचिव शिक्षा ने शिकायतों के बाद सभी जिलों से मांगी रिपोर्ट, कहां कम शिक्षक, एसएसए करेंगे सर्वे


भास्कर न्यूज | शिमला

हिमाचल सरकार की तबादलों की मार अब स्कूलों में केंद्रीय एक्ट को लागू करने पर पड़ती दिख रही है। राज्य में शिक्षकों के तबादलों के कारण कई स्कूलों में स्थिति काफी खराब हो चुकी है। इन स्कूलों में शिक्षकों की संख्या आरटीई एक्ट के नियमों से भी कम हो गई है। नियमों की उल्लंघना पर प्राइमरी आैर मिडल स्कूलों को केंद्र से मिलने वाली ग्रांट पर संकट गहरा सकता है । इन स्कूलों में नियमों के तहत 40 बच्चों पर एक आैर 60 बच्चों पर दूसरे शिक्षक का होना अनिवार्य है। शिक्षकों की संख्या इनसे कम होने की सूरत में नियमों की उल्लंघना मानी जाती है। विभाग में पिछले चार महीनों में हुए तबादलों के कारण अब गांव से लेकर शहरों के स्कूलों में यह स्थिति आ चुकी है कि शिक्षक न के बराबर है। शिक्षा सचिव के पास ऐसे कई मामलों की शिकायत मिली है। इन मामलों की शिकायतें मिलने के बाद सर्व शिक्षा अभियान के प्रोजेक्ट निदेशक से लेकर अन्य अधिकारियों को इसका सर्वे करने का जिम्मा सौंपा है। इनकी रिपोर्ट आने के बाद ही विभाग में बड़े स्तर पर फिर से फेरबदल हो सकता है। विभाग ऐसे सभी स्कूलों में शिक्षकों को भेजने की तैयारी मे है। जहां पर शिक्षकों की संख्या नियमों के मुताबिक कम है।

रिपोर्ट मांगी, आने के बाद लेंगे फैसला

सचिव शिक्षा अरुण शर्मा ने माना कि स्कूलों में कई स्थानों पर शिक्षकों की संख्या काफी कम हो गई है। अब नई व्यवस्था में आरटीई नियमों से शिक्षक कम न हो, इसका ध्यान रखा जा रहा है, लेकिन पहले कई स्थानों पर तबादलों हो चुके हैं। इसके लिए सर्व शिक्षा अभियान के माध्यम से सर्वे करवाया जा रहा है। इसकी पूरी रिपोर्ट आने के बाद ही सरकार की आेर से आगे की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। विभाग में पिछले चार महीनों में हुए तबादलों के कारण अब गांव से लेकर शहरों के स्कूलों में यह स्थिति आ चुकी है कि शिक्षक न के बराबर है।

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