• Hindi News
  • Himachal
  • Shimla
  • एक दिन में किसानों की कई दिनों की मेहनत हुई मिट्‌टी
--Advertisement--

एक दिन में किसानों की कई दिनों की मेहनत हुई मिट्‌टी

Shimla News - यशपाल कपूर/ प्रेम कश्यप | सोलन/चायल बेमौसमी सब्जियों के उत्पादन में प्रदेश का अग्रणी जिला सोलन के कुछ क्षेत्र...

Dainik Bhaskar

May 10, 2018, 02:05 AM IST
एक दिन में किसानों की कई दिनों की मेहनत हुई मिट्‌टी
यशपाल कपूर/ प्रेम कश्यप | सोलन/चायल

बेमौसमी सब्जियों के उत्पादन में प्रदेश का अग्रणी जिला सोलन के कुछ क्षेत्र में मंगलवार भारी ओलावृष्टि के कारण नकदी फसलें तबाह हो गई। यूं तो पूरे जिला में मंगलवार को तेज हवाओं, बारिश व ओलावृष्टि हुई, लेकिन सोलन व कंडाघाट विकास खंड के दो दर्जन से अधिक गांव में ओलावृष्टि ने सारी फसलें तबाह कर दी। कुदरत के कहर से बेबस किसानों को सरकार से आस है कि ओलावृष्टि से नुकसान का उन्हें मुआवजा मिले। सोलन विकास खंड में सबसे ज्यादा फसलों को नुकसान तोप की बेड़ पंचायत में हुआ। इसके अलावा देवठी, चामत भड़ेच, शामती, ओच्छघाट, कोठों पंचायत में भी ओलावृष्टि ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया।

डीसी से मिला प्रतिनिधिमंडल : सोलन के साथ लगती तोप की बेड़ पंचायत का एक प्रतिनिधिमंडल डीसी सोलन से पंचायत प्रधान मधु ठाकुर की अध्यक्षता में मिला और क्षेत्र में हुए नुकसान की जानकारी दी और उचित मुआवजा देने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में प्रधान के अलावा पूर्व प्रधान प्रदीप, अंबा दत्त, दयाल दत्त, देशू राम, हरनाम, दलीप सिंह और महिला मंडल की सदस्य भी शामिल थे।

इससे पहले ग्राम पंचायत तोप की बेड़ की ग्राम सभा की बैठक प्रधान मधु ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। इसमें ग्राम पंचायत तोप की बेड़ के किसानों पर प्राकृतिक आपदा से सफल खराब होने बारे प्रस्ताव पारित किया गया। सर्वसम्मति से प्रस्ताव में कहा गया कि ग्राम पंचायत तोप की बेड़ में 8 मई को भारी वर्षा व ओलों से टमाटर व शिमला मिर्च की सारी फसल खराब हो गई है, जिससे किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया कि ग्राम पंचायत तोप की बेड़ के किसानों को फसलों के नुकसान का मुआवजा दिलाया जाए। सोलन के समीप तोप की बेड़ पंचायत के निवासी मदन, रणजीत, सत्या देवी, सरस्वती देवी, अनु, यशवंत, पदम सिंह, मोहन सिंह, देशू राम, धर्मदत्त, ओमप्रकाश व चैन सिंह ने बताया कि मंगलवार दोपहर बाद हुई ओलावृष्टि से उनकी सारी फसलें बर्बाद हो गई है। ओलावृष्टि ने खेतों में तैयार टमाटर, शिमला मिर्च, गोभी, मटर, पलम व खुरमानी की फसलें तबाह कर दी। उन्होंने इससे पहले कभी भी इतनी ओलावृष्टि नहीं देखी।

चायल के शिलाई गांव में हुई तबाह हुई फसलं।

करीब 2 करोड़ की नकदी फसलें बर्बाद | तोप की बेड़ पंचायत के पूर्व प्रधान प्रदीप ने बताया कि उनकी पंचायत में ही ओलावृष्टि के कारण करीब 2 करोड़ की नकदी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। अब वह खेतों में दोबारा टमाटर, शिमला मिर्च नहीं लगा सकते। बोच गांव के किसान यशवंत ने बताया कि पलम व खुरमानी भी ओलावृष्टि से खत्म हो गए हैं। शामती के समीप धरांजटी निवासी बालकृष्ण मेहता ने बताया कि उनकी टमाटर व शिमला मिर्च की फसलें ओलावृष्टि ने बर्बाद कर दी है। कंडाघाट उपमंडल प्रदेश में बेमौसमी सब्जियों व नकदी फसलों, फल व फूलों के उत्पादन में अग्रणी है। फसलें तैयार थी कि मंगलवार को कई जगहों पर आसमान से फसलों के लिए ओलावृष्टि के रूप में कहर बरस गया। मंगलवार को कंडाघाट उपमंडल की ग्राम पंचायत बांजनी, झाजा, मही, दंघील, सिरीनगर, बीशा सहित कई पंचायतों के गांवों में भारी ओलावृष्टि हुई। इससे टमाटर, शिमला मिर्च, फ्रासबीन सब्जियों की फसल और प्लम, आड़ू, खुरमानी, नाशपाती, फल पौधों व कई जगह फूलों की खुले में लगी फसलों को भारी नुकसान हुआ।

सिरमौर में तेज हवाओं, ओलावृष्टि से बागवानों को 1.47 करोड़ का नुकसान

खेतों से लहसुन की खराब फसल को समेटते किसान

पहले कभी इतनी ओलावृष्टि नहीं हुई

खेतों में तैयार टमाटर, शिमला मिर्च, गोभी, मटर, पलम व खुरमानी की फसल खराब

किसानों को पड़ी आपदा | झाजा के किसान बीके शांडिल, नंदराम, बांजनी के मान सिंह, घनश्याम, दौलत राम, मही के नंद किशोर, प्रकाश, दंघील के पलकराम व मदन, सिरीनगर के गोपाल ठाकुर ने बताया कि ओलावृष्टि से किसानों पर बड़ी आपदा पड़ी है। सरकार से तुरंत जायजा लेकर मुआवजा देने की मांग की है। पंचायत प्रधान परिषद कंडाघाट के अध्यक्ष पीएस कश्यप, पंचायत प्रधान झाजा मान सिंह, दंघील लज्जा वर्मा, चायल के प्रधान महेश कनौजिया, बीशा सीता ठाकुर, क्वारग आरती, हिन्नर निशा ठाकुर, पौधना संजीव ठाकुर सहित कई जनप्रतिनिधियों ने कहा कि विभाग लक्ष्य क्षेत्र जहां ओलावृष्टि हुई है, वहीं की रिपोर्ट करें। ओवरऑल रिपोर्ट से प्रभावित क्षेत्र की नुकसान प्रतिशतता घट जाती है और पात्रों को कम या न के बराबर मुआवजा मिलता है। कदम उठाए।

फलदार फसलों को भारी नुकसान

बागवानी विभाग सोलन के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. बीएस गुलेरिया ने बताया कि ओलावृष्टि से फलदार फसलों को भारी नुकसान हुआ है। फील्ड से रिपोर्ट मंगवाई गई है। रिपोर्ट आने के बाद ही नुकसान पता चल पाएगा।

कंडाघाट के एसडीएम संजीव धीमान ने बताया कि ओलावृष्टि से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए निचले स्तर पर पटवारियों को निर्देश दिए गए हैं। इसकी जानकारी डीसी सोलन को दी जाएगी। उनसे प्राप्त निर्देशों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

दीपक / भीम सिंह ठाकुर | नाहन / हरिपुरधार | सिरमौर में तेज अंधड़ व ओलावृष्टि से बागवानों को भारी नुकसान हुआ है। जिले के निचले क्षेत्रों में बागवानों को मौसम की बेरुखी के कारण सबसे अधिक नुकसान हुआ। आम की 30 फीसदी फसल ओलावृष्टि व तेज हवाओं से नष्ट हुई है। हालांकि इस बार जिले में आम के बंपर उत्पादन की उम्मीद जताई जा रही है। बागवानी विभाग ने करीब 4 हजार मिट्रिक टन आम के अत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। मगर मौसम की बेरुखी के कारण नुकसान ओर बढ़ सकता है। वहीं, सिरमौर में फलदार पौधों को करीब 1.47 लाख रुपए का नुकसान लुआ है। पांवटा साहिब व नाहन विकासखंड के बागवानों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। नाहन, पांवटा व शिलाई विकासखंड में ही बागवानों को करीब 1.35 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। इसके अलावा राजगढ़ क्षेत्र में करीब 12 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। सबसे अधिक आम की फसल को 74 लाख रुपए नुकसान हुआ। इसके अलावा लीची को 4 लाख, सेब को 21 लाख, पलम को 11 लाख व आडू की फसल को करीब 8 लाख, खुमानी को 5.5 लाख रुपए रुपए का नुकसान आंका गया है। इसके अलावा राजगढ़ क्षेत्र में आडू, अखरोट पलम, सेब व खुमानी आदि फसलों को करीब 12 लाख रुपए नुकसान हुआ है। इस बारे में जिला उद्यान अधिकारी एसके शर्मा ने बताया कि जिले में तेज हवाओं व ओलावृष्टी के कारण भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि सबसे अधिक नुकसान आम की फसल को हुआ है। नाहन, पांवटा साहिब व शिलाई क्षेत्र में फलदार पौधों को इस सीजन में करीब 1.35 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। वहीं पीच वैली राजगढ़ में भी फलदार पौधों को भारी नुकसान हुआ है।

आकलन कर रिपोर्ट मांगी गई

जिला कृषि अधिकारी डॉ आरआर कौशल ने बताया कि सोलन में ओलावृष्टि से कुछ क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने फील्ड स्टाफ से नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट मांगी गई। सोलन में 4640 हेक्टेयर भूमि पर टमाटर लगाया जाता है और यहां 2.32 हजार मीट्रिक टन उत्पादन होता है। 1147 हेक्टेयर भूमि पर शिमला मिर्च लगाई जाती है और यहां 34410 मीट्रिक टन उत्पादन होता है। इसके अलावा ओलावृष्टि से मटर, गोभी, लहसून, प्याज की फसलों को भी नुकसान हुआ है।

हरिपुरधार में लहसुन हुए खराब

हरिपुरधार. टैंट में लहसुन की फसल की सफाई करते किसान

सोलन की तोप की बेड़ पंचायत में पलम के पेड़ में न फल बचा न पत्ते।

कुछ नहीं बचा खेत में

सोलन की निकटवर्ती पंचायत तोप की बेड़ में हुई भारी ओलावृष्टि के कारण बोच गांव में तबाह हुई टमाटर की फसल को दिखाती सरस्वती, सत्या देवी व अनु

पलम के पेड़ के पत्ते तक झड़ गए

गिरिपार क्षेत्र में 7

करोड़ की चपत

हरिपुरधार | गिरिपार क्षेत्र में तेज अंधड़, ओलावृष्टि व भारी बारिश के चलते करीब 7 करोड़ से अधिक नुकसान हुआ है। अधिक नुकसान लहसुन की फसल को हुआ है। किसानों की 5 करोड़ रुपए की फसल तबाह हो गई है। इसके अलावा आडू, सेब, पलम, खुमानी, नासपत्ति, सेब आदि फलदार पौधों को भारी नुकसान हुआ है। फ्रांसबीन, टमाटर आदि फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। कृषि उपनिदेशक विद्या सागर ने कहा कि वह अभी कार्यशाला में व्यस्त हैं, इसलिए अभी बात नहीं कर सकते।

एक दिन में किसानों की कई दिनों की मेहनत हुई मिट्‌टी
एक दिन में किसानों की कई दिनों की मेहनत हुई मिट्‌टी
एक दिन में किसानों की कई दिनों की मेहनत हुई मिट्‌टी
एक दिन में किसानों की कई दिनों की मेहनत हुई मिट्‌टी
X
एक दिन में किसानों की कई दिनों की मेहनत हुई मिट्‌टी
एक दिन में किसानों की कई दिनों की मेहनत हुई मिट्‌टी
एक दिन में किसानों की कई दिनों की मेहनत हुई मिट्‌टी
एक दिन में किसानों की कई दिनों की मेहनत हुई मिट्‌टी
एक दिन में किसानों की कई दिनों की मेहनत हुई मिट्‌टी
Astrology

Recommended

Click to listen..