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एसआईटी ने हाईकोर्ट में दी स्टेटस रिपोर्ट, बताया 798 बीघा से काटे 21206 पेड़

शिमला | जुब्बल में वन भूमि पर कब्जा जमाए बैठे 13 बड़े कब्जाधारकों को बेदखल करने को बनाई एसआईटी ने अपनी स्टेटस...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 10, 2018, 02:05 AM IST

शिमला | जुब्बल में वन भूमि पर कब्जा जमाए बैठे 13 बड़े कब्जाधारकों को बेदखल करने को बनाई एसआईटी ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष दाखिल की। सुनवाई के दौरान एसआईटी की पूरी टीम कोर्ट में मौजूद रही। रिपोर्ट में बताया गया है कि 798 बीघा जमीन से 21206 सेब के पेड़ काट दिए गए हैं।

अवैध कब्जाधारक संजीव व किशोर की ओर से न्यायालय को बताया गया कि उनके पास केवल थोड़ी जमीन कब्जे में है। इनकी ओर से दलील दी गई कि एसआईटी हाईकोर्ट के आदेशों की आढ़ में कानूनी प्रावधानों को दरकिनार कर बेदखली प्रक्रिया को अंजाम दे रही है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने दलील को नामंजूर करते हुए अपने पिछले आदेशों में किसी भी तरह के फेरबदल से साफ इनकार कर दिया। खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि अगर वह लोग अभी भी न्यायालय के आदेशों से किसी भी तरह से असंतुष्ट हैं तो वह कोर्ट के समक्ष अपना शपथ पत्र दाखिल कर सकते हैं। शपथ पत्र पर कानून के दायरे में रहते हुए विचार किया जाएगा। कोर्ट ने बड़े कब्जाधारियों से अतिक्रमण हटाने में सरकार की नाकामी के कारण एसआईटी का गठन किया था। कोर्ट द्वारा गठित एसआईटी में एडीसी देवा श्वेता बनिक, पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज डरोह की प्रिंसिपल सौम्या सांबशिवन , सीसीएफ आलोक नागर हैं। जबकि डीएफओ सीबी ताशीलदार टीम के कॉर्डिनेटर हैं। न्यायालय ने एसआईटी को आदेश दिए थे कि लोगों को बेदखल करने की कार्रवाई को अंजाम देते हुए अनुपालना रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष दायर करें। न्यायालय ने राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि वह एसआईटी के सदस्यों को न्यायालय के आदेशों की अक्षरश: अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए समय दें। मामले में सुनवाई 17 मई को निर्धारित की गई है।

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