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जाली सर्टिफिकेट का आरोप, 42 शिक्षण संस्थानों पर दर्ज होगा केस

नियमों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे 42 निजी शिक्षण संस्थानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। राज्य सरकार ने बुधवार को इस...

Dainik Bhaskar

May 10, 2018, 02:05 AM IST
नियमों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे 42 निजी शिक्षण संस्थानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। राज्य सरकार ने बुधवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। इनमें बीएड, एमएड, डीएलएड, फार्मेसी, मैनेजमेंट संस्थानों के अलावा आईटीआई भी है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों के बाद सरकार ने ये आदेश जारी किए हैं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जांच के लिए एसआईटी गठित की थी।

पिछले सप्ताह एसआईटी की स्टेटस रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को इसके लिए आदेश दिए थे। अब शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य शिक्षा विभाग की ओर से ये एफआईआर दर्ज करवाई जाएंगी। राज्य के कुछ शिक्षण संस्थानों पर जाली सर्टिफिकेट जारी करने के आरोप लगे थे। इस पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए सीबीआई को इस मामले की जांच करने के आदेश दिए थे। इसके बाद सीबीआई सीधे सुप्रीम कोर्ट चली गई थी। उसने बताया था कि ये बड़ा मामला हो सकता है और उसके पास मैन पावर कम है। इसके बाद ही सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी गठित करने के बादेश दिए थे। एसआईटी ने हर कॉलेज का दौरा कर नियमों की जांच की। जाे संस्थान नियमों को पूरा नहीं करते और जिन्होंने फर्जी तथ्य दिखाए, उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई।


एचपीयू व राजस्व अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

एसआईटी ने निजी शिक्षण संस्थानों में त्रुटियों को दूर करने के अलावा एनसीटीई, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय व राजस्व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में एसआईटी ने बताया है कि राजस्व सचिव ने तकनीकी संस्थानों द्वारा धारा-118 के तहत खरीदी गई जमीन से जुड़ी अनुमतियों का ब्योरा नहीं सौंपा है। कोर्ट ने राजस्व सचिव को दो सप्ताह के भीतर एसआईटी द्वारा मांगा गया रिकॉर्ड देने को कहा अन्यथा अगली सुनवाई के दौरान उन्हें कोर्ट में उपस्थित रहने के आदेश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 18 मई को हाईकोर्ट में होगी।

ये थे एसआईटी के सदस्य

बिहार कैडर के रिटायर्ड आईपीएस अफसर एसी वर्मा एसआईटी के अध्यक्ष थे। इसके अलावा सीबीआई के रिटायर्ड उच्च अधिकारी एके मल्होत्रा, पीसी शर्मा व विजय कुमार सदस्य थे।

जांच में पता चला की नियमों का उल्लंघन हुआ

जांच में पता चला कि कई शिक्षण संस्थानों ने नियमों का उल्लंघना किया है। कई संस्थानों में नियमों के तहत भवन के लिए प्रर्याप्त भूमि नहीं है। कुछ के पास खेल मैदान और स्टाफ पूरा नहीं है। इसके अलावा कुछ ने मान्यता के लिए जो दस्तावेज दिए, उन में और हकीकत में भिन्नता है।

भास्कर न्यूज | शिमला

नियमों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे 42 निजी शिक्षण संस्थानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। राज्य सरकार ने बुधवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। इनमें बीएड, एमएड, डीएलएड, फार्मेसी, मैनेजमेंट संस्थानों के अलावा आईटीआई भी है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों के बाद सरकार ने ये आदेश जारी किए हैं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जांच के लिए एसआईटी गठित की थी।

पिछले सप्ताह एसआईटी की स्टेटस रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को इसके लिए आदेश दिए थे। अब शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य शिक्षा विभाग की ओर से ये एफआईआर दर्ज करवाई जाएंगी। राज्य के कुछ शिक्षण संस्थानों पर जाली सर्टिफिकेट जारी करने के आरोप लगे थे। इस पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए सीबीआई को इस मामले की जांच करने के आदेश दिए थे। इसके बाद सीबीआई सीधे सुप्रीम कोर्ट चली गई थी। उसने बताया था कि ये बड़ा मामला हो सकता है और उसके पास मैन पावर कम है। इसके बाद ही सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी गठित करने के बादेश दिए थे। एसआईटी ने हर कॉलेज का दौरा कर नियमों की जांच की। जाे संस्थान नियमों को पूरा नहीं करते और जिन्होंने फर्जी तथ्य दिखाए, उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई।

35 संस्थान होंगे बंद

हाईकोर्ट ने 35 के करीब संस्थानों को बंद करने के भी आदेश दिए हैं। राज्य सरकार इन संस्थानों को बंद करने की प्रक्रिया को भी जल्द ही शुरू करेगी। इनकी मॉनिटरिंग की जा रही है।

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