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घर होगा साफ तभी साफ सुथरा होगा समाज

प्रदेश का सबसे बड़ा स्वच्छता अभियान शिमला कालका रेलवे ट्रैक पर शनिवार को शुरू हुआ। राज्यपाल आचार्य देवव्रत व...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 13, 2018, 02:05 AM IST

घर होगा साफ तभी साफ सुथरा होगा समाज
प्रदेश का सबसे बड़ा स्वच्छता अभियान शिमला कालका रेलवे ट्रैक पर शनिवार को शुरू हुआ। राज्यपाल आचार्य देवव्रत व हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस संजय करोल ने इसका शुभारंभ किया। शिमला से कालका के बीच 96 किलोमीटर के रेल ट्रैक पर 43 विभिन्न क्षेत्रों में किए जाने वाला प्रदेश का यह सबसे बड़ा स्वच्छता अभियान है। न्यायपालिका की सक्रिय भागीदारी तथा करीब 15 हजार से अधिक छात्र, गैर-सरकारी संगठनों और विभिन्न राज्य, केंद्र व रेलवे कर्मियों के सहयोग से यह अभियान शुरू हुअा है। राज्यपाल ने करीब एक किलोमीटर तक रेल ट्रैक पर सफाई भी की।

राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि हमारी मानसिकता ऐसी बन गई है कि हम सफाई करने वाले को छोटा और कूड़ा फैंकने वाले को बड़ा मानते हैं। राष्ट्रीय प्रकल्प के विषयों में हमारा योगदान शून्य रहता है। जबकि, हमारी संस्कृति वेदों की है और प्रकृति ने हमें विविधता देकर विशेष बनाया है। उन्होंने कहा कि इस धरोहर रेलवे ट्रैक पर रेल प्राधिकरण करोड़ों रुपए व्यय करता है और उनके लिए यह घाटे का सौदा है। जबकि यहां वर्षभर भारी संख्या में देशी व विदेशी पर्यटक आते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी पहचान है। उन्होंने रेल अधिकारियों से आग्रह किया कि वे ऐसी नीति बनाएं। जिससे यह फायदेमंद बने और पर्यटन को भी बढ़ावा मिले और आकर्षण का केंद्र बन सके। इसके लिए उन्होंने सहयोग का आश्वासन भी दिया।

शिमला कालका रेलवे ट्रैक में है 102 सुरंगेंंः इस मार्ग पर 102 सुरंगे हैं, लेकिन परंपरा के अनुसार लाइन में 103 सुरंगें मानी जाती है। लाइन पर 800 पुल तथा 900 मोड़ हैं और समय के साथ इस अवधि के दौरान लाइन 36 मीटर से अधिक ब्यास के विपरीत घुमावों (रिवर्स कर्व) के अनुक्रम के माध्यम से गुजरती है। सभी सुरंगें 1900 तथा 1903 के बीच निर्मित की गई हैं। सबसे लंबी सुरंग बड़ोग की है, जो एक किलोमीटर से अधिक लंबी है।

कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर स्वच्छता अभियान की शुरुअात

ये दिए टिप्स

1. स्वच्छ घर

कार्यवाहक चीफ जस्टिस संजय करोल ने छात्रों से मिलते हुए कहा कि वह स्वच्छ होम से शुरुआत करें। अपने परिवार के सदस्यों को भी स्वच्छता के बारे में बताएं। अपने आसपास भी सफाई रखें।

2. स्वच्छ रास्ते

राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि यह अभियान बंद नहीं होना चाहिए। स्ट्रीट काे स्वच्छ रखें। ताकि दूसरों के लिए आप प्रेरणा स्रोत बनें। छोटी-छोटी अच्छी आदतों को जीवन में अपनाकर अभियान का हिस्सा बनें।

3. स्वच्छ रोड यदि सड़कें साफ सुथरी होंगी तो ज्यादा पर्यटक आएंगे। पढ़े-लिखे होते हुए भी हम व्यवस्था के विपरीत कार्य करते हैं और जहां हमारे कदम पड़ते हैं वहीं जिम्मेदारी के विपरीत गंदगी फैलाने का कार्य करते हैं।

कार्यवाहक चीफ जस्टिस संजय करोल ने एचपीयू पहुंचकर अपने यूनिवर्सिटी के दिनों की यादों को ताजा किया

छात्रों को कमजोर वर्गों के पक्ष में खड़ा होना चाहिए

एजुकेशन रिपोर्टर | शिमला

हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस संजय करोल जैसे ही हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी के सभागार में पहुंचे तो उनकी पुरानी यादें ताजा हो गई। वे मंच पर जाने से पहले झुके, प्रणाम किया और फिर मंच पर बैठ गए। वे बोले 33 साल से इस क्षण का इंतजार कर रहा था, कब यूनिवर्सिटी के सभागार में खड़े होकर बोलने का मौका मिलेगा। यह सुनकर सभागार में बैठे शिक्षक व छात्र भावुक हो गए। शनिवार को चीफ जस्टिस संजय करोल लॉ विभाग की ओर से शुरू किए गए प्रोफेसर ओपी चौहान स्मृति तीसरी व्याख्यानमाला के अंतर्गत न्यायिक सक्रियता पर एक व्याख्यान देने के लिए विवि पहुंचे थे। वे विवि के लॉ विभाग में वर्ष 1987 के पहले बैच के छात्र रह चुके हैं।

चीफ जस्टिस ने कहा कि छात्रों को हमेशा समाज के सबसे कमजोर वर्गों के पक्ष में खड़े होना चाहिए। अपने शिक्षकों को नमन करते हुए उन्होंने कहां की विद्यार्थी के तौर पर उन्हें यह सिखाया गया था की आपका मजहब चाहे जो भी हो, जब आप न्याय प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं तो आपका सिर्फ एक ही धर्म होता है, वह है भारत का संविधान। उन्होंने मंच के सामने बैठे विश्वविद्यालय में पत्रकारिता के शिक्षक अजय श्रीवास्तव का नाम लेकर कहा कि यह मुझे विश्वविद्यालय के विकलांग विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर पत्र लिखते हैं और मैं उन पर न्याय करता हूं।

शिमला में शनिवार को शिमला कालका रेलवे हेरिटेज ट्रैक पर अायोजित सफाई अभियान के दौरान ट्रैक पर सफाई करते राज्यपालय आचार्य देवव्रत व कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय कराेल।

एचपीयू पहुंचने पर संजय करोल ने शिक्षकों का अभिवादन स्वीकार किया।

96 किलोमीटर के रेल ट्रैक पर 43 क्षेत्रों में किए जाने वाला प्रदेश का सबसे बड़ा स्वच्छता अभियान, न्यायपालिका की सक्रिय भागीदारी और 15 हजार लोग अभियान में शामिल

33 साल से इंतजार था, कब यहां बोलने का मौका मिलेगा

4. स्वच्छ स्कूल अपने स्कूल में ऐसा अभियान शुरू करें ताकि आपका स्कूल स्वच्छता में नंबर वन बने। जहां के युवा संस्कारवान हों, उनमें राष्ट्र भावना हो और बड़ों का आदर करते हों, वे हमेशा आगे रहते हैं।

5. स्वच्छ सिटी शहर को साफ सुथरा रखने की जिम्मेवारी सिर्फ सरकार और नगर निगम की ही नहीं होती हैं। यह हम सबका कर्तव्य है कि हम अपने शहर को साफ रखें। तभी हम जिम्मेदार नागरिक कहलाएं जाएंगे।

पंडित का ढाबा ज्यों का त्यों हैजब वे विधि विभाग से सभागार की ओर पैदल आ रहे थे तो वे बोले पोस्ट ऑफिस की सीढ़ियां,पंडित का ढाबा और अन्य चीजें बिल्कुल ज्यों की त्यों है। उन्होंने कहा कि एसएफआई और एबीवीपी द्वारा लिखे गए नारे भी परिसर में पहले की ही तरह हैं। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि हाईकोर्ट के 8 जजों में से 6 जज एचपीयू के लॉ विभाग में पढ़े हुए हैं। इस पहले लॉ विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. कंवलजीत सिंह ने उनका स्वागत किया।

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