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आईजीएमसी के डॉक्टर्स को हर मरीज की पर्ची पर लगानी होगी अपनी स्टैंप

Dainik Bhaskar

May 14, 2018, 02:05 AM IST

नशीली दवाओं पर भी लगेगा अंकुश सरकार के नशे के खिलाफ चल रहे अभियान में भी इसका बड़ा फायदा होने वाला है। मौजूदा समय में कुछ केमिस्टों के पास नशीली दवाएं आसानी से मिल जाती है। कई बार चिकित्सक भी नींद की गोली के रूप में यह दवाएं मरीजों को लिख देते हैं। मगर स्टैंप सिस्टम लागू होने के बाद चिकित्सक भी इस तरह की दवाएं लिखने से बचेंगे। वहीं यदि सरकार कैमिस्टों को भी निर्देश जारी करें कि वह नशीली दवाएं न बेचें तो नशे का कारोबार स्वयं बंद हो जाएगा। हाल ही में आईजीएमसी स्थित एक केमिस्ट शॉप में भी कई कैप्सूल नशीली दवाओं के ड्रग इंस्पेक्टर ने पकड़े थे।

सरकार को हर अस्पताल में शुरू करना चाहिए सिस्टम आईजीएमसी की तरह हर अस्पताल में स्टैंप के सिस्टम को लागू करती है तो जेनेरिक दवाएं लिखने की सरकार के आदेश स्वयं भी पालन होंगे। सरकार ने 330 दवाएं निशुल्क कर दी है। मगर अस्पतालों में कई चिकित्सक ब्रांडेड दवाएं लिख रहे हैं। ऐसे में मरीजों को फ्री दवाओं का लाभ नहीं मिल पाता। मगर इस तरह के सिस्टम के बाद स्वयं चिकित्सक जेनेरिक दवाएं लिखेंगे।

एमसीआई के भी निर्देश आईजीएमसी प्रशासन की ओर से जो सिस्टम अब लागू होगा, इसके लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया पहले ही निर्देश जारी कर चुका है। एमसीआई के निर्देशों के अनुसार हर चिकित्सक को पर्ची में अपनी स्टैंप, नाम, डेजिगनेशन व रजिस्ट्रेशन नंबर लिखना जरूरी किया गया है। मगर अभी तक इस तरह की कोई भी व्यवस्था प्रदेश के अस्पतालों में नहीं है। ऐसे में आईजीएमसी में इस व्यवस्था के लागू होने से एमसीआई के निर्देशों का भी पालन होगा।

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