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शिमला शहर को प्लानिंग से बनाया जाएगा जीरो वेस्ट

स्वच्छता की रैंकिंग में नंबर वन रहने वाले इंदौर शहर के फॉर्मूले को शिमला में लागू करके इसे स्वच्छ किया जा सकता है।...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 02:10 AM IST
स्वच्छता की रैंकिंग में नंबर वन रहने वाले इंदौर शहर के फॉर्मूले को शिमला में लागू करके इसे स्वच्छ किया जा सकता है। इंदौर शहर में हुई एशियाई महापौर नीति के सेमिनार से मेयर कुसुम सदरेट हाल ही में शामिल होकर आई हैं। मेयर ने शहर में सफाई व्यवस्था का जायजा भी लिया और शिमला शहर को कैसे पहले से अधिक साफ रखा जा सकता है इसके बारे में भी जानकारी ली। मेयर ने बताया कि केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत शिमला में जीरो वेस्ट कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। विशेष प्लान तैयार किया जाएगा और शहर में इस मिशन को पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जीरो वेस्ट पर आयोजित सेमिनार में री-यूज और रिसाइकिल प्रणाली के आधार पर कूड़े का निष्पादन करने की योजना बनाई गई है। इस योजना को शिमला में कैसे लागू किया जा सकता है इसकी संभावनाओं को देखते हुए प्लान तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जन सहभागिता को बढ़ाकर, लोगों को जागरूक करने, स्वच्छता मित्र बनाने से शहर में सफाई व्यवस्था और अच्छी हो सकती है। इस सेमिनार के दौरान मेयर ने शहर में कचरे के निपटारे और पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक दस्तावेज पर भी हस्ताक्षर किए हैं। इसमें शहरों की आबो हवा को साफ रखने के लिए शहरी निकाय की ओर से किए जाने वाले प्रयास किए जाने का वादा किया गया है।

भविष्य में पानी को बचाने पर दिया जाएगा बल

मेयर ने बताया कि न केवल आज की जरूरत को देखते हुए पानी को बचाने की जरूरत है बल्कि भविष्य में भी पानी बचा रहे और गुणवत्ता सही रहे इसके लिए अभी से शहरी निकायों को प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि अपशिष्ट जल के उपचार और उसके पुनःउपयोग के लिए हमें प्रयास करने चाहिए। पानी की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए जल सरंक्षण कूड़े का निपटान सही तरीके से किया जाना चाहिए।