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एचपीसीए केस: धूमल की अभियोजन मंजूरी को वापस लेने का रास्ता साफ

राज्य सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल पर मेहरबानी दिखाई है। हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 02:10 AM IST

एचपीसीए केस: धूमल की अभियोजन मंजूरी को वापस लेने का रास्ता साफ
राज्य सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल पर मेहरबानी दिखाई है। हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) मामले में उनके खिलाफ दी गई अभियोजन मंजूरी को सरकार वापस लेगी। पूर्व कांग्रेस सरकार के समय में ये अभियोजन मंजूरी दी गई है। सोमवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस मामले पर लंबी मंत्रणा हुई।

कैबिनेट ने कहा कि ये केस ‘पॉलिटिकल मोटिवेटिड’ था। पूरा केस राजनीतिक द्वेष की मंशा से तैयार किया गया था। विजिलेंस ने इस मामले में जो एफआईआर दर्ज की थी और जो केस तैयार किया गया था उसमें भी इन चीजों का जिक्र था। कैबिनेट की मुहर के बाद केस वापसी में सिर्फ राजभवन की मंजूरी की औपचारिकता रह जाएगी। माना जा रहा है कि एचपीसीए के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन केस वापस लेने की दिशा में यह कदम है। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय काफी अहम रहेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा था- कैसे है पॉलिटिकल मोटिवेटिड केस

सत्ता परिवर्तन के बाद शुरू हुई थी कार्रवाई

पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने वर्ष 2013 में सत्ता संभालने के बाद एचपीसीए सहित अनुराग ठाकुर पर 4 अलग-अलग मामले दर्ज किए थे।

3 अक्टूबर 2013 में अनुराग व अन्य एचपीसी अधिकारियों पर विजिलेंस थाना धर्मशाला में स्टेडियम में 720 वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर निर्मित सरकारी भवनों को बिना अनुमति के तोड़ कर स्टेडियम बनाना। विजिलेंस ने एफआईआर नंबर 12/13 के तहत आईपीसी की धारा 447, 120बी, पीडीपी एक्ट 13(2) के तहत मामला दर्ज किया था।

विजिलेंस ब्यूरो ने एचपीसीए के खिलाफ वर्ष 2013 एफआईआर नंबर 13/13 के तहत एचपीसीए को सोसायटी से कंपनी में तब्दील करने के आरोप में जांच शुरू की थी।

एचपीसीए पर होटल पैवेलियन के लिए सरकारी भूमि से सैकंडों पेड़ काटने के मामले में आरोप लगा कर मामला दर्ज किया गया था। विजिलेंस विभाग ने एफआईआर नंबर 14/13 के तहत अनुराग ठाकुर , विशाल मरवाह, संजय कुमार सहित वन व राजस्व विभाग के कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

विजिलेंस विभाग ने अनुराग ठाकुर व अरूण धूमल के खिलाफ धर्मशाला के काला पुल के समीप नौतोड़ भूमि खरीदने के मामले में एफआईआर नंबर 17/13 के तहत मामला दर्ज कर चालान न्यायालय में पेश किया था।

सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल सरकार से पूछा था कि क्या वह धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम में हुई अनियमितता मामले में सांसद अनुराग ठाकुर और एचपीसीए के खिलाफ आपराधिक मुकदमों को वापस लेगी? सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि इससे पहले एचपीसीए, अनुराग ठाकुर व अन्य दावा कर रहे थे कि ये सभी मामले राजनीति से प्रेरित हैं तो क्या नई भाजपा सरकार उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेगी? यह केस कैसे पॉलिटिकल मोटिवेटिड है।

प्रेम कुमार धूमल ने लिखा था सीएम जयराम ठाकुर को पत्र

धूमल ने हाल ही में सीएम जयराम को पत्र लिखा था। कहा गया था कि पूर्व सरकार ने राजनीति से प्रेरित होकर उनके खिलाफ झूठा केस बनाया है, जिसे वापस लिया जाना चाहिए। एचपीसीए विवाद में दो आईएएस अफसरों के खिलाफ अभियोजन मंजूरी को सरकार ने हाल ही में वापस लिया था। अब सरकार पूर्व सीएम के खिलाफ विजिलेंस जांच को दी अभियोजना मंजूरी वापस लेगी।

3 मामले चल रहे हैं अदालत में

कांग्रेस ने विपक्ष में रहते मामला उठाया था और सत्ता में आते ही विजिलेंस को जांच सौंपी। धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम निर्माण के लिए सरकारी भवन गिराने, वन भूमि पर होटल बनाने और लालपानी स्थित क्रिकेट अकादमी के संबंध में केस दर्ज करवाए थे। यह तीनों मामले कांग्रेस सरकार ने अदालत में दायर किए थे।

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